कोरबा। वनमंडल क्षेत्र के किसी भी रेंज में हाथी आने की खबर मिलते ही तत्काल उस रेंज में तेंदू पत्ता संग्रहण बंद करा दिया जाएगा। कटघोरा वनमंडल में हाथियों का दल पिछले डेढ़ साल से स्थाई रूप से भ्रमण कर रहा है। वर्तमान में पोंड़ी उपरोड़ा के ग्राम तेंदूटिकरा, सेमराहा, पंडोपारा के निकट जंगल में पिछले कुछ दिनों से हाथियों ने डेरा डाल रखा है। आगामी एक मई से तेंदूपत्ता संग्रहण शुरू होने की संभावना है। इस आशय से हाथियों से सुरक्षित रहने के लिए एसडीएम ने ग्रामीणों को सतर्क रहने के लिए कहा है।

जिले के सभी वन परिक्षेत्रों में माह के अंत तक तेंदूपत्ता संग्रहण का कार्य शुरू होने वाला है। कटघोरा वनमंडल के पसान व केंदई वनपरिक्षेत्र में हाथियों के लगातार स्थाई विचरण संग्राहकों में अभी से चिंता बनी हुई है। गौरेला-पेंड्रा- मारवाही वनमंडल से जुड़े होने से हाथियों के लिए यह अनुकूल क्षेत्र साबित हो रहा है। दल का गांव के निकट होने से ग्रामीणों में भय वातावरण बना हुआ है।

बहरहाल तेंदूपत्ता संग्रहण के संबंध में एसडीएम संजय मरकाम का कहना है कि जानकारी के अभाव में लोग जंगल चले जाते हैं, औचक हाथी से सामना होने के कारण लोग मौत के मौत के मुंह में समा जाते हैं। इस तरह की स्थिति से निपटने के लिए रेंज अफसर व बीट गार्डों को हाथी से एलर्ट करने की जिम्मेदारी दी गई है।

हाथियों के आगमन की जानकारी से ग्रामीणों को पहले से अवगत कराया जाएगा ताकि वे जान जोखिम में डाल तेंदूपत्ता तोड़ने संग्राहक जंगल में न जाएं। किसी भी रेंज में जब तक हाथियों का दल काबिज रहेगा तब तक वहां तेंदूपत्ता की खरीदी बंद रहेगी। हाथियों कें जाने के बाद संग्रहण कार्य फिर से शुरू कर दिया जाएगा।

रात्रि में स्थल बदलते हैं हाथी

वन विभागीय के अधिकारी की माने तो हाथी दिन में एक निश्चित स्थान पर रहना पसंद करते हैं। ज्यादात झुंड अपना सफर रात में तय करते हैं। रात के समय इन्हे नियंत्रित करने में भी कठिनाई होती है। वन विभाग के अधिकारी लगातार हाथियों की निगरानी करते हैं। किसी भी गांव के निकट पहुंचने पर उसकी पूर्व सूचना ग्रामीणों को देने के लिए कहा गया है। हाथियों अलग-अलग दल में बंटे होने से वनोपज संग्रहण के लिए जंगल में जाना खतरे से खाली नहीं है।

बुजुर्ग व बच्चों को दूर रखने की चेतावनी

वनोपज संग्रहण के दौरान अक्सर बुजुर्ग अथवा बच्चों की हाथी के चपेट में आने की संभावना रहती है। विभागीय अधिकारी की माने तो वनसमितियों को यह आगाह किया जा रहा है कि संग्रहण कार्य के लिए बुजुर्ग व बच्चों को न ले जाएं। अधिक सघन जंगल की ओर जाने से बचें। हो सके तो जन समूह के आसपास ही पत्ता संग्रहण करें, ताकि खतरा भांप कर एक दूसरे की मदद कर सकें।

वनमंडल क्षेत्र में हाथियों के आने की संभावना कभी भी बनी रहती है। ऐसे में हाथियों से सुरक्षित रहने के लिए लोगों को जागरूक करने वन अमले के साथ शिक्षक, सचिव व कोटवार आदि के माध्यय से जागरूक किया जा रहा है। किसी भी रेंज में हाथी आता है तो वहां तेंदूपत्ता संग्रहण कार्य को उस समय तक के लिए बंद करा दिया जाएगा जब तक हाथियों का दल पलायन न कर जाए।

संजय सिंह मरकाम, एसडीएम, पोड़ी उपरोड़ा

Posted By: Nai Dunia News Network

नईदुनिया ई-पेपर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे

नईदुनिया ई-पेपर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे

डाउनलोड करें नईदुनिया ऐप | पाएं मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की सभी खबरों के साथ नईदुनिया ई-पेपर,राशिफल और कई फायदेमंद सर्विसेस

डाउनलोड करें नईदुनिया ऐप | पाएं मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की सभी खबरों के साथ नईदुनिया ई-पेपर,राशिफल और कई फायदेमंद सर्विसेस

 
Show More Tags