दीपका, कोरबा Korba Mining Company : ऊर्जाधानी भू-विस्थापित किसान कल्याण समिति ने एसईसीएल के अधीन कार्यरत ठेका कंपनियों में भू-विस्थापित परिवार एवं स्थानीय बेरोजगारों को रोजगार उपलब्ध कराने की मांग की है। समिति ने जिले के चारों एरिया के महाप्रबंधक और ठेका कंपनियों के प्रबंधकों को पत्र लिखा है।

ऊर्जाधानी भू-विस्थापित किसान कल्याण समिति के अध्यक्ष ने पत्र में उल्लेख किया है कि खदानों के लिए जमीन का अधिग्रहण कर लिए जाने के कारण क्षेत्र में कृषि कार्य और दूसरे सभी रोजगारमूलक कार्य समाप्त हो चुके हैं। खदान एवं प्रभावित क्षेत्र में बड़ी संख्या में बेरोजगार हैं, जिन्हें रोजगार के लिए भटकना पड़ रहा है, जबकि खदानों में नियोजित ठेका कंपनियां बाहर से मजदूर लाकर कार्य कराती है।

एसईसीएल प्रबंधन और स्थानीय प्रशासन की नैतिक जिम्मेदारी बनती है कि स्थानीय लोंगो को रोजगार उपलब्ध कराकर जीवन यापन में मदद करें, किंतु वे अपनी जिम्मेदारी पूरा नहीं कर रहे हैं। पत्र में कहा गया है कि सबंधित ठेका कंपनियां श्रम कानून का खुला उल्लंघन कर रही हैं।

निर्धारित वेतन नहीं दिया जा रहा है, बल्कि जहां बैंक पेमेंट करना जरूरी है वहां खाते में वेतन की रकम जमा कराने के बाद कर्मचारी से वापस ले ली जाती है। ठेका कामगारों को पीएफ की जानकारी नहीं दिया जाता है। इसी तरह किसी तरह की सुविधाएं प्रदान नहीं की जाती। अगर किसी कामगार ने शिकायत की तो उसे काम से निकाल दिया जाता है।

कई बार ऐसा भी होता है कि ठेका समाप्त हो जाने के बाद कामगारों को वापस रखने के लिए मुंशी रुपये लेकर काम पर रखता है। संगठन ने मांग रखी है कि स्थानीय और भू-विस्थापित परिवार के बेरोजगारों को रोजगार में प्राथमिकता दी जाए और कामगारों को सामाजिक सुरक्षा के मापदंडों का पालन किया जाए अन्यथा आंदोलन के लिए बाध्य होना पड़ेगा।

Posted By: Nai Dunia News Network

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