पोड़ी-उपरोडा। नईदुनिया न्यूज

एतमानगर के जंगलों में पिछले 15 दिन से जमा 42 हाथियों का एक झुंड क्षेत्र के ग्रामीण अंचलों के लिए दहशत का पर्याय बनता जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि दिन के वक्त आबादी क्षेत्र के बाहर झुंड को देखा जाता है, जो शाम होते-होते गांव में घुस आते हैं। पूरी रात तांडव मचाने के बाद वे भोर में फिर घने जंगल में बने अपने डेरे की ओर लौट जाते हैं। पिछले कुछ दिनों में ही यहां ग्राम बालापचरा व खुरूभांठा में इन हाथियों ने आठ मकान क्षतिग्रस्त कर डाले हैं।

हाथियों के इस बड़े झुंड का लगातार किया जा रहा उत्पात कटघोरा वनमंडल के केंदई वनपरिक्षेत्र में ग्रामीणों व वन विभाग के लिए सरदर्द बनता जा रहा है। उत्पाती हाथियों का यह झुंड एतमानगर वनपरिक्षेत्र में लगभग 15 दिन से डेरा जमाए हुए है। इस क्षेत्र के ग्राम बालापचरा, खुरूभांठा में अब तक आठ मकानों को क्षतिग्रस्त कर दिया है। साथ ही किसानों के अरहर, धान, हिरवा की फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया है। प्रभावित किसान राम प्रसाद ने बताया कि शाम होते ही हाथियों का झुंड धीरे-धीरे गांव की ओर चिंघाड़ मारते हुए घुसने लगते हैं। अभी तक गांव के आठ मकानों को हाथियों ने तहस-नहस कर दिया है, जिसकी सूचना वन विभाग के अधिकारियों को दे दी गई है।

घर से मशाल बना रतजगा को मजबूर

गजराज वाहन एवं हाथी मित्र की मदद से झुंड पर नजर रखी जा रही है। पचरा बीट गार्ड सीमा सारथी ने बताया कि लगभग एक पखवाड़े से हाथियों का यह झुंड क्षेत्र में विचरण कर रहा है, जिस पर हमारी टीम की नजर लगातार बनी हुई है। टीम की ओर से क्षेत्र प्रभावित ग्रामीणों से सावधानी बरतने कहा जा रहा है। ग्रामीण भी अपने बचाव में मशाल जलाकर रतजगा करने मजबूर हैं। विभागीय संसाधनों की कमी के चलते ग्रामीण अपने घरों से मशाल बनाकर व टॉर्च की मदद से हाथी मित्र दल के साथ सर्चिंग में सहयोग प्रदान कर रहे हैं। हाथियों की दहशत में ग्रामीण शाम होने के पहले ही घरों में दुबक जाते हैं।

Posted By: Nai Dunia News Network

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