कोरबा। नईदुनिया प्रतिनिधि

कलेक्टोरेट परिसर स्थित डीईओ कार्यालय में उस वक्त गहमा-गहमी निर्मित हो गई, जब रायपुर से अचानक शिक्षा मंत्री के निज सहायक पहुंच गए। उनका कहना था कि वे निजी कार्य से आए थे, इसी बहाने डीईओ व स्टाफ से सौजन्य मुलाकात करने आ गए। पर उन्होंने न केवल पूरे दफ्तर के चप्पे-चप्पे का निरीक्षण किया। एक स्कूल पहुंचकर वहां चल रहे मेंटेनेंस कार्य एवं व्यवस्थाओं का भी जायजा लिया और मध्यान्ह भोजन चखकर स्कूल में साफ-सफाई रखने के निर्देश भी दिए।

शिक्षा मंत्रालय से आए अजय सोनी शिक्षा मंत्री प्रेमसाय सिंह टेकाम के निज सहायक बताए जा रहे हैं। नईदुनिया ने जब उनसे मोबाइल पर संपर्क कर आने की वजह जाननी चाही, तो उन्होंने हंसते हुए कहा कि वे अपने निजी काम से कोरबा आए थे। उन्हें मंत्रीजी ने नहीं भेजा है, बल्कि अपने काम के बीच डीईओ कार्यालय में कार्यरत अमले से सौजन्य भेंट कर मेल-मुलाकात करने पहुंच गए। इस दौरान उन्होंने कार्यालय की व्यवस्था और सेटअप के बारे में जानकारी ली और डीईओ की गैरमौजूदगी में अन्य अधिकारियों व कर्मचारियों से रूबरू होकर हाल-हाल जाना। उन्होंने बताया कि डीईओ कार्यालय के बाद वे अंधरीकछार स्कूल भी गए थे, जहां चल रही साफ-सफाई और मेंटेनेंस के कार्य के बारे में जानकारी ली। उनका कहना था कि सरसरी तौर पर यहां चल रहे ग्राउंड लेवल के कार्यों को जानने के साथ वहां परोसे गए मध्यान्ह भोजन का जायके का भी जायजा लिया। भोजन की सब्जी खाकर देखी और स्कूल के स्टाफ को वहां साफ-सफाई का ध्यान रखने की बात कही।

दफ्तर में... एवरीथिंग इज राइट

बताया जा रहा कि निज सहायक अजय सोनी सुबह ही कोरबा आ गए थे, जिसके बाद स्कूल व अन्य कार्यालयों में घूमने के बाद दोपहर को पहली बार डीईओ कार्यालय गए। यहां उन्होंने डीईओ सतीश कुमार पांडेय से भेंट करनी चाही, पर वे नहीं थे। इस बीच उन्होंने पहले वहां मौजूद सहायक संचालक केपी मनहर व अंबस्ट के साथ पूरे कार्यालय का निरीक्षण किया। दफ्तर का दौरा कर वे निकल गए और फिर शाम करीब पांच बजे पुनः कार्यालय पहुंचकर जिला शिक्षा अधिकारी से मुलाकात की। शाम करीब छह बजे तक वे वहीं जमें रहे। उन्होंने दफ्तर की व्यवस्था पर कहा- एवरीथिंग इज राइट।

निज सचिव ने कहा- मैं कुछ नहीं जानती

इस मामले में शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम की निज सचिच गायत्री नेताम से संपर्क कर जानकारी ली गई। उनका कहना था कि अजय सोनी के कोरबा डीईओ कार्यालय जाने के संबंध में उन्हें किसी प्रकार की जानकारी नहीं है। सवाल ये उठता है कि बिना शिक्षामंत्री के निर्देश या विभागीय अनुमति के एक निज सहायक का इस तरह एक शासकीय कार्यालय का दौरा या निरीक्षण करना, सरकारी अमले के साथ किसी स्कूल का दौरा क्यों किया गया? उल्लेखनीय है कि निज सहायक सोनी ने खुद स्वीकार किया है कि वे निजी काम से आए थे और उन्हें मंत्री की ओर से नहीं भेजा गया है।

सीधी बात

अजय सोनी, निज सहायक, शिक्षा मंत्री

सवाल : आज आपने कोरबा डीईओ कार्यालय का दौरा किया क्या?

जवाब : बस यूं ही मिलने आया था, देखने आया था क्या स्थिति है।

सवाल : क्या आपको मंत्रीजी ने निरीक्षण करने कहा था?

जवाब : नहीं, मैं अपने निजी काम से आया था, तो इस बहाने कार्यालय देखने व डीईओ से मिलने चला गया। क्या चल रहा है वहां ।

सवाल : तो क्या देखा आपने?

जवाब : डीईओ कार्यालय देखा और उसके बाद एक स्कूल चला गया, वहां देखा कि ग्राउंड लेवल पर क्या काम हो रहा है।

सवाल : आपने कौन से स्कूल का दौरा किया?

जवाब : अंधरीकछार के प्राइमरी-मिडिल स्कूल गया था, जहां साफ-सफाई व मेंटेनेंस के कुछ काम चल रहे हैं, उसे देखा। मध्यान्ह भोजन चल रहा था तो सब्जी चखकर भी देखा। स्कूल में साफ-सफाई रखने की बात कही।

सवाल : डीईओ कार्यालय गए थे, तो वहां की व्यवस्था कैसी लगी आपको?

जवाब : डीईओ तो कार्यालय में थे नहीं, डीएमसी व अन्य स्टाफ से मिला। एक सामान्य तौर पर सौजन्य मुलाकात की और जाना कि कौन-कौन स्टाफ काम कर रहा, उन्हें हम जाने और वे हमें जानें।

सवाल : तो क्या देखा आपने, सब ठीक लगा वहां?

जवाब : बाकी सब अपना काम कर रहे थे, एवरीथिंग इज राइट।

इस संबंध में मुझे किसी भी प्रकार की कोई जानकारी नहीं है।

- गायत्री नेताम, निज सचिव, शिक्षा मंत्री

Posted By: Nai Dunia News Network

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