कोरबा (नईदुनिया प्रतिनधि)। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का पद बदल नर्सरी शिक्षा के पद पर स्थाई रूप से उन्नायन किया जाए। कलेक्टर दर पर मानदेय तय कर उनके वेतन में बढ़ोतरी की जाए। सरकार ने चुनावी घोषणा पत्र में इन बातों को रखा था। तीन साल गुजर जाने के बाद भी मांग पूरी नहीं की गई। अब समय आ गया है कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिकाओं के लिए किए गए वायदे को सरकार पूरा करे।

इस आशय सहित छह सूत्रीय मांगों को लेकर 600 से भी अधिक आंगनबाड़ी की सहायिका और कार्यकर्ताओं ने तानसेन चौक में धरना प्रदर्शन किया। छत्तीसगढ़ कार्यकर्ता सहायिका संघ की जिला अध्यक्ष वीणा साहू ने बताया कि इससे पहले भी उनके संघ बीते वर्ष 10 से 16 दिसंबर के बीच रायपुर में धरना प्रदर्शन कर अपनी मांगो को दोहराया था। तात्कालिक समय में आश्वासन देते हुए सरकार ने आवश्वासन देते हुए मांग शीघ्र पूरा करने की बात कही थी। छह माह से अधिक समय बीत चुका है अब तक कोई सुनवाई नहीं हुई है। धरना स्थल को जिले भर से पहुंचे पदाधिकारियों ने संबोधित किया। अध्यक्ष ने बताया कि कोरोना जैसे कठिन समय में भी कार्यकर्ता व सहायिकाओं ने स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के साथ कदम से कदम मिलाकर काम किया। यही नहीं कोरोना पीड़ितों के सहयोग के लिए मुख्यमंत्री राहत कोष में अपने मानदेय राशि को न्यौछावर कर दिया था। कुपोषण दर को दूर कर के लिए सरकार की योजनाओं को घर घर तक पहुंचाने में पीछे नहीं रहे। इन तमाम उपलब्धियों के बाद भी शासन हमारी सुध नहीं ली। उद्बोधन के पश्चात धरना स्थल में उपस्थित महिलाओं ने रैली निकाली। तानसेन चौक से कलेक्ट्रेट गेट तक पहुंची महिलाओं ने मांग पूरा करने के संबंध में नारेबाजी की। अपर कलेक्टर विजेंद्र पाटले को मुख्यमंत्री के नाम मांग पत्र प्रदान किया।

कार्यकर्ता को दी जाए निश्शुल्क मोबाइल

महिलाओं ने बताया कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को पोषण ट्रेकर एप में जानकारी मांगी जाती हैं। उनका वेतन इतना नहीं है कि एनड्रायड मोबाइल खरीदी सकें। घर की मोबाइल से सुविधा देने के एवज में उन्हे नेट खर्च के लिए राशि प्रदान नहीं की जाती। कार्यकर्ताओं को सरकार मोबाइल के नेट रिचार्ज की भी सुविधा प्रदान करे। इससे न केवल प्रशासन बल्कि कार्यकर्ताओं को भी सहूलियत होगी। नेटवर्क विहीन गांवों से भी आंगनबाड़ी के आवश्यक डाटा को नेटवर्क क्षेत्र में आकर भेज सकेंगे।

इन मांगों पर भी हुई चर्चा

महिलाओं ने प्रदर्शन के दौरान छत्र सूत्रीय में जिन मांगों को शामिल किया गया है उनमें सुपरवाइजर पद पर पदोन्नाति शामिल है। महिलाओं का कहना है कि बिना परीक्षा लिए कार्यकर्ताओं को सुपरवाइजर बनाया जाए। मिनी आंगनबाड़ी को पूर्ण आंगनबाड़ी बनाया जाएगा। कार्यकर्ता अथवा सहायिका के आकस्मिक मृत्यु होने पर उनके स्वजनों को अनुकंपा नियुक्ति दी जाए। सेवानिवृत्ति के पश्चात कार्यकर्ताओं को पांच लाख व सहायिकाओं को तीन लाख प्रदान किया जाए।

Posted By: Nai Dunia News Network

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