कोरबा (नईदुनिया प्रतिनिधि)। नवरात्र पर्व के अंतिम दिन सिद्धिदात्री माता की आराधना की गई। इस अवसर पर यज्ञ अनुष्ठान के साथ पूजा की गई। मन्ना्‌त के ज्योति कलश प्रज्ज्वलित कराने वाले श्रद्धालुओं की मंदिरों में कतार लगी रही । सिद्धिदात्री अनुष्ठान के पश्चात सर्वमंगला सहित तमाम देवी मंदिर और पंडालों दीप ज्योति की पूजा की गई।

नवरात्र पर्व का उत्साह अंतिम दिन भी उत्कर्ष पर रहा है। मंदिरों व पंडालों में परंपरागत रीति रिवाज से पूजा आराधना की गई। सर्वमंगला मंदिर से जौ कलश विसर्जन यात्रा निकाली गई। 108 जौ कलश की विसर्जन शोभायात्रा को देखने भक्तों की खासी तदाद में उपस्थिति देखी गई। बाजे गाजे और देवी जस गीत के साथ कलश को हसदेव नदी में विसर्जित किया गया। यज्ञ अनुष्ठान में शामिल होने के लिए खासी तादात में भक्त उपस्थित रहे। पर्व के अंतिम दिन पंडालों में भोग भंडारे का आयोजन किया गया। देवी मां की दर्शन के साथ प्रसाद ग्रहण करने के लिए खासी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते रहे। पंडाल परिसर में डांडिया व गरबा नवरात्र के अंतिम दिवस जोर शोर से जारी रहा। मंदिरों में बोए गए जवारा को सांस्कृतिक रीति रिवाज से नदी व सरोवरों विसर्जित किया गया। शहरी क्षेत्र के पंडालों व देवी मंदिरों में नवरात्र समापन के साथ पर्वतीय क्षेत्रों के देवी मंदिर कोसगाई, महिषासुर मर्दिनी चैतुरगढ़ मंदिर में संपन्ना हुई है। मड़वारानी मंदिर में पंचमी से शुरू नवरात्र अब भी जारी है।

कन्याओं को कराया गया भोजन

नवरात्र पर्व के अंतिम दिन कन्याओं की पूजा कर उन्हे भोजन कराया गया। सार्वजनिक दुर्गा उत्सव समिति की ओर से आयोजित महाभोज में उपस्थित कन्याओं की विधिवत पूजा कर उन्हे भोजन कराया गया। कन्या पूजन के बाद देवी पंडाल के अलावा मंदिरों में नवरात्र के अंतिम दिन भोग प्रसाद का वितरण किया गया है। मंदिर प्रबंधन व समिति सदस्यों की ओर से आयोजित भंडारे में प्रसाद ग्रहण करने के लिए सुबह दोपहर से ही भक्तों की कतार लगी रही। ने कन्याओं को भोजन कराने के पश्चात अपना व्रत संपन्ना कर प्रसाद ग्रहण किया।

सिंदूरदान के साथ होगी प्रतिमा विसर्जन

नवरात्र पर्व समापन के बाद शुक्रवार को विजयादशमी के अवसर पर विभिन्ना समितियों के पंडालों में स्थापित प्रतिमाएं विसर्जित की जाएंगी। विसर्जन के पूर्व पंडालों में देवी प्रतिमा महिलाएं सिंदूर लगाएंगी। इसके पश्चात सुहागिन एक दूसरे के माथे पर सिंदूर लगाती हैं। प्रतिमा विसर्जन मानिकपुर पोखरी, सर्वमगला नदीघाट व दर्री बांध के अलावा नहर के विभिन्ना स्थानों में की जाएगी। कई समितियों में स्थापित प्रतिमाओं को शनिवार को भी विसर्जित किया जाएगा। घाटों में विजर्सन को लेकर व्यवस्था की कमी देखी जा रही है।

Posted By: Nai Dunia News Network

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