कोरबा। नईदुनिया प्रतिनिधि

कोयला खदान में हड़ताल को लेकर श्रमिक संघ ने गेट मीटिंग एवं जनजागरूकता अभियान शुरू कर दिया है। कुसमुंडा खदान में श्रमिक नेताओं ने कर्मियों को एफडीआइ से होने वाले नुकसान से अवगत कराते हुए कहा कि कोल प्रबंधन ने पहले ही आउटसोर्सिंग लागू कर नियमित प्रवृत्ति के कार्य निजी हाथों में सौंप दिए। अब एफडीआइ करने से न केवल नियमित मजदूर प्रभावित होंगे, बल्कि ठेका मजदूरों के समक्ष भी नौकरी की समस्या उत्पन्न हो जाएगी। विदेशी कंपनी अपने प्रॉफिट के लिए शोषण करने से पीछे नहीं हटेगी।

केंद्र की सीआइएल में शत प्रतिशत एफडीआइ की नीति को लेकर आक्रोश बढ़ते जा रहा है। श्रमिक संघ बैठक कर रूपरेखा तैयार के साथ अब आंदोलन को सफल बनाने जमीनी स्तर पर उतर चुके हैं। एसईसीएल कोरबा, गेवरा तथा कुसमुंडा में जन जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इस दौरान खदान में जाकर श्रमिक प्रतिनिधि कर्मियों को हड़ताल में शामिल होने का आव्हान कर रहे हैं। शुक्रवार को कुसमुंडा में सीटू, एचएमएस व एटक के प्रतिनिधियों ने खदान में जाकर गेट मीटिंग लेते हुए एफडीआइ के संबंध में जानकारी दी। इन नेताओं ने कहा कि केंद्र सरकार की नीति के खिलाफ सड़क की लड़ाई जरूरी है, अन्यथा सरकार लगातार मजदूर विरोधी नीति अख्तियार करेगी। भविष्य में कोयला उद्योग को बचाने के लिए संघर्ष करना जरूरी हो गया है। उन्होंने कहा कि हड़ताल के दौरान उत्पादन के साथ ही डिस्पैच भी रोका जाएगा। इसमें नियमित कामगारों के साथ ही ठेका मजदूरों की भी सहभागिता जरूरी है। इस दौरान काफी संख्या में श्रमिक संघ प्रतिनिधि व कामगार उपस्थित रहे।

सुराकछार एसईकेएमसी ने ली बैठक

साउथ इस्टर्न कोयला मजदूर कांग्रेस ने एसईसीएल कोरबा क्षेत्र की सुराकछार भूमिगत परियोजना में संगठनात्मक बैठक की। केंद्रीय अध्यक्ष गोपालनारायण सिंह ने कहा कि एकजुटता के साथ हड़ताल में सभी कर्मियों को शामिल होना है। उन्होंने कहा कि सीआइएल एवं केंद्र पर दबाव तभी बनेगा, जब मजदूर पांच दिन काम बंद हड़ताल करेगा तो उत्पादन व डिस्पैच प्रभावित होने का असर पावर प्लांट पर भी पड़ेगा। उन्होंने कहा कि नियमित के साथ ही ठेका मजदूर को भी हड़ताल से जोड़ा जाएगा, तभी खदान में ज्यादा असर पड़ेगा। इस दौरान काफी संख्या में पदाधिकारी व कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

एकला चलो की नीति से नाराजगी

चार श्रमिक संघ एटक, सीटू, एचएमएस व इंटक के संयुक्त मोर्चा ने एक दिवसीय हड़ताल की घोषणा कर प्रचार-प्रसार चलाया जा रहा है। संयुक्त रूप से आमसभा व बैठक ली जा रही है, पर शुक्रवार को सीटू के महासचिव के पृथक बैठक व गेट मीटिंग करने से अन्य श्रमिक संघ में नाराजगी बढ़ गई। श्रमिक नेताओं का कहना है कि इससे मजदूरों के मध्य गलत संदेश जाता है। यूनियन की बैठक लेना अलग होगा, पर मजदूरों के बीच जाकर जन जागरूकता चला गेट मीटिंग लेना गलत है। इस संबंध में सीटू के उपमहासचिव वीएम मनोहर का कहना है कि कुसमुंडा में संयुक्त मोर्चा की ओर से गेटमीटिंग ली गई। एसईसीएल कोरबा एरिया में संगठन अलग से बैठक ले रहे हैं, इसकी जानकारी नहीं है।

Posted By: Nai Dunia News Network