कोरबा (नईदुनिया प्रतिनिधि)। कृषि वैज्ञानिकों ने आगामी दिनों में अचानक मौसम का मिजाज बदलने का अंदेशा जताते हुए किसानों को सावधान किया है। उनका कहना है कि एक चक्रीय चक्रवात के असर से जिले के कुछ क्षेत्रों में भी बारिश की स्थिति निर्मित हो सकती है। ऐसे में अचानक बनने संभावित इस विपरीत स्थिति से अपने खेत-खलिहानों में रखी व पकी फसल की सुरक्षा के लिए त्वरित कदम उठाने होंगे। समय रहते किसान उन्हें सुरक्षित करने की व्यवस्था सुनिश्चित करें ताकि अप्रत्याशित नुकसान से बचा जा सके।

कृषि विज्ञान केंद्र कोरबा के कृषि मौसम वैज्ञानिक संजय भेलावे ने बताया गया कि कोरबा जिले के अनेक स्थानों में गरज-चमक के साथ वर्षा होने की संभावना है। इस संभावना को देखते हुए कृषि विज्ञान केंद्र, कटघोरा के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख डा आरके महोबिया ने जिले के कृषकों के लिए आवश्यक सलाह जारी की है। उन्होंने बताया कि कृषक भाई अपनी कटी हुई फसलों को सुरक्षित स्थानों पर रखें।

ऐसी फसलें जो पकने की अवस्था में हों, उन्हें शीघ्र कटाई कर सुरक्षित स्थानों पर रखें। कृषि मौसम वैज्ञानिक संजय भेलावे ने बताया कि प्रदेश के उत्तर और मध्य भाग में गरज चमक के साथ हल्की से मध्यम वर्षा होने, आकाशीय बिजली गिरने तथा मेघ गर्जन के साथ एक-दो स्थानों पर ओले गिरने (सरगुजा संभाग और उससे लगे जिलों में) की संभावना है।

पश्चिमी विक्षोभ का एक चक्रीय चक्रवाती घेरा

कृषि विज्ञान केंद्र के कृषि वैज्ञानिक संजय भेलावे ने मौसम के विषय में प्राप्त पूर्वानुमान की जानकारी साझा करते हुए बताया कि एक पश्चिमी विक्षोभ अफगानिस्तान और उससे लगे पाकिस्तान के ऊपर एक चक्रीय चक्रवाती घेरे के रूप में 5.8 किलोमीटर ऊंचाई तक स्थित है। इसके प्रभाव से एक चक्रीय चक्रवाती घेरा पश्चिम राजस्थान और उसके आसपास 1.5 किलोमीटर ऊंचाई तक स्थित है। इसके प्रभाव से प्रदेश में हवा की दिशा में परिवर्तन होने के कारण न्यूनतम तापमान में अगले दो दिनों में दो से चार डिग्री सेल्सियस बढ़ने की संभावना है।

मेघदूत व दामिनी की लें मदद है महत्वपूर्ण

आगामी दिनों में वर्षा की संभावना को देखतें हुए किसानों को सलाह दी गई है कि जिन फसलों में सिंचाई की आवश्यकता है, वहां सिंचाई का कार्य रोककर सिंचाई में खर्च होने वाली लागत को कम कर सकते हैं। मौसम पूर्वानुमान के लिए मेघदूत एप का उपयोग करें। बिजली गिरने से पहले चेतावनी देने वाले दामिनी के एप का प्रयोग भी किसान भाई करते रहें। इस तरह इन सुविधाओं का उपयोग करते हुए वे अपनी व अपने खेत-खलिहानों में रखी फसलों की सुरक्षा समय रहते सुनिश्चित कर सकते हैं। इसके लिए उन्हें अपने मोबाइल पर एप के माध्यम से अपडेट रहने की जरूरत है।

दो हजार हेक्टेयर में मक्का, 1250 में गेहूं का रकबा

कोरबा की बात करें तो जिले में दलहन-तिलहन के अलावा मक्का फसल का रकबा 2000 हेक्टेयर है। इसी तरह गेहूं का रकबा 1250 है। ठंड की नमी गेहूं बोआई के बाद बीजों में अंकुरण के लिए फायदे मंद होती है। उन्नात खेती को बढ़ावा देने के लिए इस वर्ष कृषि विभाग से 600 किसानों को निशुल्क बीज मिनिकिट वितरण किया है, जिसमें मक्का, गेहूं के अलावा सरसो बीज शामिल है। कृषि के अलावा उद्यानिकी विभाग से भी इस वर्ष विभिन्ना क्षेत्रों के 20 हजार किसानों को उपचारित सब्जी बीज भी प्रदान किया गया है।

Posted By: Nai Dunia News Network

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