कोरबा (नईदुनिया प्रतिनिधि)। मेडिकल कालेज के जिला अस्पताल में मेडिकल वेस्ट का निपटान नहीं हो रहा। आपरेशन थियेटर लाकर वेस्ट को परिसर में खुले आसमान के नीचे डंप किया जा रहा। निपटान करने वाले कंपनी को पिछले तीन माह से भुगतान नहीं किया। इस वजह से पांच दिनों से कचरों का उठाव नहीं हो रहा। डंप कचरों के सड़न से गंदगी व बदबू फैल रही। इस अव्यवस्था से अस्पताल में दाखिल मरीज व परिजन हलकान हैं।

बायो मेडिकल वेस्ट निपटान की दिशा में मेडिकल कालेज के असंवेदनशील रवैया का खामियाजा अस्पताल के मरीज व स्टाफ को भुगतना पड़ रहा है। अस्पताल प्रबंधन ने मेडिकल वेस्ट निपटान करने वाले ठेका कंपनी को बीते वर्ष की राशि का भुगतान नहीं किया है। कंपनी इस शर्त पर उठाव के लिए तैयार हुई थी कि उसे प्रति माह भुगतान किया जाए। जनवरी माह के भुगतान के बाद फरवरी, मार्च और अप्रैल का भुगतान मेडिकल कालेज ने रोक दिया है। ऐसे में नाराज ठेकेदार ने वेस्ट का फिर से उठाव बंद कर दिया है। इसके साथ ही जिला अस्पताल की स्वच्छता व्यवस्था पर प्रश्न चिन्ह लग गया है। खास बात यह है कि जिस जगह में मेडिकल वेस्ट को डंप किया जा रहा उसके 50 मीटर के दायरे में अस्पताल का रसोई संचालित है। दोपहर होते ही भोजन के लिए मरीजों के स्वजनों की यहां कतार लगी रहती है। गंदगी की ढेर से मक्खियां उड़कर रसोई तक पहुंच रहे हैं। बदबू के कारण भोजन की कतार में लगे लोग एक हाथ में थाली तो दूसरे हाथ से नाक और मुंह को बंद किए रहते हैं। लंबे समय से रखे मेडिकल वेस्ट की बदबू अस्पताल के अलावा आसपास चिकित्सा कालोनी में भी फैलने लगी है। मामला केवल बायो मेडिकल वेस्ट की ही नहीं बल्कि प्रतिदिन अस्पताल की सफाई के बाद निकलने वाले कचरों के लिए स्थाई निपटान का भी है। ऐसे में सफाई कर्मी परिसर में बने सुलभ कांप्लेक्स के पीछे कचरे को फेंक रहे हैं।

कबाड़ हो चुका है निपटान मशीन

जिला अस्पताल में बायो मेडिकल वेस्ट निपटान के लिए स्वयं की व्यवस्था नहीं है। सात साल पहले परिसर में 56 लाख की लागत बायो मेडिकल वेस्ट निष्पादन संयंत्र स्थापित किया गया था। साल भर चलने के यंत्र में तकनीकी खराबी आ गई। समय रहते सुधार नहीं किए जाने के कारण मशीने कबाड़ में तब्दील हो गई है। अनुमान लगाया जा रहा है कि जिला अस्पताल को मेडिकल कालेज को हस्तांतरित करने से व्यवस्था में सुधार होगी, लेकिन अव्यवस्था यथावत है।

भूमिगत निष्पादन करने का है नियम

मेडिकल वेस्टेज को जमीन में गड्ढे खोद कर निष्पादन करने का नियम है। जिसका पालन नहीं होने की वजह गंदगी के साथ कर्मचारियों के स्वास्थ्य पर विपरीत असर की भी संभावना बनी हुई है। फेंके गए वेस्ट में मानव अंग, प्रसव के दौरान निकले अपशिष्ट, सिरेंज, दवा के रेपर आदि शामिल रहते हैं। निष्पादन में की जा रही देरी के कारण कुत्तों व मवेशियों का यहां जमावड़ा लगा रहता है।

बायो मेडिकल वेस्ट उठाने वाले कंपनी का तीन माह से राशि बकाया था। जिसका भुगतान कर दिया गया है। डंप कचरे का उठाव शीघ्र ही करा लिया जाएगा।

डा. अविनाश मेश्राम, डीन, जिला मेडिकल कालेज

Posted By: Nai Dunia News Network

NaiDunia Local
NaiDunia Local