कोरबा (नईदुनिया प्रतिनिधि)। राजेंद्र प्रसाद नगर फेस वन के दशहरा मैदार में लाल रंग के घाघरा-चोली में चल रहे गरबा के बीच कुछ पीपीई किट पहने लोग थिरकते नजर आए। यह देख कुछ देर के लिए लोग चौक गए पर थोडी देर में यह समझते देर नहीं लगी कि यह जागरूकता का अनोखा तरीका है। अस्पताल जाने की नौबत न आए इसलिए गरबा करते लोगों के बीच पीपीई किट पहन कर स्वास्थ्य कर्मियों ने गरबा किया।

कोविड सक्रमण भी पूरी तरह टला नहीं है। इस बीच उत्सव आयोजन को लेकर जिला प्रशासन की ओर जारी गाइडलाइन का उल्लंघन सामान्य हो गई है। भीड़ लोगो को कोविड नियम का याद दिलाने के लिए पीपीई किट पहन और हाथ में जारूगता स्लोगन की तख्ती लेकर गरबा में शामिल स्वास्थ्य कर्मियों की टीम ने दशहरा मैदान दर्शकों का ध्यान सहज ही अपनी ओर खींच लिया। टीम में शामिल स्वास्थ्य कर्मी बर्मन ने बताया कि संक्रमण काल में मौत से जूझते और अपनों को खोने की पीड़ा को उन्होने करीब से देखा है। कोरोना की तीसरी लहर आई तो यह हमारी ही लापरवाही होगी। उत्सव आयोजन की सार्थकता इसी में है कि हम संक्रमण से खुद बचे और अपने परिवार वालों को भी बचाएं। इस उद्देश्य को लेकर उनकी टीम गरबा नृत्य में शामिल होने पहुंची हैं। पीपीई किट पहन कर नृत्य करने पहुंचे स्वास्थ्य कर्मियों में सुलोचना पैकरा, यांगसी यादव, लक्षिता यादव के साथ गोपाल बर्मन शामिल थे। स्वास्थ्य कर्मी यांगसी ने बताया कि संक्रमण से बचने के लिए जागरूकता आज भी उतनी ही जरूरी है जितना कल थी। बर्मन ने बताया कि स्वप्रेरित होकर उनकी टीम ने गरबा में जागरूकता भागीदारी निभाई है।

आधे से अधिक आबादी के चेहरे से गायब है मास्क

गरबा नृत्य में शामिल सुलोचना ने बताया कि संक्रमण को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। लोगों को चेहरे मास्क दूर होते जा रहा। शहर में किसी भी संस्थान अथवा बाजार में चले जाइए आधे से अधिक लोग बिना मास्क के नजर आएंगे। दूसरी लहर के पहले भी लोगों ने यही गलती की थी जो अभी कर रहे हैं। तीसरी लहर की आशंका अभी समाप्त नहीं हुई है। पीपीई किट पहन कर भागीदारी का उद्देश्य को लोगों को अपने परिवार के लिए सुरक्षित रखने के लिए जागरूक करना है। उन्होने बताया कि गरबा और डांडिया आयोजन तो हो चुका, लेनिक आने वाले दिनों दशहरा, दीपावली के लिए शहर के बाजारों में भीड़ रहेगी। संक्रमण से सुरक्षित रहने के लिए जागरूकता बहुत जरूरी है।

वैक्सीन लगाएं खुद को कोरोन से बचाएं

नृत्य के दौरान हाथों में रखी तख्ती में वैक्सीन लगावने और कोविड नियम पालन पर जोर दिया गया था। स्वाथ्य कर्मी लक्षिता का कहना है कि जितनी जरूरी कोविड नियम का पालन करना है उतना ही टीकाकरण में भागीदारी निभाना है। युवाओं को टीकाकरण में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करनी होगी। लक्षिता का यह भी कहना है ऐसे भी लोग हैं, जिन्होने पहला डोज तो लगवा लिया है, पर दूसरा डोज समय सीमा पूरा होने के बाद भी नहीं लगवाया है। उससे भी बड़ी विडंबना यह है कि जिन्हे दोनो डोज लग चुका है वे भीड़ में जाने से बेपरवाह हो गए है। टीका लगने के बाद भी संक्रमण हो सकता है इसलिए सावधानी बहुत जरूरी है।

Posted By: Nai Dunia News Network

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