कोरबा(नईदुनिया प्रतिनिधि)। मड़वारानी मंदिर में पंचमी से शुरू नवरात्र पर्व जारी है। इस अवसर पर आज रविवार को महाष्टमी पर्व पर देवी माता को हल्दी का तिलक लगाकर पूजा की जाएगी। यज्ञ अनुष्ठान के साथ महागौरी स्वरूप देवी का आवाहन किया गया जाएगा। शनिवार को सप्तमी पर्व पर श्रद्धालुओं ने रात्रि जागरण कर पुण्य लाभ अर्जित किया। रात्रि को देवी माता को परंपरागत पान-परवाना के साथ लगी खोर भोग लगाकर वितरण किया गया।

मड़वारानी मंदिर में नवरात्र पर्व की धूम मची है। प्रति वर्ष यहां त्रयोदशी को नवरात्र की पूर्णाहूति होती है। शनिवार को सप्तमी पर्व धूमधाम से मनाया गया है। मान्यता के अनुसार सप्तमी का मड़वारानी मंदिर में विशेष महत्व होता है। इस अवसर पर देवी मंदिर में खीर भोग के साथ पान परवाना का चढ़ावा किया गया। भोग प्रसाद ग्रहण करने के लिए खासी तादात में भक्तों की कतार रही है। पान परवाना खीर प्रसाद ग्रहण करने देवी माता भक्तों की हर मुरादे पूरी करती है। खासकर निःसंतान दंपत्ति माता से गोद भरने की आशीर्वाद लेने आते हैं। सप्तमी पर दीप ज्योति की पूजा की गई। श्रद्धालुओं की माने तो दीपदर्शन से ही रात्रि जागरण का महत्व है। रविवार को महाष्टमी पर देवी माता के मस्तक पर हल्दी का तिलक लगाकर पूजा की जाएगी। माना जाता है कि देवी को हल्दी का तिलक लगाने से सुख समृद्धि की प्राप्ति होती है। अष्टमी पर्व पर देवी की अष्टम स्वरूप महागौरी की पूजा की जाएगी। ज्योति कलश व जवारा ज्योति का दर्शन करने खासी तादात में भक्तजन मंदिर पहुंच रहे हैं। सप्तमी पर्व होने से शनिवार को मंदिर परिसर में खासी भीड़ रही। भक्तों ने कतारबद्ध होकर देवी दर्शन का पुण्य लाभ लिया। महाष्टमी पर भी दर्शनार्थियो की भीड़ रहेगी। मंदिर में जस गीतों की गूंज से वातारण देवीमय हो गया है। आसपास गांव के अलावा दूर दराज ग्रामीण क्षेत्रों से जसगीत गायन करने वालों की टोलियां मंदिर पहुंच रही है। सेवा गीत गायन दल में महिला श्रद्धालुओं की टीम भी शामिल है। मंदिर में श्रद्धालुओं के लिए भोग भंडारे का आयोजन किया जा रहा है।

मंदिर के प्रवेश द्वार पर लगेगा नया तोरण

मंदिर द्वार में महाष्टमी के अवसर पर नया तोरण लगाने का विधान है। पुराने तोरण को उतार कर विसर्जित किया जाएगा। तोरण को देवी की शक्ति मानी जाती है। जिससे आसुरी बाधाएं मंदिर के चारों ओर प्रवेश नहीं कर सकती। आम्रपत्र से बने तोरण को मंत्रोच्चार से बैगा के माध्यम से लगाया जाएगा।

पहाड़ी पर वाहन ले जाने पर रोक

देवी मंदिर में प्रतिदिन लग रही भक्तों की भीड़ के मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था दुरूस्त की गई है। मंदिर में वाहन लेकर उपर जाने पर रोक लगा दी गई है। विगत वर्ष तक समिति सदस्यों को ही वाहन ले जाने की अनुमति होती थी। जारी पर्व में सदस्यों पर भी वाहन ले जाने के लिए रोक लगाने से उनमें रोष व्याप्त है।

दशहरा के दूसरे दिन भी हुआ देवी प्रतिमाओं का विसर्जन

दशहरा पर्व के दूसरे दिन भी शहर के कई उत्सव समितियों में देवी प्रतिमाओं का विसर्जन किया। प्रतिमा के अलावा घरों में बोए गए जवारा को जल में विजसर्जित करने के लिए विसर्जन यात्रा निकाली गई। इस कड़ी में पथर्रीपारा जवारा, खप्पर, और दीप ज्योतिकलश के साथ शोभायात्रा निकाल कर हसदेव में विसर्जित किया गया।

Posted By: Nai Dunia News Network

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