कोरबा । एसईसीएल की कुसमुुंडा, गेवरा व दीपका कोयला खदान में चलने वाले भारी वाहनों से रात को डीजल चोरी किए जाने की घटना एक बार फिर शुरू हो गई है। पिछले एक सप्ताह से प्रतिदिन छह हजार लीटर डीजल की चोरी खदानों से की जा रही है। बाजार कीमत के अनुसार 4.33 लाख का डीजल हर रोज चोरी कर चोर महारत्न कंपनी कोल इंडिया को चूना लगा रहे हैं। एक खदान से औसतन दो हजार लीटर डीजल की चोरी की जा रही। इस पूरे मामले में पुलिस की भूमिका संदिग्ध है।

ऊर्जानगरी में संचालित कोयला खदान से डीजल व स्क्रेप की चोरी सुनियोजित ढंग से की जा रही है। पहले यह काम धड़ल्ले से चल रहा था, फिर बीच में इस पर ब्रेक लगा और अभी पिछले एक सप्ताह से डीजल चोर गिरोह ने फिर से सिर उठा लिया है। बेहद गंभीर बात यह है कि कुसमुंडा थाना क्षेत्र में रहने वाला एक कुख्यात अपराधी डीजल चोर गिरोह का सरगना है। यह अपराधी कटघोरा उपजेल ब्रेक कांड में शामिल रहा है।

इस गिरोह में करीब 40 सदस्य शामिल हैं। एक साथ खदान के अंदर रात को बोलेरो और जायलो लेकर गिरोह प्रवेश कर जाता है। हथियार बंद ये अपराधी इस बात की परवाह नहीं करते कि खदान की सुरक्षा में लगे कर्मियों की नजर उन पर पड़ जाएगी।

यदि कोई सुरक्षाकर्मी इन्हें रोकने की कोशिश करे तो उन पर हमला करने से भी नहीं चूकते। 35 लीटर के करीब 55 जेरीकेन में डोजर व डंपर से डीजल निकाल कर बोलेरो व जायलो में रखने के बाद खदान से बाहर निकल जाते हैं। ऐसा नहीं कि पुलिस को इसकी भनकी नहीं है, पर कार्रवाई नहीं किया जाना समझ से परे है।

गेवरा-दीपका के चोर भी बेचते हैं सरगना के पास

गिरोह ने पिकअप वाहन में दो हजार लीटर क्षमता वाली टंकी बना रखी है। ऐसे दो वाहन जिसमें चोरी किए गए करीब चार हजार लीटर डीजल संग्रहित कर लेते हैं। इसके बाद इस टैंकर के माध्यम से ही ट्रेलर चालकों को डीजल बेचा जाता है। गेवरा व दीपका में भी इस गिरोह से जुड़े अपराधी ही डीजल की चोरी कर रहे। मजे की बात यह है कि ये गिरोह भी जेल ब्रेक के अपराधी यानी गिरोह के सरगना को ही डीजल औने-पौने दाम में बेचते हैं। यह इनकी मजबूरी है, क्योंकि बाहर अधिक दाम पर खपाएंगे तो पुलिस से मुखबिरी कर पकड़वा दिया जाता है।

35 लीटर का जेरीकेन 1200 में

सूत्रों का दावा है कि गेवरा व दीपका से चोरी किए गए डीजल को प्रति जेरीकेन 1200 रुपये के हिसाब से मुख्य सरगना खरीदता है। एक जरीकेन में 35 लीटर डीजल रहता है, जबकि ट्रेलर चालक व मालिकों को 55 रुपये प्रति लीटर के हिसाब से डीजल खपाते हैं। यानी प्रति लीटर 34 रुपये में खरीदे गए डीजल से 21 रुपये सरगना कमा लेता है। कुसमुंडा से तो वह खुद ही चोरी कर रहा है, इसलिए लिहाज से सदस्यों को वेतन की तर्ज पर भुगतान करता है।

चोरी का डीजल लूट लेता है नामी गुंडा

रोचक तथ्य यह है कि एक नामी गुंडा डीजल चोर के सरगना पर भारी पड़ रहा। रात को डीजल की चोरी कर भागते वक्त यह गुंडा अपने गुर्गों के साथ मौके पर जा धमकता है और अपने बाहूबल के दम पर कई बार डीजल लूट लेता है। ऐसे में समझा जा सकता है कि इस शातिर अपराधी पर राज करने वाला कोई और अपराधी भी है। कई बार इस तरह की परिस्थितियों में गैंगवार की भी आशंका बनी रहती है। पहले भी खदान क्षेत्र में गैंगवार के चलते तनाव की स्थिति निर्मित हो चुकी है।

बेहद डरे हुए हैं खदानकर्मी

खदान में काम करने वाले कर्मी डीजल चोरों के आतंक से बेहद डरे हुए हैं। चोरी के दौरान यदि कोई कर्मी सामने पड़ जाए तो उसकी खैर नहीं। खदान में तैनात सुरक्षाकर्मी भी कई बार चोरों के बुलंद हौसले को देखते हुए अनदेखी कर रास्ता बदल लेते हैं। पुलिस यदि नकेल नहीं कसी तो डीजल चोरों का आतंक बढ़ता जाएगा।

एक माह पहले सुरक्षाकर्मियों ने किया था पीछा

पिछले 25 दिसंबर को गेवरा खदान में ड्रिल मशीन से डीजल निकाल कर कैंपर वाहन में रखे जेरीकेन में पाइप से भर रहे थे, इस दौरान सुरक्षाकर्मियों की टीम पहुंची। पेट्रोलिंग टीम को देखकर चोर कैंपर लेकर भागने लगे। दल ने उनका पीछा किया, इस दौरान कैंपर क्रमांक सीजी 12 क्यू 6974 को छोड़कर भाग गए। वहीं दूसरा कैंपर क्रमांक सीजी 12 एडब्ल्यू 1152 कुछ दूर में लावारिस अवस्था में मिला। वाहनों में 60 लीटर डीजल भरा था। सुरक्षाकर्मी तो कार्रवाई कर रहे, पर पुलिस सक्रिय नहीं है, इस वजह से डीजल चोरी की वारदातों पर अंकुश नहीं लग पा रहा।

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