कोरबा, नईदुनिया प्रतिनिधि। एक युवती को स्कूटी में घूमने- फिरने का शौक ऐसा चढ़ा कि उसने स्कूटी चोरी करना शुरू कर दिया। मामला यहीं तक सीमित नहीं रहा। इसके लिए वह पेंट-शर्ट पहनकर लड़के का भेष धारण कर निकलती थी। अंदाज भी शातिराना था। चोरी करने के बाद स्कूटी का नंबर बदल दिया करती थी। लक्जरी शौक के कारण अब वह सलाखों के पीछे पहुंच गई है।

सिटी कोतवाली पुलिस की एक टीम इमलीडुग्गू चौक के पास नाकेबंदी कर गाड़ियों की जांच कर रही थी। इस दौरान कोरबा से उरगा की ओर जा रही ग्रे कलर की एक्टिवा क्रमांक सीजी 12 एके 1811 में जा रही युवती को पुलिस ने रोका। उससे पूछताछ की गई तो उसने अपना नाम भिलाईखुर्द निवासी भारती यादव पिता बाबूलाल यादव (19) बताया।

पुलिस ने गाड़ी के कागजात दिखाने को कहा तो युवती दस्तावेज नहीं दिखा पाई। इसके बाद पुलिस ने सख्ती से जांच पड़ताल शुरू की तो उसने वाहन को गांजा गली से दो साल पहले चोरी करने का अपराध कबूल कर लिया। उसने बताया नंबर प्लेट बदलकर अब तक स्कूटी का उपयोग कर रही थी।

वाहन चोरी के संबंध में पुलिस ने जब और अधिक पूछताछ की तो उसने बताया कि कुछ दिन पूर्व उसने अग्रोहा मार्ग से भी एक स्कूटी की चोरी की थी, जिसे वह घर में रखी है। पुलिस यह जानकर हैरत में पड़ गई कि भारती लड़कों का हुलिया बनाकर चोरी की घटना को अंजाम देने निकलती थी।

यही नहीं किसी को उस पर शक न हो, इसलिए अक्सर लड़कों के हुलिए में ही घूमती थी। पुलिस ने उसकी निशानदेही पर स्कूटी क्रमांक सीजी 12 एई 2789 को घर से बरामद कर लिया है। युवती के शातिर अंदाज को देखकर पुलिस भी हैरान है।

पुलिस से बचने व नंबर प्लेट बदलकर शहर में गाड़ी चलाती थी, ताकि उस पर किसी को शक न हो। उसने बताया कि वह आसपास की युवतियों को स्कूटी में घूमते देखती थी, जिससे उसे भी स्कूटी चलाने का शौक हुआ और उसने अपना शौक पूरा करने के लिए स्कूटी चोरी करने का रास्ता चुना।

पिकअप का निकला नंबर

आरोपिता ने पुलिस को बताया कि उसकी सहेली ने उसे काफी दिन पहले लॉक स्कूटी को खोलना सिखाया था। वह होंडा साइन की चाबी से स्कूटी को आसानी से खोल लेती थी। अग्रोहा मार्ग व गांजा गली से चोरी की गई स्कूटी अग्रवाल परिवार की है। सिटी कोतवाली में स्कूटी चोरी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। वह जिस नंबर का उपयोग स्कूटी में कर रही थी, वह एक पिकअप का नंबर निकला है।

दोनों स्कूटी में वह इसी नंबर का इस्तेमाल कर चलाती थी। महिला होने के कारण उस पर किसी को शक नहीं हो रहा था, लेकिन जब उसने अपना वेश बदलकर स्कूटी चलाना शुरू किया, इस दौरान कुछ लोगों की नजर उस पर पड़ी और इसकी जानकारी पुलिस को दी गई।

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Posted By: Nai Dunia News Network

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