कोरबा (नईदुनिया प्रतिनिधि)। पुराना पावर हाउस सौ मेगावाट संयंत्र परिसर स्थित 132 केवी सबस्टेशन कापावर ट्रांसफार्मर में तकनीकी खराबी आने से पूरे शहर की बिजली आपूर्ति बंद हो गई। करीब दो घंटे बाद अन्य ट्रांसफार्मर से बिजली आपूर्ति कर स्थिति सामान्य किया गया। सुधार कार्य में आठ से दस दिन का वक्त लगने की संभावना जताई जा रही है। इस बीच शहर व ग्रामीण दोनों ही क्षेत्र में चरणबद्ध ढंग से बिजली कटौती शुरू कर दी गई है।

सबस्टेशन में 40 एमबीए क्षमता वाला दो ट्रांसफार्मर लगा हुआ है। एक नंबर ट्रांसफार्मर में सोमवार की सुबह 5.45 बजे अंदरूनी तकनीकी खराबी आई। इसके साथ ही ट्रांसफार्मर बंद हो गया। तकनीकी जानकारों का कहना है कि ट्रांसफार्मर में बुखोल्ज रिले हो गया है, यानी अंदर का कोई सामान खराब होने पर उसे नहीं चलाया जा सकता। जानकारी मिलने पर ट्रांसमिशन कंपनी के तकनीकी कर्मियों द्वारा ट्रांसफार्मर को खोल कर प्रत्येक उपकरण का परीक्षण किया जा रहा है। देर रात तक पूरी तरह से खराबी नहीं मिल सकी, पर अंदर लगे बुसिंग में क्रेक होने की संभावना व्यक्त की जा रही है। मंगलवार को ट्रांसफार्मर में भरा तेल खाली कर बुसिंग सिस्टम को देखा जाएगा, इसमें खराबी होने पर तीन दिन के अंदर सुधार कार्य पूरा कर लिए जाने की संभावना व्यक्त की जा रही है, अन्यथा आठ से दस दिन का वक्त लगने की संभावना जताई जा रही है। एक ट्रांसफार्मर बंद होने पर तकनीकी अमले ने बिजली आपूर्ति बहाल करने दूसरे ट्रांसफार्मर पर पूरा लोड डाल दिया है। इससे फिलहाल शहर में बिजली सप्लाई शुरू हो गई, पर ट्रांसफार्मर में ज्यादा लोड न पड़े, इसलिए चरणबद्ध ढंग से एक- एक घंटा बंद बिजली बंद रखने का भी निर्णय लिया गया है। हालांकि वितरण विभाग के अधिकारियों ने उत्पादन कंपनी के एक अतिरिक्त ट्रांसफार्मर से कनेक्शन जोड़ने का प्रयास भी शुरू किया है, ताकि शहरवासियों को निर्बाध रूप से बिजली सप्लाई की जा सके।

एसईसीएल कोरबा व रजगामार भी बंद

सबस्टेशन से साउथ इस्टर्न कोलफिल्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) कोरबा क्षेत्र व रजगामार एरिया में आपूर्ति भी सुबह से बंद हो गई। इससे दोनों क्षेत्र के कालोनी परिसर, खदान व अस्पताल में भी कामकाज प्रभावित हुआ। बिजली नहीं होने से कालोनी परिसर में पेयजल की आपूर्ति भी नहीं हो सकी। बताया जा रहा है कि दूसरे ट्रांसफार्मर से एसईसीएल को बिजली दी गई है, पर ज्यादा लोड नहीं लेने कहा गया है। ताकि ट्रांसफार्मर पर अतिरिक्त बोझ न पड़े। इसलिए एसईसीएल द्वारा भी अपने क्षेत्र में चरणबद्ध ढंग से बिजली सप्लाई बंद रख रहा है। मानिकपुर खदान में प्रथम पाली में कामकाज पूरी तरह बंद रहा।

खरमोरा सबस्टेशन शुरू नहीं होने का खामियाजा

खरमोरा में निर्माणाधीन 132 केवी क्षमता सबस्टेशन का काम अब तक पूरा नहीं हो सका है। इसका खामियाजा शहरवासियों को भुगतना पड़ेगा। विभाग से जुड़े जानकारों का कहना है कि खरमोरा सबस्टेशन चालू होता तो उससे शहरवासियों को दूसरी तरफ से सप्लाइ मिल जाती, पर विलंब होने की वजह से सबस्टेशन चालू नहीं हो सका। 132 केवी के अन्य सबस्टेशन शहर से बाहर हैं, इसलिए उनसे कोई कनेक्शन भी नही है।

भैसमा- करतला क्षेत्र में बंद हुई बिजली

वितरण विभाग द्वारा किस क्षेत्र में कब बिजली कटौती की जाएगी, इसकी जानकारी स्पष्ट रूप से नहीं दी जा रही। विभाग का कहना है कि किस क्षेत्र में कितना लोड है, उसके आधार पर कटौती की जाएगी। पीक अवर्स (सबसे ज्यादा मांग) शाम छह से रात नौ बजे तक रहता है। इस दौरान चरणबद्ध ढंग से एक- एक घंटा बिजली बंद की जाएगी। सोमवार की शाम करतला व भैसमा फीडर की बिजली बंद की गई।

नया ट्रांसफार्मर लगाने में लगेगा 20 दिन का वक्त

विभाग से जुड़े जानकारों का कहना है कि फिलहाल अतिरिक्त ट्रांसफार्मर नही है। दूसरा ट्रांसफार्मर मंगाना पड़ेगा। ट्रांसफार्मर आने व लगाने में कम से कम 20 दिन का वक्त लगेगा, क्योंकि ट्रांसफार्मर आने के बाद विभिन्नाा प्रकार का परीक्षण करने व अनुमति लेने पर समय लगेगा। इसके बाद ट्रांसफार्मर को लगा सभी लाइनों को जोड़ने का काम पूरा कर चालू किया जाएगा।

सुधार कार्य में लग सकता है आठ दिन का वक्त : गोपवार

वितरण विभाग के अधीक्षण यंत्री अश्वनी गोपवार का कहना है कि पावर ट्रांसफार्मर में खराबी आने से शहरी क्षेत्र में बिजली सप्लाई बंद हो गई थी। अन्य ट्रांसफार्मर से बिजली सप्लाई की जा रही है, पर ट्रांसफार्मर पर ज्यादा लोड न पड़े, इसलिए चरणबद्ध ढंग से बिजली कटौती की जा रही है। तकनीकी अमला सुधार कार्य में जुटा है। खराबी मिलते ही सुधार कार्य में आठ दिन का समय लग सकता है, तब तक अघोषित बिजली कटौती जारी रहेगी। हालांकि इस दौरान कोशिश की जा रही है कि अन्य क्षेत्र से स्थिति सामान्य की जाए।

Posted By: Nai Dunia News Network

NaiDunia Local
NaiDunia Local