कोरबा (नईदुनिया प्रतिनिधि)। कोरोना की दूसरी लहर शुरु होने के लंबे समय बाद भी जिले में अब तक आरटीपीसीआर जांच की सुविधा शुरू नहीं हो सकी है। जिला अस्पताल में जांच मशीन के साथ लैब तैयार है पर तकनीशियन के अभाव में लैब चालू नहीं हुआ है। यहां के मरीजों को दूसरे जिले के लैब पर निर्भर रहना पड़ रहा है। दूसरे जिले से रिपोर्ट पहले पांच दिन के भीतर आ जाता था, लेकिन वहां भी सैंपल अधिक आने से रिपोर्ट आने में सप्ताह भर से अधिक का समय लग रहा है। 2812 मरीजों की रिपोर्ट सप्ताह भर बाद भी नहीं मिली है। ऐसे में समय रहते उनका इलाज संभव नहीं हो पा रहा है।

कोरोना संक्रमण की शुरुआत से लेकर जिले में मई माह के पहले सप्ताह तक चार लाख 50 हजार 334 लोगों ने कोरोना जांच कराया है। इनमें एक लाख 4905 लोगों ने आरटी पीसीआर जांच शामिल है। सात हजार 959 लोगों का पाजिटिव और शेष 93471 लोगों का रिपोर्ट निगेटिव आया है। जांच की सुविधा जिले में नहीं होने के कारण लोगों को दीगर जिले के लैब में निर्भर रहना पड़ रहा है। 2812 लोगों की रिपोर्ट अभी भी नहीं आई है। आरटीपीसीआर कोरोना जांच के लिए जिला अस्पताल में लैब तैयार किया जा चुका है। प्रशिक्षित तकनीशियन नहीं होने के कारण सैंपल नहीं लिया जा रहा हैं। तकनीशियनों को प्रशिक्षण के लिए रायपुर भेजा गया। सप्ताह गुजर जाने के बाद भी वापसी नहीं हुई है। मरीजों को एंटीजन और ट्रू नेट जांच पर ही निर्भर रहना पड़ रहा है। दोनों ही जांच सिस्टम से आरटीपीसीआर को अधिक विश्वसनीय माना जाता है। समय रहते रिपोर्ट नहीं आने से इलाज की प्रक्रिया शुरू करने में कठिनाई हो रही है।

अंजान संक्रमित के संपर्क से फैल रहा संक्रमण

आरटीपीसीआर के लिए दूसरे जिले में निर्भरता से समय पर रिपोर्ट नहीं मिल रहा है। जिले से जांच रिपोर्ट को पहले रायगढ़ भेजा जाता था। यहां सैंपल लेने से मना किए जाने के बाद अब बिलासपुर और रायपुर लैब भेजा जा रहा है। रिपोर्ट के इंतजार में अंजान संक्रमित स्वस्थ लोगों के संपर्क में आकर उन्हें संक्रमित कर रहे हैं। ऐसे में लाकडाउन होने के बाद भी संक्रमण चेन टूटने का नाम नहीं ले रहा।

जांच के नाम पर लग रही भीड़

कोरो ना जांच के लिए पर्याप्त केंद्र नहीं खोलने के कारण जिला अस्पताल में लोगो की भीड़ लग रही है। शारीरिक दूरी का पालन नहीं होने से जिनके रिपोर्ट निगेटिव आने की संभावना थी उनका पाजिटिव आ रहा है। जिले में टीकाकरण के लिए केंद्र बढ़ाए जाने से स्टाफ को वैक्सीनेशन में लगा दिया गया है। ऐसे में शिविर में सैंपल लिए जाने के कार्य की गति धीमी हो गई है।

Posted By: Nai Dunia News Network

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