पसान/ कोरबा, नईदुनिया न्यूज। लोन देने के नाम पर 25 महिलाओं से 95 हजार ऐंठ लेने व बदले में 8.40 लाख का नकली नोट थमा कर ठगी किए जाने के मामले में पुलिस ने पेंड्रा व गौरेला थाना क्षेत्र के रहने वाले तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने नकली नोट छापने के लिए उपयोग किया गया कलर प्रिंटर व दो हजार के नौ नकली नोट बरामद किया है। एक आरोपित के हाथ में बना कोबरा का टैटू ने पुलिस की मदद की और गिरोह तक पहुंचने में सफलता मिली।

पसान थानांतर्गत ग्राम लैंगा में महिलाओं को बिना किसी कागजी कार्रवाई के लोन देने का झांसा देकर 22 दिन पहले दो युवकों ने 95 हजार की ठगी कर ली थी। बदले में युवकों ने महिलाओं को दो हजार के नकली नोटों के बंडल थमा दिए थे, जो लगभग आठ लाख 40 हजार के थे।

लोन लेने वाली महिलाएं गरीब परिवार से थीं। लोन की आस में पैसे उधार लेकर कमीशन की राशि एकत्रित की थी। लोन देने के एवज में 10 फीसदी कमीशन देने की शर्त रखी गई थी। ठगे जाने के बाद महिलाओं ने इसकी शिकायत पसान पुलिस से की थी।

पुलिस ने अज्ञात आरोपितों के खिलाफ धारा 420 व 489 के तहत अपराध पंजीबद्ध किया था। विवेचना के लिए एसडीओपी पंकज पटेल ने एक टीम गठित की थी। महिलाओं के बताए हुए हुलिए के अनुसार आरोपितों का स्कैच तैयार किया गया। महिलाओं ने बताया कि एक आरोपित के हाथ में सांपनुमा टैटू बना हुआ है।

बस यही सुराग पुलिस के लिए महत्वपूर्ण साबित हुआ और आरोपितों को ढूंढ़ते हुए पुलिस गौरेला पहुंच गई। पुलिस ने यहां स्थित सपनी गांव निवासी रवि गुप्ता के घर के आसपास निगरानी की तो सच्चाई सामने आ गई। रवि अपने सपनी निवासी मित्र कामता प्रसाद गंधर्व के साथ मिलकर इस वारदात को अंजाम दिया था।

पूछताछ के दौरान अपराध कबूल करते हुए आरोपितों ने बताया कि गौरेला के ग्राम मेडुका निवासी अमित कुमार पड़वार से 1500 रुपये किराए पर कलर प्रिंटर लेकर नकली नोट छापे। पकड़े जाने के डर से कामता ने घर के पीछे गड्ढा कर प्रिंटर को छिपा दिया था। पुलिस ने आरोपितों की निशानदेही पर प्रिंटर व छापकर रखे नकली नोट को बरामद कर लिया है।

आरोपितों में खलबली से पुलिस हुई सतर्क

पुलिस लगातार रवि के संबंध में क्षेत्र में जानकारी एकत्रित कर रही थी। इसकी भनक अमित को लगी तो उसे माजरा समझने में देर नहीं लगी। वह फंसने के डर से अपना प्रिंटर लेने कामता के पास जा पहुंचा और प्रिंटर घर ले आया। आरोपितों में ऐसा हड़कंप मचा कि पुलिस यह समझ गई कि कुछ न कुछ गड़बड़ जरूर है। सबसे पहले कामता को हिरासत में लिया गया और उसके बाद रवि और अमित पकड़ में आए।