कोरबा (नईदुनिया प्रतिनिधि)। लगातार की जा रही निगरानी के बीच स्वास्थ्य विभाग ने अब तक एक हजार से अधिक लोगों का चिन्हांकन कर होम आइसोलेट किया है। इनमें विदेश से लौटे लोग, कमाने के लिए दीगर राज्य गए मजदूर व ग्रामीण, महानगरों से लौटे विद्यार्थी व अन्य शामिल हैं। खासकर विदेशों व कोरोना प्रभावित संदिग्ध प्रदेशों से लौटे लोगों को संक्रमण से बचने निर्धारित पैरामीटर्स का ध्यान रखते हुए उनके घर में ही विशेष निगरानी में रखा गया है। अगर आपको भी अपने आसपास किसी के बाहर से लौटने की जानकारी मिले, तो इसकी सूचना तत्काल 104 में कॉल कर प्रदान करें।

इन व्यक्तियों की पहचान 104 पर मिली सूचना, हेल्पलाइन नंबरों, शहरी व ग्रामीण क्षेत्र के अन्य स्त्रोतों से पता चलने पर करते हुए सूचीबद्ध किया गया है। कोरोना संकट को लेकर सड़क से लेकर शासन-प्रशासन की ओर से शासकीय-अर्धशासकीय संस्थाओं की व्यवस्था में सख्ती और बढ़ा दी गई है। किसी माध्यम से खासकर भीड़ की आड़ में वायरस के संक्रमण को बढ़ने से रोकने पहले ही लॉकडाउन घोषित है। खासकर उन परिवारों को विशेष रूप से फोकस किया जा रहा, जिनमें कोई सदस्य बाहर से लौटा है। इनमें चाहे कोई विदेशों की यात्रा कर लौटा हो, दीगर राज्यों या महानगर व प्रभावित राज्य के शहरों से लौटा हो। अब तक की स्थिति में स्वास्थ्य विभाग की ओर ऐसे एक हजार से अधिक लोगों का चिन्हांकन किया गया है, जिन्हें उनके अपने ही घर में होम आइसोलेशन पर रखा गया है। इस तरह उन्हें कोरोना संक्रमण से खुद, अपने परिवार को व आसपास के लोगों से दूर रहने और संक्रमण को रोकने निर्धारित सावधानी व सतर्कता नियमों का पालन करने के निर्देश भी दिए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि बाहर से आए लोगों को विशेष रूप से सतर्क एवं सावधान रहने की जरूरत है, ताकि इस महामारी को समाज व देश से दूर भगाया जा सके।

-घबराएं नहीं, अच्छा है जो पहचान हुई

नईदुनिया के पाठकों को यह बात समझ लेना चाहिए कि होम आइसोलेशन कोरोना से बचने की एक अनिवार्य प्रक्रिया है। जिले में एक हजार लोगों का चिन्हांकन किया जाना स्वास्थ्य विभाग की सतर्कता जताती है। अच्छी बात यह है कि इन लोगों की पहचान हो सकी, ताकि उन्हें होम आइसोलेट किया जा सका। इस प्रक्रिया से ऐसे लोग, जो अन्य प्रदेशों, महानगरों या विदेशों से आए हैं, उनको घर में बंद रख किसी प्रकार संक्रमण की संभावना के प्रति एहतियाती कदम उठाते हुए रोका जा रहा है। इसलिए अगर आपको भी किसी के बाहर से आने की कोई ऐसी सूचना मिले, तो तत्काल 104 में सूचित करें।

-जिला अस्पताल में भी निगरानी में एक

इसके अलावा जिला अस्पताल में फिलहाल सिर्फ एक व्यक्ति आइसोलेशन में है। इसके अलावा संयंत्र के अस्पतालों के आइसोलेशन कक्ष खाली हैं। होम आइसोलेशन में रखे गए लोगों में राजस्थान, महाराष्ट्र व केरल समेत अन्य राज्य, देश के महानगरों या बड़े शहरों या बाहरी प्रदेशों व विदेशों की यात्रा करने वाले शामिल हैं। उन्हें स्वास्थ्य विभाग की निगरानी में रखा गया है। ऐसे लोग जो बाहर के राज्यों में कमाने-खाने गए थे, वे भी निगरानी में रखे गए हैं। खासकर महाराष्ट्र, पंजाब, केरल, उत्तर प्रदेश, बिहार, दिल्ली से लौटे हैं, उनकी लिस्ट बनाई गई है। उन्हें होम आइसोलेट करते हुए क्वारंटाइन किया जा चुका है। उनके मकान के बाहर सूचना भी चस्पा कर दी गई है, कि उन्हें होम आइसोलेट किया जाता है।

-सात सैंपल गए, दो नेगेटिव, एक रिजेक्ट

अब तक की स्थिति में जिले से सात लोगों के सैंपल जांच के लिए भेजे जा चुके हैं। जांच रिपोर्ट प्राप्त हो चुकी हैं, जो नेगेटिव हैं। नॉर्म्स के अनुसार जिनका सैंपल भेजना है, उनमें वही लोग हों, जो सीधे तौर पर लक्षण धारक हैं। अगर किसी व्यक्ति में लक्षण दिखाई दिए, तो उनका सैंपल भेजना है, पर उनके परिवार के किसी अन्य सदस्य का सैंपल एक्सेप्ट नहीं किया जाएगा। सबसे पहले मुख्य व्यक्ति की रिपोर्ट का इंतजार किया जाएगा और अगर उसकी रिपोर्ट नेगेटिव है, तो परिवार के अन्य सदस्यों की जांच की जरूरत नहीं। नेगेटिव रिपोर्ट वालों को भी क्लीन चिट नहीं दी गई है और वर्तमान में वे निगरानी में हैं।

-परिजन समेत बाल्को के डॉक्टर होम आइसोलेट

स्वास्थ्य विभाग की निगरानी टीम ने बाल्को के एक डॉक्टर को परिवार समेत होम आइसोलेट कर दिया है। डॉक्टर की पत्नी भी एक निजी अस्पताल में चिकित्सक हैं। पिछले दिनों उनकी बेटी दिल्ली से लौटी थीं। डॉक्टर खुद बेटी को लेने रायपुर एयरपोर्ट गए थे। ऐसे में घर में रहने की बजाय बेरोकटोक बाहर घूम रहे थे। डॉक्टर को उनकी संस्था ने घर पर रहने के निर्देश थे, पर ऐसा करने की बजाय डॉक्टर दंपती बुधवार को भी एक चिकित्सा संस्थान में देखे गए। स्वास्थ्य विभाग को सूचना मिलने पर एक टीम शारदा विहार के एक अपार्टमेंट स्थित उनके घर पहुंची और उन्हें आइसोलेट कर घर में रहने की सख्त हिदायत दी है।

-कटघोरा में 215, सीएचसी में आइसोलेशन नहीं

कोरोना वायरस के संक्रमण की रोकथाम एवं नियंत्रण को देखते हुए जिला प्रशासन ने सभी विकासखंड के चिकित्सकों को बाहर से आए लोगों का चिन्हांकन करने के निर्देश दिए हैं। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कटघोरा की बात करें, तो 50 बिस्तर के इस सर्वसुविधायुक्त अस्पताल में क्षेत्र के लोग बड़ी संख्या में उपचार के लिए पहुंचते हैं। बावजूद इसके सीएचसी में आइसोलेशन कक्ष की व्यवस्था नहीं है। कटघोरा बीएमओ डॉ. रुद्रपाल सिंह कंवर का कहना है कि सीएचसी में आइसोलेशन कक्ष बनाने जिला मुख्यालय से कोई निर्देश प्राप्त नहीं हुआ है। अब तक कटघोरा ब्लॉक में बाहर से आने वालों की सूची में 215 नाम जुड़ चुके हैं, जिन्हें चिन्हांकित कर होम क्वारंटाइन में रखते हुए निगरानी की जा रही।

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Posted By: Nai Dunia News Network

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