कोरबा (नईदुनिया प्रतिनिधि)। कोयला कर्मियों के 11 वें वेतन समझौता को लेकर अब तक जेबीसीसीआई की बैठक की तिथि निर्धारित नहीं हो सकी है। वहीं इंटक ने कमेटी में शामिल नहीं किए जाने पर उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर दी है। इससे कर्मियों में संशय की स्थिति उत्पन्ना हो गई है कि कहीं वेतन समझौता आगे तो नहीं बढ़ जाएगा। इंटक के लिए चार पद रिक्त रखे गए हैं। किंतु तीन अलग-अलग गुट होने की वजह से प्रतिनिधियों का चयन नहीं हो पा रहा। इसलिए अब तक कमेटी में नाम शामिल नहीं किया गया है। अब इसे लेकर इंटक न्यायालय पहुंच गई है।

साउथ इस्टर्न कोलफिल्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) समेत कोल इंडिया की अन्य आनुषांगिक कंपनियों में कार्यरत कर्मचारियों का नया वेतनमान एक जुलाई से लागू होना है। कोयला मंत्रालय व कोल इंडिया प्रबंधन ने श्रमिक संगठन के प्रतिनिधियों के साथ जेबीसीसीआई का गठन भी कर दिया है। इसके साथ ही चार यूनियन एटक, बीएमएस, एचएमएस व सीटू ने संयुक्त रूप से चार्टर आफ डिमांड भी प्रबंधन को सौंप दिया है। इसमें मूल वेतन का 50 फीसद बढ़ोत्तरी का प्रस्ताव रखा गया है। प्रबंधन ने 15 जून तक पहली बैठक आयोजित करने का आश्वासन दिया था, पर अभी तक बैठक नहीं हो सकी। प्रबंधन नई तिथि भी निर्धारित नहीं की है। इधर इंटक ने जेबीसीसीआई में शामिल नहीं किए जाने पर उच्च न्यायालय में याचिका दायर की है, पर कोरोना संक्रमण काल की वजह से अभी तक याचिका पर सुनवाई नहीं हो सकी। बताया जा रहा है कि 25 जून को सुनवाई की तिथि निर्धारित की गई है। इंटक के न्यायालय जाने से कोयला कर्मियों में संशय की स्थिति निर्मित हो गई है। उन्हें वेतन समझौता टलने की आसार नजर आने लगे हैं। हालांकि इस बारे में फिलहाल कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी। बीएमएस के कोयला क्षेत्र सहप्रभारी सुरेंद्र पांडेय ने बताया कि प्रबंधन ने अभी तक जेबीसीसीआई की बैठक की तिथि निर्धारित नहीं की है। एचएमएस के अध्यक्ष व जेबीसीसीआई सदस्य नाथूलाल पांडेय ने कहा कि प्रबंधन को जल्द बैठक बुला कर वेतन समझौता किया जाना चाहिए।

तीनों गुट ने दिए 24 सदस्यों का नाम

जेबीसीसीआई में इंटक के चार स्थाई व चार विकल्प प्रतिनिधि रखने के लिए स्थान रिक्त रखा गया है, पर इंटक में तीन गुट होने की वजह से विवाद की स्थिति बनी हुई है। कोयला क्षेत्र से जुड़े जानकारों का कहना है कि इंटक के तीनों गुट (रेड्डी, चंद्रशेखर व तिवारी) जेबीसीसीआई में शामिल होने दावेदारी कर रहे हैं। तीनों गुट से आठ- आठ प्रतिनिधियों (कुल 24) का नाम कोल प्रबंधन को सौंपा गया है। कोयला मंत्रालय ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि न्यायालय से अधिकृत गुट को प्रतिनिधित्व दिया जाए, लेकिन तीनों गुट से नाम आने पर प्रबंधन भी पसोपेश में पड़ गया है।

शेष यूनियन से लिए गए 28 सदस्य

जेबीसीसीआई में प्रबंधन ने पिछली बार की तरह इस बार भी एचएमएस व बीएमएस से चार-चार स्थाई व चार-चार वैकल्पिक सदस्य लिए हैं। वहीं एटक व सीटू से तीन- तीन स्थाई व इतने ही वैकल्पिक सदस्य शामिल किए हैं। इस तरह चार श्रमिक संघ की ओर से कुल 28 सदस्य शामिल हैं। वहीं प्रबंधन की ओर 14 सदस्यों को शामिल किया गया है।

Posted By: Nai Dunia News Network

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