कोरबा (नईदुनिया प्रतिनिधि)। यात्रा के लिए सुविधाजनक माध्यम की प्रतीक्षा में परेशान हो रहे रेलवे के यात्रियों के लिए अच्छी खबर है। जल्द ही उन्हें एक तेज गाडी की सुविधा मिल सकेगी। इसमें वे सुबह बैठकर बिलासपुर या रायपुर जा सकेंगे। अपने काम-काज निपटाकर रात तक घर भी लौट सकेंगे। रेल संघर्ष समिति के सतत प्रयास के बाद आखिरकार बिलासपुर के मंडल रेल प्रबंधक ने हरी झंडी दे दी है। जल्द ही कोरबा से दुर्ग के बीच एक फास्ट मेमू लोकल दौड़ती दिखाई देगी।

कोरबा के आम यात्रियों एवं विशेषकर व्यवसायी वर्ग के लिए लंबे समय से सुबह बिलासपुर व रायपुर जाकर शाम-रात तक शहर लौटने ट्रेन सुविधा की मांग की जा रही थी। इसके लिए हसदेव एक्सप्रेस का परिचालन पुनः शुरू करने पर जोर दिया जा रहा था। सुविधा के अभाव में निर्मित समस्याओं से अवगत कराने और इस विषय पर बात करते हुए मांग रखने रेल संघर्ष समिति के एक प्रतिनिधिमंडल ने दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे बिलासपुर मंडल के मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) आलोक सहाय से भेंट की। समिति के संयोजक एवं जिला चैंबर आफ कामर्स एंड इंडस्ट्रीज के उपाध्यक्ष रामकिशन अग्रवाल की अगुवाई में डीआरएम सहाय के साथ मंडल कार्यालय में यह बैठक हुई थी। समिति की ओर से रामकिशन व सदस्यों की मांग पर विचार करते हुए डीआरएम ने आश्वास्त किया है, कि आगामी दिनों में कोरबा से दुर्ग के बीच एक फास्ट मेमू लोकल ट्रेन की सुविधा शुरू की जाएगी, ताकि जिले के यात्रियों को थोडी राहत मिल सके। यह ट्रेन सुबह छूटेगी और रात तक कोरबा लौटेगी। कोरबा के यात्रियों के लिए यह एक बडी राहत की बात होगी।

हसदेव में 30 प्रतिशत से कम राजस्व

कोरबा से हसदेव एक्सप्रेस को पुनः चलाने की मांग पर डीआरएम सहायक का कहना था कि इस ट्रेन को फिलहाल बंद रखे जाने का आदेश रेलवे बोर्ड ने दिया है। उन्होंने चर्चा में बताया कि किसी भी ट्रेन का परिचालन तभी तक संभव है, जब तक कि रेलवे को उससे 30 प्रतिशत से अधिक आय अर्जित होती रहे। नियमानुसार हासदेव एक्सप्रेस का राजस्व 30 प्रतिशत से भी कम होने पर उसका परिचालन रोकने कहा गया है। यही वजह है जो इसका परिचालन करने बोर्ड के अनुमति नहीं मिल रही। कोरोनाकाल में स्थिति सामान्य होने पर बोर्ड से निर्देश मिलने पर यह ट्रेन शुरू कर दी जाएगी।

संपर्क क्रांति व दूरंतों से कनेक्ट होगी छग

रेल संघर्ष समिति के प्रतिनिधियों के साथ डीआरएम सहाय की डेढ घंटे तक चली चर्चा में एक और महत्वपूर्ण मांग पर जोर दिया। समिति की ओर से छत्तीसगढ एक्सप्रेस को दूरंतो व संपर्क क्रांति के दिन चलाकर कनेक्टिंग ट्रेन बनाने की बात रखी। इस पर संभावनाओं का आंकलन कर व्यवस्था सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि अगर बताए गए दिनों में यह व्यवस्था सही बैठती है, तो कोरबा के लिए यह मांग भी जल्दी पूरी की जाएगी। सहाय ने संबंधित रेल अधिकारी को तत्काल काल कर इन मेमू का प्रस्ताव बनाने व जल्द से जल्द बोर्ड को भेजने निर्देशित किया।

बाकस

अरे, मुझे तो पता नहीं था, कटनी भी चलाएंगे

डीआरएम सहाय ने शुरूआती चर्चा में कहा कि जब देश में कहीं भी रेल सुविधा नहीं है, तो यहां के लिए अलग से कैसे संभव है। तब समिति की ओर से कहा गया कि उत्तर प्रदेश और बिहार राज्य में फास्ट मेमू लोकल की वैकल्पिक व्यवस्था देकर वहां के यात्रियों के लिए राहत का इंतजाम किया गया है, तो कोरबा के लिए वही फार्मूला क्यों लागू नहीं किया जा रहा। यह सुनते ही डीआरएम ने आश्चर्य प्रकट करते हुए कि उन्हें तो पता नहीं था। अगर ऐसा है, तो फिर कोरबा के साथ बिलासपुर से कटनी रूट पर भी एक फास्ट मेमू लोकल भी चलाई जाएगी, ताकि उधर भी राहत मिल सके।

Posted By: Nai Dunia News Network

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