कोरबा। छत्तीसगढ़ में धरमजयगढ़ (रायगढ़) से कोरबा के बीच दहशत का पर्याय बन चुके उत्पाती हाथी (दंतैल) को काबू करने वन विभाग का ऑपरेशन गणेश सोमवार से शुरू हो जाएगा। इसके लिए कर्नाटक से बुलाए गए कुमकी हाथी महावत समेत रविवार की रात करतला परिक्षेत्र में बनाए गए अस्थायी रेस्क्यू सेंटर पहुंच गए। इस ऑपरेशन में गंगा, योगलक्ष्मी व परशुराम नामक तीन प्रशिक्षित कुमकी हाथी की मदद से गणेश को नियंत्रित किया जाएगा, ताकि उसे पिंगला स्थित हाथी रेस्क्यू सेंटर शिफ्ट किया जा सके।

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सरगुजा वन वृत्त के सूरजपुर वनमंडल अंतर्गत रमकोला से लगे बड़े वन क्षेत्र में हाथी राहत और पुनर्वास केंद्र (रेस्क्यू सेंटर) की स्थापना की गई है। इस केंद्र में कर्नाटक से लाए गए पांच कुमकी हाथी रखे गए हैं, जिन्हें क्षेत्र में उत्पात मचाने वाले हाथियों को काबू करने के उद्देश्य से मंगाया गया इनमें से तीन कुमकी हाथी गंगा, योगलक्ष्मी व परशुराम रविवार की सुबह चार बजे रामकोला से लगे पिंगला से सूरजपुर, भैयाथान व चोटिया होते हुए कोरबा के करतला में पहुंच गए हैं। कोरबा व धरमजयगढ़ के सीमावर्ती गांव में करीब एक दर्जन लोगों की मौत का कारण बन चुके उत्पाती हाथी गणेश की दहशत खत्म करने इन कुमकी हाथियों को लाया गया है।

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