कोरबा (नईदुनिया प्रतिनिधि)। रेलवे स्टेशन में आरक्षण काउंटर की खिड़की खुलते ही कैंसिल टिकट लेकर यात्री अपना रिफंड प्राप्त करने पहुंचने लगे हैं। पीआरएस में दो काउंटर खुले हैं, जिसमें एक पर आरक्षण तो दूसरे में रिफंड सुविधा प्रदान की जा रही। शनिवार को कंप्लीट लॉकडाउन के बाद भी 80 टिकट पर दो लाख 5 हजार रुपये का रिफंड किया गया। अब तक यह प्रक्रिया बिलासपुर शिफ्ट कर दी गई थी। कोरबा में ही यह सुविधा बहाल होने से लोग राहत महसूस कर रहे हैं।

रेल प्रशासन ने कोरोना संकट को देखते हुए घोषित लॉकडाउन में एहतियातन कदम उठाते हुए यात्री ट्रेनों का परिचालन बंद कर दिया। इसके साथ ही 22 मार्च के बाद अपनी यात्रा की प्लानिंग कर ट्रेन में आरक्षण कराने वाले यात्रियों की बुकिंग भी कैंसिल कर दी गई। ट्रेनों का परिचालन तो बंद हुआ ही, बड़ी संख्या में रेल यात्रियों की रकम भी फंस गई। रेलवे ने 30 जून तक की यात्रा के आरक्षण के साथ यात्रियों के टिकट रद्द कर दिए थे। इनमें सामान्य यात्री ट्रेनों के अलावा मेल व एक्सप्रेस के अलावा सभी ट्रेनें शामिल थीं। ऐसी ट्रेनों में आरक्षण कराने वाले यात्रियों का पूरा किराया रिफंड भी किया जा रहा है। प्रारंभ में आरक्षण केंद्रों को केवल रिफंड के लिए शुरू किया गया था, लेकिन लोगों की भारी भीड़ जुटने से हो रहे फिजिकल डिस्टेंस के उल्लंघन को देखते हुए काउंटर बंद कर दिए गए और रिफंड की सारी प्रक्रिया बिलासपुर कार्यालय शिफ्ट कर दिया गया था। शुक्रवार से रेलवे काउंटरों को जनशताब्दी व दो अन्य एक्सप्रेस ट्रेनों में आरक्षण के लिए तो शुरू किया ही गया, रिफंड के लिए भी सुविधा शुरू कर दी गई। शनिवार को दूसरे दिन बड़ी संख्या में लोग रेलवे स्टेशन स्थित यात्री आरक्षण केंद्र (पीआरएस) पहुंचे थे, जिनमें से 80 टिकट के लिए रद्द होने पर दो लाख पांच हजार रुपये का रिफंड जारी किया गया।

रकम की कमी के चलते कई लोग बैरंग लौटे

रिफंड के लिए काउंटर खुलने के बाद भी पीआरएस में रकम खत्म हो जाने के कारण कई लोगों को बिना रिफंड प्राप्त किए ही लौटना पड़ा। यात्री ट्रेनों का परिचालन बंद करने के साथ ही आरक्षण सेवाएं भी ठप कर दी गईं। इस तरह वर्तमान में जनरल काउंटर तो पूरी तरह ठप हैं, पीआरएस में भी आवक न के बराबर है। ऐसे में यहां नकदी की कमी होने से पीआरएस की तिजोरी की स्थिति भी मंद चल रही है, जिससे रिफंड कराने वालों को लौटाने रकम की कमी महसूस की जा रही। यही वजह है जो शनिवार को अपनी कैंसिल टिकट लेकर पीआरएस पहुंचे कई लोगों को बिना रिफंड की राशि प्राप्त किए ही लौटना पड़ा।

पहले दिन एक, दूसरे दिन शताब्दी में सात टिकट

रेलवे प्रशासन ने शुक्रवार से रेलवे स्टेशन स्थित यात्री आरक्षण केंद्र के टिकट काउंटर को भी आम लोगों के लिए पुनः शुरू कर दिया है। प्रतिदिन सुबह आठ से शाम साढ़े छह बजे तक स्टेशन पीआरएस की एक खिड़की पर आरक्षण कराने की सुविधा प्रदान की जा रही। इसके अलावा शताब्दी समेत तीन एक्सप्रेस ट्रेनों के लिए ऑनलाइन टिकटिंग प्रणाली का प्रयोग भी किया जा सकता है। पहले दिन रायगढ़-गोंदिया जनशताब्दी एक्सप्रेस के लिए बिल्हा तक के लिए सिर्फ एक आरक्षण प्राप्त किया गया था। शनिवार को दूसरे दिन की सेवा में स्टेशन पीआरएस पर शाम साढ़े छह बजे तक सात टिकट आरक्षित कराए गए।

आइआरसीटीसी से ई-टिकटिंग पर रेलवे का जोर

आरक्षण काउंटर बंद होने से यात्रियों की बड़ी संख्या इंटरनेट पर घर बैठे टिकट बुक करा रही है। इनमें ज्यादातर ऐसे लोग हैं, जो आइटी तकनीक के इस्तेमाल से भली-भांति अवगत व प्रशिक्षत हैं। स्मार्टफोन या लैपटॉप जैसे संसाधनों से भी लैस हैं, जिससे वे घर बैठे अपनी टिकट खुद बुक कर सकते हैं। हालांकि वर्तमान में वेटिंग लिस्ट काफी ज्यादा होने से इसमें भी काफी दिक्कत होती रही। पर लॉकडाउन की तिथि बढ़ते जाने से इंटरनेट से बुकिंग भी रद्द हुई पर किराए की रकम इस सेवा में खुद-ब-खुद यात्री के खाते में लौट आती है। प्रबंधन ने पीआरएस की बजाय आइआरसीटीसी की साइट पर जाकर ऑनलाइन ई-टिकटिंग पर जोर दिया है।

Posted By: Nai Dunia News Network

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