कोरबा (नईदुनिया प्रतिनिधि)। उच्च शिक्षा विभाग की ओर से नवीन शासकीय कालेजों की स्थापना व सृजन के लिए एक निर्देश जारी किया है। प्रदेशभर में स्वीकृत दस उच्च शिक्षण संस्थाओं में कोरबा के लिए शासकीय नवीन कालेज बांकी-मोंगरा की स्थापना करने की मंजूरी प्रदान की गई है। इसकी अगली कड़ी में विश्वविद्यालय की ओर से एक दल निरीक्षण की कार्रवाई करगी और उस टीम की रिपोर्ट के आधार पर संबद्धता की प्रक्रिया पूर्ण कर कालेज संचालन की अनुमति दी जाएगी।

निगम के दूरस्थ वार्डों से लेकर सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में युवाओं को महाविद्यालयीन पढ़ाई के लिए आज भी काफी जद्दोजहद करनी पड़ती है। इस समस्या को देखते हुए बांकी मोंगरा के युवाओं के लिए क्षेत्र की ओर से रखी गई मांड पर शासन के समक्ष नवीन शासकीय कालेज के लिए संभावनाओं की तलाश शुरू की गई थी। लोगों की मांग व क्षेत्र की जरूरत के आधार पर महाविद्यालय शुरू करने शहरी व ग्रामीण समेत क्षेत्रों में सर्वेक्षण कार्य किया गया। उच्च शिक्षा विभाग की ओर से एक कमेटी का गठन करते हुए कालेज की जरूरत, उपयोगिता, हितग्राहियों की संख्या व अधोसंरचना के लिए उपलब्ध संसाधनों की जानकारी तैयार कर शासन के सुपुर्द कर दिया गया। रिपोर्ट के आधार पर बांकी मोंगरा में नया कालेज स्थापित करने स्वीकृति प्रदान कर दी गई है। आयुक्त, उच्च शिक्षा संचालनालय ने बुधवार को एक आदेश जारी किया, जिसमें कोरबा समेत प्रदेश के लिए दस कालेज की स्थापना उव सृजन की स्वीकृति प्रदान करते हुए कुल 330 पद का सेटअप भी जारी किया है। कोरबा जिले की बात करें तो हर साल बालिका व बालक समेत 15 हजार छात्र-छात्राएं 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं देते हैं। इनमें छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल से नियमित, ओपन व स्वाध्यायी के साथ केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के विद्यार्थी शामिल होते हैं। इनमें पास होने वाले विद्यार्थियों की संख्या करीब 10 हजार होती है। ऐसे में समझा जा सकता है कि 12वीं परीक्षा पास करने के बाद युवाओं को उच्च शिक्षा प्राप्त करने कालेजों में एडमिशन के वक्त कितनी जद्दोजहद करनी पड़ती होगी।

प्राचार्य-ग्रंथपाल समेत कुल 33 पद होंगे

कालेज में अध्यापन एवं प्रबंधन के लिए शासन की ओर से स्टाफ सेटप भी जारी कर दिया गया है। शासकीय नवीन कालेज बांकी मोंगरा के लिए 33 पद का सेटअप दिया गया है। इनमें एक प्राचार्य के अलावा सहायक प्राध्यापक 12 पद, एक ग्रंथपाल व क्रीड़ाधिकारी का एक पद शामिल है। इन सभी के लिए निर्धारित किए गए वेतन मेट्रिक्स व विशेष भत्ते की जानकारी भी बताई गई है, जिसे ध्यान में रखते हुए अधिकारी-कर्मचारियों की नियुक्ति या भर्ती की जाएगी। निर्धारित स्टाफ सेटअप के अनुरूप प्रक्रिया पूर्ण होने पर यहां प्रवेश लेने वाले छात्रों को शिक्षा का समुचित लाभ मिल सकेगा।

अब भी आठ नई संस्थाओं की जरूरत

लंबे समय से उठ रही नए महाविद्यालयों की मांग को पूरा करने करीब छह साल पहले शासन के निर्देश पर एक सर्वे कराया गया था। उच्च शिक्षा विभाग ने एक समिति गठित कर सर्वेक्षण रिपोर्ट प्रस्तुत करने कहा था। विभागीय मुख्यालय से मिले प्रारूप के आधार पर शासकीय पीजी कालेज की टीम ने सर्वेक्षण कर एक रिपोर्ट तैयार की थी, जिसमें आठ स्थान पर नए महाविद्यालयों की जरूरत बताई गई थी। क्षेत्र की जरूरत व नई संस्था प्रारंभ करने की संभावनाओं का डाटा शासन को भेज दिया गया, लेकिन इतना वक्त गुजर जाने के बाद पाली व बांकी समेत सिर्फ दो संस्थाएं मिली।

इन क्षेत्रों में विद्यार्थियों को मिलेगी राहत

सर्वे अनुसार 20 किलोमीटर के दायरे में कालेज नहीं है। नजदीकी कालेज मिनीमाता, पीजी व मुकुटधर कटघोरा हैं। छात्र अपने घर से 20-22 किलोमीटर दूर प्रवेश लेते हैं। आसपास शासकीय व निजी सहित 28 स्कूल हैं, जहां हर साल 1200 से 1500 छात्र 12वीं पास करते हैं। नियम अनुसार कालेज के लिए 22 एकड़ भूमि अनिवार्य है। इनमें भवन, परिसर, खेल मैदान व छात्रावास व अन्य अधोसंरचनाओं का प्रावधान है। नए कालेज से बांकीमोंगरा से लेकर अध्योध्यापुरी, स्याहीमुड़ी, दर्री, जमनीपाली, अगारखार व अनेक ग्रामीण क्षेत्रों के छात्र-छात्राओं को सुविधा मिलेगी।

Posted By: Nai Dunia News Network

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