कोरबा (नईदुनिया प्रतिनिधि)। घर-घर से संग्रहित कचरों को मणिकंचन केंद्रों में 18 श्रेणियों मे बांटा जा रहा है। अब इस श्रेणी को बढ़ाते हुए दो अगल-अलग तरह के कचरों के लिए गाडी में दो अतिरिक्त डिब्बा लगाया गया है। जिसमें लाल रंग डिब्बे में माहवारी के सेनेटरी पेड व काले रंग के डिब्बे खतरनाक सामान जैसे टूटे कांच, चूड़ी, जंग लगी सुई आदि को इकट्टा किया जाए। इससे कचरा छंटाई में स्वच्छता दीदीयों को आसानी होगी साथ ही आम लोगों को सुविधा होगी।

नगर निगम में अब तक गीला और सूखा कचरा संग्रहण को नया स्वरूप दिया जा रहा है। घर-घर कचरा संग्रहण करने वाली दीदीयों को कचरों को अलग करने में सहूलियत दी जा रही है। इसके लिए शुरुआत में कुछ चुनिंदा वार्डों में लाल और काले रंग का डब्बा भी दिया गया है। महिलाओं के माहवारी के दौरान इस्तेमाल किए जाने वाला सेनेटरी पैड हो या फिर बच्चों के डायपर। इसे कचरे के डिब्बे में डालने को लेकर असमंजस की स्थिति बनी रहती थी। ऐसे समानों का कचरों में समावेश होने छंटाई नहीं होती है। इस तरह के कचरों को डिब्बे में डालते समय विवाद की भी स्थिति बनी रहती है। अब इसे अलग से संग्रहण के लिए निगम ने राह आसान कर दिया है। जिससे स्वच्छता के काम में लगे कर्मचारियों के साथ ही आम लोग भी राहत की सांस ले रहे। स्वच्छता दीदी सावित्री का कहना है कि सूखे अपशिष्ठ के साथ टूटे कांच, धारदार सुई, तार, आदि को डाल दिया जाता है। इससे छंटाई करते समय हाथ कटने का डर बना रहता है। इसके अलावा माहवारी के सेनेडरी बच्चों के डायपर को डालने से कचरे को छंटाई करने में मुश्किल होती थी। अब तक तरह के डिब्बे दिए जाने छंटाई सुविधा होने लगी है। कचरों अलग श्रेणियों में बांटने और उसे बिक्री करने में महिला समूह के लाभ में बढ़त हो रही है।

Posted By: Nai Dunia News Network

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