छुरीकला (नईदुनिया न्यूज)। नवरात्र पर्व के अंतिम दिवस नवमी पर कोसगाई पहाड़ में विराजमान मां कोसगाई देवी दर्शन के लिए पहाड़ी उपर चढने वालों की कतार सुबह से लगी रही। नगर के समीप घने पेंडो के बीच विराजमान मां मुरित दाई में दर्शनार्थीयों की भीड़ लगी रही। नवमीं तिथि होने से इन देवी मंदिरों व दुर्गा पंडालों मे हवन पूजन अनुष्ठान कर कन्या भोज कराया गया।

नौ दिनों तक चले नवरात्र पर्व के दौरान दुर्गा पंडालों मे बच्चों व महिलाओं के अनेक कार्यक्रम आयोजित किए गए। इसके साथ मांदर के थाप पर जसगीतों का आयोजन किया गया। महा आरती जयकारों से पूरा नगर गूंजमान होता रहा। दुर्गा पंडालों में प्रतिदिन शाम होते ही देवी दर्शन के लिए कतार लगी रही। कोसगाई पहाड़ में उपर विराजमान मां कोसगाई देवी मंदिर में श्रद्धालुओं के मनोकामना ज्योति कलश जलाए गए थे कोसगाई दर्शन के लिए जिले के ग्रामीण अंचल के देवी भक्त सहित अन्य जिलों से भी दर्शन के लिए पहुंच कर देवी के समक्ष मत्था टेका। इसके अलावा मां कोसगाई देवी की छोटी बहन के रुप मे जाने जाने वाली नगर के पास घने वृक्षों के बीच विराजमान मुरित दाई में भी श्रद्धालुओं के मनोकामना ज्योति कलश जलाए गए थे। बताया जाता है मुरित दाई मां कोसगाई देवी की छोटी बहन है और दोनों बहन पहले इसी स्थान पर रहते थे। परंतु कोसगाई देवी को खुला स्थान पसंद था, इसलिए वे यहां से निकलकर पहाड़ उपर विराजमान हो गई। पहाड़ से अपनी बहन व पूरे क्षेत्र का निगरानी करती रहती हैं, इस कारण मंदिर नहीं बनाया गया है। मुरित दाई में भी इस नवरात्र पर लगभग तीन सौ मनोकामना ज्योति कलश जलाए गए थे, इसके दर्शन के लिए भीड़ लगी रही रहती है।

Posted By: Nai Dunia News Network

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