कोरबा। नईदुनिया प्रतिनिधि

कटघोरा वनमंडल के ग्राम सलिहाभाठा में रात को एक हाथी घुसकर जमकर उत्पात मचाया। इस दौरान एक महिला अपने दूधमुंहे बच्चे के साथ हाथी के बीच घिर गई। भागने के दौरान वह बच्चे के साथ गिर पड़ी, जिससे उसे चोट आई है। घायल महिला को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

कटघोरा वनमंडल एतमानगर रेंज में 42 हाथियों का दल पिछले 15 दिन से विचरण कर रहा है। इस कारण से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। अंधेरा होते ही हाथी चिंघाड़ते हुए गांव की ओर बढ़ते हैं। गांव वाले रतजगा कर अपने जानमाल की रक्षा कर रहे हैं। कटघोरा के सलिहाभाठा में गुरुवार की रात ग्रामीण अलाव ताप रहे थे, तभी एक हाथी मौके पर पहुंच गया। हाथी को देख ग्रामीण भाग खड़े हुए, लेकिन सोनिया नामक एक महिला अपने एक माह के दूधमुंहे बच्चे के साथ हाथी से घिर गई। हाथी ने उसे मारने दौड़ाया तो वह बच्चे समेत नीचे गिर गई, लेकिन उसने अपना धैर्य नहीं खोया और अपने बच्चे की रक्षा करती रही। हाथी ने महिला को घायल कर दिया और भाग गया। ग्रामीणों को लगा कि हाथी ने सोनिया को मार दिया है, लेकिन सोनिया के चिल्लाने की आवाज सुनकर आनन-फानन में गांव वालों ने उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उसका उपचार जारी है।

घायल रतिराम को आर्थिक मदद की दरकार

फोटो नंबर-17केओ25- कोरबा। घायल रतिराम सारथी ।

केंदई वन परिक्षेत्र के ग्राम कोरबी निवासी रतिराम सारथी को 15 दिन पहले 42 हाथियों के झुंड ने घायल कर दिया था। उसके कमर में गंभीर चोट आई थी। इस दौरान वन विभाग के अधिकारियों ने उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया था। रतिराम ने बताया कि घटना के वक्त केंदई वनपरिक्षेत्र अधिकारी अश्विनी चौबे ने पांच हजार रुपये इलाज के लिए प्रदान किया था। 14 दिन बीतने के बाद भी वन विभाग के अधिकारी हालचाल जानने उसके पास नहीं पहुंचे। रतिराम ने कहा कि उसकी आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। डॉक्टरों का कहना है कि उसकी पसली में गंभीर चोट आई है, जिससे घाव भरने में वक्त लग रहा है। वन विभाग उसके उपचार को लेकर गंभीर नहीं है। उसे ठीक होने में अभी और 15 दिन लगेंगे। ऐसे में इलाज के लिए उसे पैसे की और आवश्यकता है। उसका परिवार काफी परेशान है। मदद के नाम पर रिश्तेदारों व ग्रामीणों से आर्थिक सहयोग लिया गया है, लेकिन वन विभाग ने अब तक उसकी कोई सुध नहीं ली है।

Posted By: Nai Dunia News Network

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