कोरबा, नईदुनिया प्रतिनिधि। खाद्य और औषधि नियंत्रण बोर्ड की जिला इकाई की ओर से वर्ष 2019 में जनवरी से नवंबर माह के बीच 123 दुकानों में छापामार कार्रवाई की गई। इस दौरान 47 दुकानों से खाद्य सामानों का सैंपल लेकर परीक्षण के लिए रायपुर लैब भेजा गया था। लैब से 37 सैंपल का रिपोर्ट आ गई है, जिसमें सात रेस्टोरेंट व होटल से लिए गए सैंपल स्तरहीन पाए गए हैं। 30 नमूने जांच में सही पाए गए, जबकि 10 नमूनों की जांच अभी जारी है। जिन संस्थानों के सामग्री अमानक पाए गए हैं, उसकी रिपोर्ट अनुविभागीय दंडाधिकारी को सौंप दी गई है। मामले में कार्रवाई व निराकरण एसडीएम व सीजेएम यानी मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी के कोर्ट से होगा। त्योहारी सीजन के दौरान खाद्य औषधि नियंत्रण के साथ मिलकर प्रशासनिक कार्रवाई से नकली सामान बेचने वालों में हड़कंप मच गया था। अधिकारियों ने दुकान से सामानों का सैंपल लेकर परीक्षण के लिए रायपुर लैब भेज दिया था। खाद्य औषधि नियंत्रण शाखा की ओर से पहले भी छापामार कार्रवाई कर नमूने के लैब भेजा जाता था, किंतु रिपार्ट आने के बाद जानकारी को उजागर नहीं किया जाता था।

जारी वर्ष में जनवरी से नवंबर माह तक जिस तरह से मामले सामने आए वह चौंकाने वाले रहे। रेस्टोरेंट-होटलों में अमानक तेल से सामग्री तैयार की जा रही थी। इसके अलावा कालातीत पानी बॉटल, शीतल पेय, नमकीन आदि सामानों बिक्री की जा रही थी। अब तक खाद्य नियंत्रण की ओर से छोटे गुमटी ठेले से लेकर बड़े रेस्टोरेंट-होटलों में कार्रवाई की गई।

खाद्य औषधि नियंत्रण के साथ प्रशासनिक सहयोग होने पर अधिक से अधिक दुकानों पर कार्रवाई हुई है। विभागीय अधिकारी की मानें तो जिन खाद्य सामानों के नमूने को गुणवत्ताहीन पाया गया है, उसकी रिपोर्ट न्यायायल को सौंपा दिया गया है। खाद्य अधिनियम के तहत मामले के स्तर को देखते हुए प्रकरण को अनुविभागीय दंडाधिकारी व मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के न्यायलय भेजा गया है। अंतिम सुनवाई और जुर्माना कोर्ट से होगी।

गंदगी की वजह से 56 दुकान में 1.47 लाख जुर्माना

छापामार कार्रवाई के दौरान रेस्टोरेंट में स्वच्छता का विशेष निरीक्षण किया गया। इस दौरान अधिकांश दुकानों में साफ-सफाई की उपेक्षा किए जाने पर प्रकरण दर्ज किया गया। स्वच्छता की उपेक्षा के मामले 56 दुकानों पर एक लाख 47 हजार रुपये का जुर्माना आरोपित किया गया। साथ ही दुकान संचालकों को हिदायत दी गई कि वह स्वच्छता का खयाल रखें अन्यथा स्वच्छता की अनदेखी किए जाने की स्थिति में दोगुना जुर्माना किया जाएगा।

सघन कार्रवाई का अभाव

खाद्य औषधि नियंत्रण की ओर से केवल त्योहारी सीजन में ही कार्रवाई की जाती है। ज्यादातर अक्टूबर-नवंबर माह में कार्रवाई की जाती है। इसके विपरीत दीगर त्योहारों व सामान्य दिनों भी गुणवत्ताहीन सामग्रियां विक्रय की जाती है। बाजारों में ज्यादातर मिलावटी सामानों को कम कीमत का हवाला देकर खपाया जाता है। इस तरह के मामले में कार्रवाई नहीं किए जाने के कारण थोक कारोबारी खासी तादाद में मिलावटी सामान को खपा लेते हैं।

मिष्ठान सामग्रियों में ही फोकस

सबसे अधिक कार्रवाई दो माह के भीतर हुई। अब तक जितने भी प्रकरण बने हैं उनमें ज्यादातर मिष्ठान सामग्री विक्रय करने वालों पर ही फोकस रहा है। रेस्टोरेंट ढाबों में अपेक्षित कार्रवाई नहीं की गई है। नियमित कार्रवाई नहीं किए जाने के कारण चिकन, बिरयानी के अलावा जिम संस्थान जहां शारीरिक शौष्ठव बढ़ाने के नाम पर दवाएं दी जा रही है, वहां गुणवत्ताविहीन सामान खप रहे हैं।

इन संस्थानों के सैंपल अमानक

0 मधुबन रेस्टोरेंट बाल्को

0 नेचुरियल कोरबा

0 गोकुल पेड़ा सेंटर कोरबा

0 न्यू डेलही स्वीट कोरबा

0 हेरीटेज इन कोरबा

0 शंकर जनरल स्टोर्स बांकीमोगरा

0 विकास जनरल स्टोर्स ढेलवाडीह

खाद्य औषधि नियंत्रण शाखा की ओर से जनवरी से नवंबर माह के भीतर विभिन्न दुकानों छापामार कार्रवाई की गई। 47 प्रतिष्ठानों से सैंपल लेकर जांच के लिए लैब भेजा गया था। सात संस्थानों के सामग्रियों की रिपोर्ट अमानक पाए गए हैं। रिपोर्ट को कोर्ट में सौंपा गया है। मामले में अंतिम निर्णय कोर्ट से लिया जाएगा। स्वच्छता की उपेक्षा के मामले में 1.47 लाख का जुर्माना विभिन्न दुकानों पर लगाया गया है। - भीष्म सिंह, खाद्य एवं औषधि नियंत्रण अधिकारी

Posted By: Nai Dunia News Network