कोरबा। दुर्गा पूजा पंडाल में शुरू मामूली विवाद गैंगवार में बदल गया और दशहरा की रात को जमकर खूनी संघर्ष हो गया। इस घटना में घायल हो गए तीन लोगों को उपचार के लिए भर्ती कराया गया था। जहां एक की मौत हो गई। करीब दो दर्जन लोगों ने स्कार्पियों में सवार तीनों को घेर कर पथराव किया, बाहर निकाल जमकर डंडे बरसाए। कुछ आरोपित चाकू से भी लैस थे। इस घटना की वजह से क्षेत्र में तनाव की स्थिति बनी हुई है। एक आरोपित को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।

घटना कुसमुंडा थाना क्षेत्र के प्रेमनगर में स्थित दुर्गा पंडाल में सात अक्टूबर को रात करीब दस बजे उस वक्त विवाद शुरू हुआ। जब कपाटमुडा निवासी भानू खुंटे का भांजा अभिषेक खुंटे नशे की अवस्था में डीजे बाक्स पर जा बैठा। समिति के कुछ लोगों ने उसे ऐसा करने से मना किया, तो वह धौंस जमाते हुए विवाद करने लगा।

मौके पर उपस्थित समिति के सदस्य राजेश साहू ने उसकी पिटाई कर दी और अन्य लोगों के साथ मिल कर उसे पंडाल से बाहर निकाल दिया। इस घटना की जानकारी उसने अपने मामा भानू खुंटे व राजेन्द्र खुंटे को दी। इसके साथ ही दोनों भाई अपने दोस्त सुनील सिंह व बसंत राठौर के साथ डांस कार्यक्रम स्थल पर पहुंच गए और यहां भरी भीड़ के सामने दोनों गुटों के बीच जम कर गाली गलौज व हाथापाई होेने लगी, राजेश साहू को भीड़ से अलग ले जाकर पीटा भी गया।

स्थानीय लोगों ने किसी तरह उस वक्त मामला शांत करा दिया, पर यह विवाद अंदर ही अंदर सुलग रहा था। आठ अक्टूबर यानी दशहरा के दिन रात करीब 11 बजे राजेन्द्र खुंटे को सामुदायिक भवन के पास राजेश साहू मिला, तो वह उसे भांजे के साथ किए गए मारपीट को लेकर धमकाने लगा। यह देख राजेश अपने भाई राकेश व अन्य लोगों को मोबाईल कर बुलाने लगा। राजेन्द्र ने भी अपने भाई भानू खुंटे को इसकी जानकारी दी।

पूरी तैयारी के साथ भानू खुंटे अपने दोस्त सुनील सिंह व उसकी स्कार्पियो क्रमांक सीजी 12 एएल 3162 में सवार होकर मौके पर पहुंचे। इनके साथ बसंत राठौर, मृगेश साहू नाम का दो युवक भी थे। इनके पहुंचंंने के पहले ही राजेन्द्र वहां से खिसक लिया था,जबकि राजेश साहू का भाई राकेश साहू समेत करीब दो दर्जन उनके समर्थक पहुंच चुके थे। स्कार्पियो में सवार विपक्षियों पर सभी ने मिल कर एक साथ ताबड़तोड़ हमला कर दिया।

कांच में पत्थर बरसाए, लाठी से भी पिटाई शुरू कर दी। किसी तरह बसंत राठौर तो भाग निकला, पर भानू खुंटे, सुनील सिंह व मृगेश साहू को बुरी कदर पीटा गया। सभी को गंभीर चोटें आई, पर सुनील के सिर में घातक चोट होने की वजह से उसकी स्थिति नाजूक हो गई।

एनकेएच हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था, जहां आईसीयू में रखा गया। नौ अक्टूबर को दोपहर में उसने अंतिम सांसे ली। मौत की खबर के साथ ही प्रेमनगर व कुसमुंडा क्षेत्र में शोक के साथ असंतोष की लहर दौड़ गई। पुलिस ने इस मामले में पहले 294, 506 बी, 147, 148, 149 व हत्या का प्रयास की धारा 307 दर्ज किया था, मौत के बाद हत्या का अपराध धारा 302 में तब्दील कर दिया गया है।