Korba News कोरबा। इसे रोमांच का जुनून कहें या मूर्खता, हैरतंगेज सेल्फी लेकर साथियों को हैरत में डालने किया गया 18-19 साल के कुछ युवाओं का दुस्साहस उन्हीं पर भारी पड़ गया। घूमने के लिए बांगो बांध गए तीन छात्र नदी में पानी कम देख के पुल के नीचे उतर गए। यहां वे एक पुराने व टूटे स्ट्रक्चर पर बैठ कर तस्वीरें लेने लगे। इस बीच हाइडल प्लांट के लिए बांध से पानी छोड़ दिया गया। अब बारी उनके हैरान होने की थी और बांध से पानी छूटते ही नदी का जल स्तर बढ़ने लगा। जान आफत में पड़ी, तो उनमें से एक ने 112 पर काल किया और टीम ने पहुंचकर रस्सी के सहारे किसी तरह उन्हें बचा लिया।

यह घटना मिनीमाता बांगो बांध में दोपहर करीब दो से ढाई बजे के बीच की है। कटघोरा स्थित जेल बस्ती में रहने वाले तीन छात्र शुभम यादव पिता झारी राम (19), प्रभात पिता राधेश्याम वैष्णव उम्र (19), राजा जायसवाल पिता गुलाब जायसवाल (18) जो कटघोरा के जेल बस्ती के निवासी है जो बांगो बांध घूमने के लिए आए थे।

पहले उन्होंने गेमन पुल कहे जाने वाले बांध के गेट के ऊपर से आस-पास की आकर्षक वादियों का आनंद लिया पर शायद इतना उनके लिए काफी नहीं था। अधिक रोमांच के लालच ने उन्हें थोड़ा और खतरा उठाने को मजबूर कर दिया। फैसला किया गया कि अब तीनों गेमन पुल के नीचे जाएंगे और वहां के एक पुराने व टूटे कांक्रीट स्ट्रक्चर पर नदी के पानी के पास रोमांचक सेल्फी लेंगे। कुछ देर बाद ही तीनों उस स्थान पर थे, जो बांध के गेट के ठीक नीचे है।

अब वे यहां तस्वीरें लेने में व्यस्त हो गए और कुछ देर बाद ही गेट से पानी छूटने से नदी का जल स्तर और बहाव तेज होने लगा। जान का खतरा महसूस हुआ तो प्रभात ने 112 पर मदद के लिए काल किया। कुछ देर बाद ही बांगो कोबरा-01 कालर के बताई गई जगह पर था। तैरने में माहिर आस-पास के कुछ लोगों को नीचे उतरा गया और रस्सी वहां फेंकी गई, जहां पानी के बीच में तीनों छात्र फंसे हुए थे। इस तरह दोनों ओर रस्सी को बांध दिया गया और एक-एक कर तीनों छात्र किनारे पर आ सके। एक घंटे की मशक्कत के बाद बांगो कोबरा-01 की टीम ने उन्हें बचा लिया।

टीम ने दिखाई सूझ-बूझ, रेस्क्यू के साथ हौसला बढ़ाते रहे

सी-फोर से मेडिकल इमरजेंसी की सूचना पर बांगो उनकी टीम तत्काल रवाना होकर पहुंच गई थी। बांगो कोबरा-01 में शामिल 112 के ईआरवी स्टाफ आरक्षक (616) महेंद्र कुमार चंद्रा व चालक लाल सिंह उइके ने धीरज व सूझबूझ से काम लिया। उन्होंने बताया कि गेमन पुल के नीचे मोबाइल से सेल्फी लेते समय बांध के 120 मेगावाट बिजली उत्पादन के अचानक शुरू हो जाने से नदी में पानी का लेवल अचानक बढ़ गया, जिससे तीनों दोस्त नदी में बीचो-बीच फंस गए थे। वे काफी डरे हुए थे, पर एक ओर बचाव दल उनके करीब जा रहा था, तो दूसरी ओर टीम लगातार छात्रों से संवाद कर उनका साहस बढ़ा रहा था। इस तरह तीनों दोस्तों की जान बचाई गई व किसी को भी किसी प्रकार की चोट नहीं लगी थी।

हिट तस्वीरों के फेर में सायरन की चेतावनी भी अनसुनी

इंटरनेट मीडिया पर हिट तस्वीरों का कलेक्शन पेश करने की जिद में उन्होंने अपनी जान तक को जोखिम में डाल दिया। जब तीनों दोस्त वहां तस्वीरें लेने में व्यस्त थे, नदी में पानी छोड़ने के पहले जल संसाधन विभाग के नियंत्रण कक्ष की ओर से सायरल भी बजाया गया। यह इसलिए बजाया जाता है, ताकि किसी भी कारण से नदी या आस-पास किनारों पर मौजूद लोग सतर्क हो जाएं और नदी में पानी छोड़े जाने की सूचना पाकर तत्काल सुरक्षित स्थान पर चले जाएं। छात्रों ने इस चेतावनी पर ध्यान नहीं दिया और उनकी जिंदगी खतरे में पड़ गई।

Posted By: Hemant Kumar Upadhyay

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