कोरबा(नईदुनिया प्रतिनिधि)। जिले भर में दो दिन से लगातार हो रही है। खेतों में जरूरत से अधिक पानी भराव ने किसानों की चिंता बढ़ा दी हैं। फसलों में पहले से ही झुलसा और बंकी का प्रकोप है। खेतों में अनावश्यक पानी भरने से कीट रोगों को बढ़ावा मिलेगा। जारी मानसून ने बीते वर्ष की वर्षा का रिकार्ड तोड़ दिया है। बीते वर्ष 15 सितंबर तक वर्षा कुल 7414.0 मिमी थी जो जारी वर्ष में 9324.4 मिमी है। इस तरह 1910.4 मिमी अधिक बारिश हुई है।

मानसून की कृपा दृष्टि जारी खरीफ वर्ष में किसानों पर पिछले वर्ष की अपेक्षा अधिक है। लगातार हो रही बारिश से जलमग्न पौधे वाले खेतों में अब बीमारी के आसार नजर आने लगा है। किसानों की माने तो फसल को जितनी पानी की आवश्यकता है, उतनी ही धूप और उमस भी जरूरी है। पिछले सप्ताह भर से आसमान में बदली छाई हुई है। मंगलवार को सुबह से ही बदली का दौर जारी रहने से से शाम तक बारिश होती रही। बारिश से छोटी बड़ी नदिया उफान पर है। अधिक बारिश का आलम यह है छोटी नदिया एवं नालों पर बने पुल के उपर से पानी का बहाव हो रहा है। जल संसाधन विभाग की ओर नदी व नहर के किनारे बसाहट वाले बस्तियों में एलर्ट जारी कर दिया गया है। वर्षा दर के आंकड़ों पर गौर किया जाए तो सबसे अधिक वर्षा 1828.6 मिमी दर्री तहसील में हुई है। इसके विपरीत सबसे कम 995.1 मिमी वर्षा करतल में हुई है। बीते 10 वर्षों में हुई वर्षा में सामान्य की अपेक्षा जारी मानसून मे वर्षा की स्थिति बेहतर है झमाझम हो रही बारिश से पिछले पखवाड़े भर से खेत खलिहानों में पानी भरा हुआ है। पखवाड़े भर पहले हो चुकी प्रथम चरण की खेती के बाद धान की फसल तेजी से विकसित हो रहा है। मौसम विभाग का अनुमान है कि आगामी सप्ताह तक सघन बारिश की संभावना है। रिसदी निवासी किसान बोधराम कंवर की माने तो बारिश लगातार जारी रही तो फसल के लिए नुकसान देय होगी। मोटा धान में कुछ दिनों बाद बालियां निकलनी शुरू जा जाएगी। ऐसे में तनाछेदक बीमारी को अधिक वर्षा से बढ़ावा मिल रहा है। पतला धान को तैयार होने में माह भर का समय है। इसमें भी बीमारी की संभावना मोटा धान से अधिक है।

पूर्ण भराव से 1.86 मीटर दूर बांगो

बांगो बांध में पूर्ण भराव से 1.86 मीटर ही दूर रह गया है। बांध का पूर्ण भराव क्षमता 359.66 मीटर है, जिसके विपरीत 358.20 भर चुका है। कुल क्षमता का यह 90 फीसदी है। बारिश इसी गति से जारी रही तो गेट खोला जा सकता है। पिछले साल से बांगो में पूर्ण भराव हुआ था। सितंबर में दो गेट खोलना पड़ा था। विभागीय अधिकारी का कहना है कि मानसून समापन की ओर है। उपरी क्षेत्र से जितना पानी आ रहा उतना ही पानी हाइडल प्लांट चला कर छोड़ा जा रहा है। अनुमान लगाया जा रहा है कि मानसून जारी रहा तो पखवाड़े भर के भीतर कभी भी गेट खोलने की नौबत आ सकती है।

दर्री गेट से छोड़ा जा रहा पानी

तान नदी से दर्री डेम में पानी का भराव जारी है। मंगलवार की सुबह 12 नंबर गेट को फीट खोला गया है। बांगो हाइडल से भी 1000 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। गेट से पानी छोड़े जाने के कारण राताखार में निर्मित सर्वेश्वर एनीकट के उपर से पानी का बहाव हो रहा है। बराज के निकट चल रहे समानांतर पुल का काम भी बंद हो गया है। बारिश जारी होने से इन दिनों बांगो के तीनों यूनिट से 60 घंटे बिजली उत्पादन किया जा रहा है। हाइडल से छोड़े जा रहे पानी से दर्री डेम की भराव को मामान्य रखने के लिए गेट के अलावा एलबीसी व आरबीसी से भी लगार पानी का बहाव जारी है।

एक जून से अब तक हुई वर्षा ( मिमी में)

तहसील- वर्षा

कोरबा- 1257.2

करतला- 995.1

कटघोरा- 1429.0

दर्री- 1828.8

पाली- 1157.0

हरदीबाजार- 1374.0

पोड़ी उपरोड़ा- 1283.3

Posted By: Nai Dunia News Network

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