कोरबा (नईदुनिया प्रतिनिधि)। राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र कहे जाने वाले विशेष पिछड़ी जनजातिय वर्ग के युवाओं के लिए राज्य सरकार ने सीधी नौकरी देने की योजना बनाई है। विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल वर्चुअल माध्यम से प्रदेश भर के जिला स्तरीय कार्यक्रम में शामिल हुए और कोरबा जिले के पांचवीं से बारहवीं तक शिक्षित 21 यवाओं को नियुक्ति पत्र प्रदान की। विभागों में इन्हे रिक्तियों के आधार पर प्राथमिकता से नौकरी दी जाएगी।

राज्य में छह विशेष पिछड़ी जनजातियां में पंडो, बिरहोर, अबूझमाड़िया, पहाड़ी कोरवा, बैगा व कमार शामिल हैं। ये जनजातियां आज भी आदिम परंपराओं व संस्कृति का पालन करती हैं। इन्हे समाज व शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने की पहल की शुरूआत विश्व आदिवासी दिवस के दिन से राज्य सरकार ने की है। इसके लिए सरकार ने राज्य भर में इस जनजाती वर्ग के शिक्षा स्तर का सर्वे कराया गया है। इस दौरान यह पता चला है कि 3786 लोग पांचवीं, 3031 आठवीं, 1233 हाईस्कूल, 1482 हायर सेकेंडरी, 73 स्नातक और 18 ने स्नातकोत्तर तक की पढ़ाई की है। छत्तीसगढ़ राज्य को अस्तित्व में आए 20 साल का समय गुजर गया है। इसके बाद भी इनके जीवन शैली में खास परिवर्तन नहीं आ सका। पहाड़ पर रहने वाले इन विशेष पिछड़ी जनजाति के लोगों को मैदानी क्षेत्र मे लाने के बाद भी उनके रहन सहन में पूर्ण बदलाव नहीं लाया जा सका है। यहां बताना होगा कि कोरबा जिले के कटघोरा विकासखंड को छोड़ दिया जाए तो शेष पाली, पोड़ी उपरोड़ा, कोरबा और करतला के 68 ग्राम पंचायतों में कोरवा व बिरहोर जनजाति के लोग निवासरत हैं। आदिवासी विकास विभाग के सर्वे के अनुसार इनकी जनसंख्या चार हजार 934 है। आदिवासी जिला होने के लिहाज से जिले के सभी 412 ग्राम पंचायत आदिवासी वर्ग के लिए आरक्षित है लेकिन एक भी पंचायत में कोरवा या बिरहोर सरंपच नहीं हैं।

दो सहायक शिक्षक तो 19 को भृत्य की नौकरी

कोरबा जिले के जनजाती वर्ग के दो लोगों को तृतीय वर्ग श्रेणी में रखते हुए सहायक शिक्षक के पद पर नियुक्त किया गया है। ये कक्षा बारहवीं तक पढ़ाई किए हैं। शेष 19 को चतुर्थ श्रेणी में शामिल करते हुए स्कूल व पशु औषधालय में भृत्य की नौकरी प्रदान की गई है। कलेक्टर संजीव झा ने बताया कि 322 जनजाति वर्ग के शिक्षित पात्र लोगों को नौकरी के लिए चिन्हित किया गया है। भर्ती के आवश्यक प्रक्रिया जारी है। रिक्तियों के आधार पर नियुक्तियां की जाएंगी।

सामाजिक विकास को मिलेगी नई दिशा- बघेल

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल आदिवासी दिवस के अवसर पर जिला स्तरीय काय्रकमों में वर्चुअल शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होने विशेष पिछड़ी जन जाति के लोगों को शासकीय सेवा के नियुक्ति पर कहा कि इस वर्ग के लोगों को योग्यता के अनुसार शासकीय योजनाओं से जोड़ने से सामाजिक विकास की गति को नई दिशा मिलेगी। समाज में शिक्षा को बढ़ावा मिलने से व्याप्त कुरीतियां दूर होंगी।

Posted By:

NaiDunia Local
NaiDunia Local
  • Font Size
  • Close