कोरबा (नईदुनिया न्यूज)। कलेक्टर रानू साहू के मार्गदर्शन में आयोजित किए जा रहे सरकार तुंहर द्वार कार्यक्रम के तहत घुड़देवा में आयोजित वृहद समाधान शिविर में 100 लोगों का लर्निंग ड्रायविंग लाइसेंस बनाया गया। परिवहन विभाग द्वारा पूरी तकनीकी टीम एवं आवश्यक उपकरणों के साथ अधिकारी-कर्मचारी शिविर स्थल में मौजूद रहकर लाइसेंस के लिए आए आवेदनों पर कार्रवाई किए।

प्राप्त आवेदनों के आधार पर मौके पर ही ड्रायविंग लाइसेंस बनाया गया। ड्रायविंग लाइसेंस की जरूरत न केवल वाहन चलाने के लिए जरूरी है वरन विभिन्ना अवसरों व स्थानों पर यह एक वैध पहचान पत्र के रूप में पूरे देश में मान्य हैं। लर्निंग लाइसेंस बिना आरटीओ दफ्तर जाए गांव में ही चंद घण्टों में मिल जाए तो बड़ी राहत मिलती है। परिवहन विभाग ने पूरे अमले के साथ रजिस्ट्रेशन, वेरिफिकेशन ,एप्रूवल जैसे कागजी प्रक्रियाओं को पूरा कर शिविर स्थल पर ही 100 लोगों को अस्थाई (लर्निंग)लाइसेंस प्रदान किया।

समाधान शिविर में सुमेधा निवासी प्रकाश कुमार चौहान, जमनीपाली निवासी राम केंवट, सलिहाभांठा निवासी राजकुमार यादव, बांधापारा बांकीमोंगरा निवासी प्रभा एवं मनीषा सिंह भी लाभांवित हुए। इन्हे कोरबा आरटीओ दफ्तर जाए बगैर लर्निंग लाइसेंस मिल गया। लर्निंग लाइसेंस बनवाने आये युवकों ने बताया कि जिला मुख्यालय दूर होने और समय के अभाव में अभी तक ड्राइविंग लाइसेंस नहीं बनवा पाये थे।

जिला प्रशासन द्वारा घुडदेवा में आयोजित शिविर में लाइसेंस बनने की जानकारी मिलने पर शिविर में आकर लर्निंग लायसेंस के लिए आवेदन किये। परिवहन विभाग के स्टाल में लाइसेंस बनाने के लिए आवश्यक कर्मचारी और कंप्यूटर आदि तकनीकी चीजों की व्यवस्था की गई थी। आवेदन देने के कुछ घंटे के भीतर लर्निंग लाइसेंस बनाकर दे दिया गया। युवकों ने बताया कि शिविर स्थल में ही लाइसेंस बन जाने से काफी खुशी हो रही है। शिविर में लाइसेंस बन जाने से दूर आरटीओ दफ्तर जाने की परेशानी से भी राहत मिल गई।

Posted By: Nai Dunia News Network

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