कोरबा (नईदुनिया प्रतिनिधि)। इस बार बोर्ड कक्षाओं की परीक्षा से पूर्व होने वाली प्रायोगिक परीक्षा में मौखिक की बजाय आनलाइन अंक वितरण की व्यवस्था रखने पर विचार किया जा रहा है। कोरोनाकाल में कक्षाएं आनलाइन की जा रहीं और हर माह असाइनमेंट प्रणाली से मूल्यांकन भी साथ-साथ किया जा रहा। प्रायोगिक से पहले विद्यार्थियों को अपने-अपने प्रोजेक्ट कार्य भी प्रस्तुत करने होंगे। कुछ विषयों में आंतरिक मूल्यांकन के आधार पर अंक दिए जाएंगे।

वर्ष 2020-21 की हाई व हायर सेकंडरी स्कूल सर्टिफिकेट परीक्षा के लिए प्रायोगिक और प्रोजेक्ट परीक्षाएं जनवरी में आयोजित होंगी। स्कूल स्तर पर ही परीक्षाएं ली जाएंगी। अंकों को आनलाइन एंट्री के साथ समन्वयक संस्थाओं तक परीक्षा संबंधित दस्तावेज भेजना अनिवार्य होगा है। कोरोना के गाइडलाइन के हिसाब से इस बार बच्चों का प्रैक्टिकल भी आनलाइन हो सकता है। वर्तमान में बोर्ड, स्कूल प्रबंधन, शिक्षक व बच्चों को भी स्कूल खुलने का इंतजार है। इसके बाद आनलाइन माध्यम जैसे विकल्पों पर विचार किया जा सकता है। जनवरी के अंतिम सप्ताह तक प्रोजेक्ट फाइल भी जमा होगी। इसके बाद प्रतिदिन 200 र्स्पये की दर से विलंब शुल्क लगेगा। परीक्षा के लिए स्कूलों में स्कूल के प्राचार्य ही नियुक्त करेंगे। बाह्य परीक्षक माध्यमिक शिक्षा मंडल की ओर से नियुक्त किए जाएंगे। दसवीं-बारहवीं से करीब पौने सात लाख परीक्षार्थी इस बार परीक्षा दे रहे हैं। बार होम असाइनमेंट के प्राप्तांकों के आधार पर मंडल की मुख्य परीक्षा में प्रत्येक विषय में 30 प्रतिशत अंक आंतरिक मूल्यांकन के रूप में मान्य किए जाएंगे।

कम से कम 70 प्रतिशत होम असाइनमेंट

मंडल की मुख्य परीक्षा 2020-21 में केवल उन्हीं विद्यार्थियों को सम्मिलित किया जाएगा, जिन्होंने कम से कम 70 प्रतिशत होम असाइनमेंट किए होंगे। होम असाइनमेंट माह-सितंबर 2020 से फरवरी 2021 तक विद्यार्थियों को दिए जाएंगे। इस प्रकार प्रत्येक विषय में छह असाइनमेंट होंगे, जिसमें 70 प्रतिशत के मान से प्रत्येक विषय में 4 असाइनमेंट विद्यार्थियों के द्वारा पूरा किया जाना आवश्यक होगा, अन्यथा उन्हें मुख्य परीक्षा में सम्मिलित होने से वंचित कर दिया जाएगा।

छह माह तक सुरक्षित रखेंगे कापी

मंडल का स्पष्ट निर्देश है कि प्रोजेक्ट और प्रैक्टिकल की कापियों को छह महीने तक सुरक्षित रखा जाएगा। समय पर अंक नहीं भेजने पर शिक्षा बोर्र्ड की ओर से परिणाम जारी कर दिए जाएंगे और इसकी जवाबदारी संबंधित शिक्षण संस्थाओं के संस्थ प्रमुख या प्राचार्यों की होगी। माशिमं की परीक्षा में क्रेडिट योजना के तहत भी परीक्षा दे सकते हैं। यह योजना ऐसे परीक्षार्थियों के लिए है जो अन्य मान्यता प्राप्त मंडलों या राज्य ओपन स्कूल से 10वीं या 12वीं की परीक्षा अनुत्तीर्ण की हो।

Posted By: Nai Dunia News Network

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