कोरबा (नईदुनिया प्रतिनिधि)। जमीन के बदले रोजगार की मांग को लेकर भू विस्थापितों का धरना प्रदर्शन लगातार जारी है। अब गेवरा महाप्रबंधक कार्यालय घेराव के लिए भू-विस्थापितों ने बैठक कर रूपरेखा तैयार की। इस दौरान सभी लोगों ने एकजूट होकर ग्रामीणों के साथ आंदोलन करने पर सहमति जताई।

साउथ इस्टर्न कोलफिल्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) के कुसमुंडा महाप्रबंधक कार्यालय के समक्ष भू-विस्थापित रोजगार एकता संघ के बैनर तले धरना दिया जा रहा है। आंदोलन को किसान सभा का समर्थन मिला है। रोजगार की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे धरना स्थल पहुंच कर माकपा पार्षद राजकुमारी कंवर ने भू- विस्थापितों के आंदोलन व गेवरा महाघेराव का समर्थन करते हुए भू-विस्थापितों को संघर्ष और तेज करने का आह्वान किया। इस दौरान भू- विस्थापितों की बैठक भी आयोजित की गई।

इसमें 30 जून को गेवरा में भू विस्थापितों की मांगों को लेकर होने वाले महाघेराव व लंबित रोजगार प्रकरणों के निराकरण के साथ अन्य मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। रोजगार एकता संघ के सचिव दामोदर श्याम व रेशम यादव ने कहा कि आश्वाशन से काम नहीं चलेगा, अब परिणाम मिलने पर ही आंदोलन समाप्त होगा। रोजगार एकता संघ के सभी सदस्य गेवरा महाप्रबंधक कार्यालय के महाघेराव को सफल बनाने के लिए गांव में बैठक कर रहे हैं और रोजगार एकता संघ से जुड़े सभी सदस्य परिवार समेत आंदोलन में शामिल होंगे।

उल्लेखनीय है कि कुसमुंडा कोयला खदान विस्तार के लिए वर्ष 1978 से 2004 तक जरहाजेल, बरपाली, दुरपा, खम्हरिया, मनगांव, बरमपुर, दुल्लापुर, जटराज, सोनपुरी, बरकुटा, गेवरा, भैसमा गांव के सैकड़ों किसानों की जमीन अधिग्रहण किया गया था, लेकिन प्रभावित परिवारों को रोजगार नहीं दिया। अधिकांश भू- विस्थापित परिवारों को रोजगार मिलने के हक से वंचित रखा गया। बैठक में माकपा जिला सचिव प्रशांत झा, पार्षद राजकुमारी कंवर, किसान सभा के जिलाध्यक्ष जवाहर सिंह कंवर, दीपक साहू, जय कौशिक, रोजगार एकता संघ के रघु, बलराम के साथ काफी संख्या में भू-विस्थापित उपस्थित रहे।

Posted By: Nai Dunia News Network

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