कोरबा (नईदुनिया प्रतिनिधि)। पिछले दिनों घोषित हुए नीट के परीक्षा परिणाम में कोरबा के विद्यार्थियों व प्रशासन से संचालित अग्रगमन ने एक नया इतिहास रच दिया। जिले से पहली बार एक साथ एक ही सत्र में डाक्टरी की पढ़ाई करने 37 विद्यार्थियों ने नीट परीक्षा क्वालीफाई कर ली है। इस सफलता ने कोरबा को प्रदेश में एक अलग पहचान दिला दी है। इनमें से 28 बच्चे जिले मे संचालित प्रतियोगी परीक्षा के लिए विशेष कोचिंग योजना के तहत तैयारी करने वाले दूर ग्रामीण क्षेत्र के गरीब परिवारों के विद्यार्थी है।

कोरबा जिले में संचालित विशेष कोचिंग योजना अग्रगमन, सरकारी योजना से जनसमुदाय की बेहतरी की एक और मिसाल बन गई है। इस योजना के तहत विशेष प्रशिक्षण और तैयारी के बूते जिले में गरीब व ग्रामीण अंचलों के परिवारों के 28 क्वालीफाई हुए है, वहीं शासकीय रूप से चल रहे एकलव्य आवासीय विद्यालय की भी एक छात्रा ने नीट की परीक्षा मे सफलता पाई है। कलेक्टर किरण कौशल के नेतृत्व मे इस योजना के संचालन की पूरी जिम्मेदारी जिला शिक्षा अधिकारी सतीश पांडेय पर है। डीईओ पांडेय की रणनीति व मार्गदर्शन से ही कोरबा के विद्यार्थी इस अखिल भारतीय स्तर की परीक्षा को पहली बार इतनी अधिक संख्या में एक साथ क्वालीफाई करने में सफल हुए हैं। कलेक्टर किरण कौशल भी इन परिणामों से खासी उत्साहित हैं। उन्होंने सभी सफल विद्यार्थियों को उज्ज्वल भविष्य का आशीर्वाद दिया और जिला शिक्षा अधिकारी पांडेय के योगदान व प्रोत्साहन की सराहना की है। उन्होंने कहा कि जिले से एक साथ 37 विद्यार्थियों का नीट जैसी अखिल भारतीय स्तर की परीक्षा में क्वालीफाई करना दूसरे विद्यार्थियों के लिए प्रेरक उदाहरण होगा। अब दूर दराज के गरीब ग्रामीण अंचल के बच्चों में भी पढ़ाई-लिखाई के प्रति रुझान बढ़ेगा। वे भी डाक्टर, इंजीनियर, कलेक्टर-एसपी बनने के लिए प्रयास करेंगे। मेधावी बच्चों के सपनों को पूरा करने के इस प्रयास में सरकार और प्रशासन हर संभव सहायता करेगा। उन्होंने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में चल रही अग्रगमन विशेष कोचिंग योजना को ग्रामीण इलाकों के गरीब मेधावी बच्चों के सपनों को पंख देने वाली योजना बताया और इसे आगे भी जारी रखने की बात कही।

डीईओ पांडेय ने बताया कि जिला खनिज न्यास मद से कोरबा जिले में अग्रगमन विशेष कोचिंग सेंटर संचालित है जो कि जिले के शासकीय विद्यालयों के होनहार बच्चों को जेईई और नीट की परीक्षा में सफलता प्राप्त करने के लिए विशेष कोचिंग संचालित करता है। इस वर्ष नीट की परीक्षा में 33 में से 28 विद्यार्थियों को योग्यता हासिल हुई है। इस वर्ष अग्रगमन कोचिंग सेंटर के 85 फीसदी विद्यार्थियों ने नीट की परीक्षा में सफलता हासिल की। इसी तरह इस वर्ष जेईई परीक्षा में भी 25 में से 15 विद्यार्थी सफल हुए। अग्रगमन कोचिंग सेंटर के 60 प्रतिशत विद्यार्थियों ने सफलता प्राप्त की है।

ऐसे होता है विशेष कोचिंग के लिए चयन

जिले में इस कोचिंग संस्थान के लिए जेईई के 32 और नीट के 33 समेत कुल 65 विद्यार्थियों को चयनित किया जाता है। चयन की प्रक्रिया में जिले के प्रत्येक स्कूल से हाई स्कूल परीक्षा दसवीं के 80 प्रतिशत और उससे अधिक अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को जिले स्तर की एक चयन परीक्षा में आमंत्रित किया जाता है। उस परीक्षा से कुल 65 बच्चों का चयन अग्रगमन कोचिंग की कक्षा ग्यारहवीं के लिए किया जाता है। दो वर्ष तक लगातार इस आवासीय विद्यालय में विद्यार्थियों को जेईई और नीट के लिए विशेषज्ञों की ओर से कोचिंग दी जाती है। इस कोचिंग सेंटर में साप्ताहिक टेस्ट, विद्यार्थियों की सभी विषयों की पढ़ाई के साथ पृथक से दो घंटे की कक्षा भी ली जाती है, जिसमें उनकी विषयगत समस्याओं का निवारण किया जाता है।

यही विकास है, योजना की सफलता भी

डीईओ सतीश पांडेय ने कहा की जन सामान्य को शासकीय योजना से लाभांन्वित कर उनका जीवन स्तर ऊंचा करना ही विकास है, और यही योजना की सफलता भी है। डीईओ पांडेय स्वयं एक विख्यात शिक्षाविद और मोटिवेशनल वक्ता है, जिनके मार्गदर्शन से विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी में अकादमिक के साथ-साथ मानसिक तौर पर भी काफी सहायता मिली है। उन्होंने आगे भी योजना के सफल संचालन की बात कहते हुए जिले में शिक्षा का स्तर बेहतर करने सभी जरूरी कदम उठाने पर जोर दिया है।

Posted By: Nai Dunia News Network

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