कोरबा (नईदुनिया प्रतिनिधि)। वर्तमान में यात्री ट्रेनों के भीतर भाजन पकाने पर प्रतिबंध है। इसके बाद भी कोरबा से अमृतसर तक जाने वाली छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस में खाना पकाने की शिकायत पकड़ी गई थी। इसे संजीदगी से लेते हुए भारतीय रेलवे खानपान और पर्यटन निगम (आइआरसीटीसी) ने एक सख्त निर्णय लिया है। अब इस ट्रेन में शुरुआत के स्टेशन से अंतिम स्टाप तक निगरानी की जाएगी। इसके लिए आइआरसीटीसी ने अपने सुपरवाइजरों को निर्देशित किया है कि ट्रेन में खाना न पके, यह सुनिश्चित करने वे प्रत्येक फेरे में प्रारंभिक स्टेशन से अमृतसर तक नियमित यात्रा करें।

कोरोना संक्रमण की मुश्किलें शुरू होने के बाद से विभिन्ना एक्सप्रेस व सुपरफास्ट ट्रेनों में पेंट्रीकार की सुविधा थम गई थी। वर्तमान यह सुविधा बहाल तो कर दी गई है, पर अब भी अनेक ट्रेनों में पेंट्रीकार में ही भोजन पकाने पर पाबंदी जारी है। इस पाबंदी के बाद भी कोरबा-अमृतसर छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस की पेंट्रीकार में खाना पकाए जाने की शिकायत मिली थी। मथुरा स्टेशन के बाद पकड़ी गई इस लापरवाही की जानकारी बिलासपुर में आइआरसीटीसी को दी गई। यह ट्रेन दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे बिलासपुर की ही है। लिहाजा यह शिकायत सामने आने के बाद आइआरसीटीसी न केवल सतर्क हुआ है, बल्कि पेंट्रीकार पर कड़ी नजर भी रखी जा रही है, ताकि दोबारा ऐसी शिकायत सामने न आए। व्यवस्था सुधारने के लिए आइआरसीटीसी ने एक और निर्णय लिया है। इसके तहत अब एक सुपरवाइजर इस ट्रेन में प्रारंभिक से अंतिम स्टेशन तक मानिटरिंग करते जाएगा। यात्रियों की सुरक्षा और महामारी की रोकथाम के लिए यह आवश्यक हो जाता है।

ऐसी सात ट्रेनों में पेंट्रीकार की कमान यहां

यह ट्रेन अपनी यात्रा के दौरान जिन-जिन स्टेशनों में ठहरती है, वहां टीम को भेजकर जांच कराई जा रही है। यह जांच करीब एक सप्ताह तक चलेगी। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे जोन में ऐसी सात ट्रेनें हैं, जिनकी पेंट्रीकार की कमान आइआरसीटसी बिलासपुर के पास है। जब ट्रेन इससे बाहर निकल जाती है, तब ऐसा किया जाता है। मथुरा स्टेशन के आसपास पेंट्रीकार के कर्मचारियों को खाना पकाते हुए रंग हाथों पकड़ा गया था। नियमानुसार इस तरह के मामले में कार्रवाई का अधिकार संबंधित आइआरसीटीसी को ही है। इसलिए वहां से इसकी जानकारी मुख्यालय भेजी गई। मुख्यालय ने बिलासपुर को इसकी जानकारी दी है।

तीन दिन में सबसे लंबी यात्रा पूरी करती है ट्रेन

बिलासपुर से परिचालित इन सात गाड़ियों में एक छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस सबसे लंबी दूरी की यात्री ट्रेन है, जो तीन दिन में सफर पूरा करती है। इसे देखते हुए ही पेंट्रीकार कोच की सुविधा दी गई है, पर अभी खाना पकाने पर प्रतिबंध है। इसी शर्त पर टेंडर भी हुआ है। इसके बाद भी पेंट्रीकार के कर्मचारी चोरी-छिपे खाना पकाते हैं। हालांकि कर्मचारी यह लापरवाही जोन के दायरे में रहते हुए नहीं करते। आइआरसीटीसी इस मामले को बेहद गंभीरता से ले रहा है। यही वजह है कि रोज अलग-अलग स्टेशनों में टीम को भेजकर जांच कराई जा रही है। मामले की तह तक जाने सप्ताह भर जांच चलेगी। ताकि दोबारा इस तरह की शिकायत न आए।

Posted By: Nai Dunia News Network

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