कोरबा(नईदुनिया प्रतिनिधि)। हजरत मोहम्मद के जन्म दिन 19 अक्टूबर मुस्लिम जमात की ओर जुलूस नहीं निकाली जाएगी। मुस्लिम कौम ने ईद मिलादुन्ना्‌बी पर्व को इस बार मानवता दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया है।

यह बात मरकजी सीरत कमेटी के सरद आसिफ बेग ने प्रेसवार्ता के दौरान पत्रकारों से कही। जिला प्रशासन ने कोरोना गाइडलाइन को देखते हुए आयोजन को अनुमति नहीं दी है। हालिया स्थिति को देखते हुए कमेटी ने सदर ने बताया ईद पर्व को संक्षिप्त करते हुए मस्जिदों में पढ़ी जाने वाली फातिहा और परचम कुशाई के कार्यक्रम को मस्जिदवार तय कर दिया है। सदर बेग ने बताया कि जिला प्रशासन ने किसी भी कार्यक्रम के लिए निर्धारित स्थल में 50 फीसदी अधिक लोगों उपस्थिति नहीं होने का निर्णय लिया गया है। ऐसे में परचम कुशाई का कार्यक्रम को भी संक्षिप्त संक्षिप्त रूप से मस्जिदों के भीतर ही किया गया है। जिसके अनुसार अलग अलग मस्जिदों में आयोजन का समय निर्धारित किया गया है। इस संबंध में उन्होने बताया कि परचम कुशाई सुबह 9.30 बजे नूरी मस्जिद, 10.00 बजे एसईसीएल कोलयरी मस्जिद, 10.30 बजे मुड़ापार मस्जिद, 11 बजे मस्जिद गरीब नवाज, 11.30 बजे जामा मस्जिद, दोपहर 12.00 मदीना मस्जिद में आयोजित की जाएगी। शाम चार बजे पुरानी बस्ती मेमन जमात खाने में मुस्लिम जमात में सेवा भावना रखने वाले बुजुर्गों का सम्मान किया जाएगा। सदर ने बताया कि आयोजन के दौरान अमन और शांति बनाए रखने 19 अक्टूबर मंगलवार को शुष्क दिवस घोषित करने और मास्क की दुकानों को खोलने की अनुमति मांगी है। वार्ता के दौरान मिर्जा आसिफ बेग के अलावा, सेक्रेटरी मोहसिन मेमन, सोहेल अहमद, आसिफ खान, आरिफ खान, रफीक मेमन, अब्दुल रहमान, अमीन शेखानी, शाहिद, हकीम, बरकत आदि उपस्थित थे।

Posted By: Nai Dunia News Network

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