कोरबा (नईदुनिया प्रतिनिधि)। राह चलते अक्सर आपने भी उन बच्चों को देखा होगा, जो दिन में यहां-वहां घूमकर रात की रोटी के लिए सड़क पर जूझते हैं। भीषण संकट की इस घड़ी में हो सकता है, उनमें से किसी ने अपनों को खोया हो। कोविड ने किसी के माता-पिता को छीन लिया हो। अब वे जिंदा रहने का कठिन संघर्ष अकेले करने को विवश हैं। अब अगर आपकी नजर ऐसे नन्हें-मुन्नाों पर पड़े, तो उनसे मुंह फेरकर आगे न निकल जाइएगा। ऐसी स्थिति में प्रशासन से जारी हेल्पलाइन नंबरों पर काल कर उन तक मदद के हाथ पहुंचाएं। इस तरह आप भी इन बच्चों के लिए आसरा और देखरेख सुनिश्चित करने बनाई जा रही चेन की मजबूत कड़ी बन सकते हैं।

ऐसे ही बच्चों को ध्यान में रखते हुए शासन की ओर से एक विशेष पहल की जा रही, ताकि उनकी देख-रेख और पालन-पोषण की व्यवस्था की जा सके। इसके लिए चाइल्ड लाइन 1098 के अलावा कुछ अन्य नंबर भी जारी किए गए हैं, जिन पर काल कर आप भी इन तक मदद के हाथ पहुंचाने की कड़ी बन सकते हैं। देश में कोरोना वायरस का प्रकोप तेजी से बढ़ रहा है। इसकी रोकथाम के लिए शासन के दिशा-निर्देश के अनुसार विभिन्ना गतिविधियों का संचालन किया जा रहा है। कोरोना संक्रमण के संदिग्ध मामलों को देखते हुए वायरस से बचाव के लिए कलेक्टर किरण कौशल के निर्देश पर जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग आनंद प्रकाश किसपोट्टा के मार्गदर्शन में एक विशेष पहल की जा रही। इस गतिविधि में जिले के बच्चों की देख-रेख एवं संरक्षण को सुनिश्चित करने पर जोर दिया जा रहा।

पालन-पोषण में असमर्थ पालकों को भी सहायता

वर्तमान में कोविड के कारण पालकविहिन हुए बच्चों या ऐसे बच्चे, जिनके माता-पिता उनके पालन-पोषण में असमर्थ हैं, उन पर विशेष रूप से केंद्रित किया जाएगा। इस तरह की जानकारी मिलने पर जनप्रतिनिधि, स्वयंसेवी या आम नागरिकों को उन्हें तत्काल बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) के समक्ष प्रस्तुत करने सहयोग को आगे आने का आग्रह किया गया है। ऐसे बच्चों की सूचना बाल कल्याण समिति, जिला बाल संरक्षण इकाई, महिला एवं बाल विकास विभाग या चाइल्ड लाइन 1098 हेल्पलाइन पर भी दी जा सकती है। जिला बाल संरक्षण इकाई महिला एवं बाल विकास विभाग, चाइल्ड लाइन 1098 टीम रोकथाम व जन-जागरूकता के प्रयास सतत कर रही।

इन नंबरों पर काल कर बता सकेंगे जानकारी

आमजनों की इस नेक कार्य में सहयोग प्रदान करने कुछ नंबर भी जारी किए गए हैं, जिनसे संपर्क कर आवश्यकता वाले बेसहारा बच्चों की जानकारी प्रदान की जा सकती है। इनमें चौबीस घंटे सातों दिन एक्टिव हेल्पलाइन सेवा चाइल्ड लाइन 1098, बाल कल्याण समिति की सदस्य बीता चक्रवर्ती 9301248400, चंद्रबाला शुक्ला 9300420726 व गोकुल दास 7999303477 से संपर्क कर जानकारी प्रदान की जा सकती है। इस तरह एक जिम्मेदार नागरिक का कर्तव्य निभाकर कोई भी देख-रेख एवं संरक्षण की विशेष आवश्यकता वाले बच्चों का किशोर न्याय (बालकों की देखरेख एवं संरक्षण) अधिनियम 2015 एवं नियम 2016 के अधीन संरक्षण सुनिश्चित हो सकेगा।

Posted By: Nai Dunia News Network

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