कोरबा । राज्य भर में एक साथ होने वाली तिमाही परीक्षा को निरस्त कर दिया गया है। अब प्रत्येक स्कूलों में स्थानीय स्तर पर परीक्षा आयोजित की जाएगी। इसके लिए जिला शिक्षा विभाग ने गाइड लाइन भी जारी कर दी है। सभी स्कूलों को 10 अक्टूबर तक परीक्षा लेना होगा।

विद्यालय प्रबंधन को समय सारणी व प्रश्न पत्र खुद तैयार करना होगा। प्रश्न पत्र जारी करने के बजाए ब्लैक बोर्ड में लिखे प्रश्नों को ही बच्चों से हल कराया जाएगा। जिसकी जांच स्कूल में ही विषय शिक्षक करेंगे। तिमाह परीक्षा आयोजन को शासन ने एकरूपता देने की तैयारी कर ली थी। परीक्षा आयोजन से पहले ही पत्र के सार्वजनिक होने जाने के कारण इसकी जिम्मेदारी स्कूलों को ही दे दी है। इस वजह अब स्कूल प्रबंधनों को नए सिरे से तैयारी करनी पड़ रही है। शिक्षा विभाग ने आयोजन के लिए गाइड लाइन जारी कर दी है। प्रश्न पत्र अब विषय शिक्षक ही तैयार करेंगे। इसकी गोपनीयता भी शिक्षकों के उपर ही छोड़ा गया। यह नियम कक्षा पहली से 12 वीं तक सभी विषय के छात्र-छात्राओं के लिए है। खास बात यह है कि परीक्षा के लिए प्रश्न पत्र प्रकाशित नहीं कराया जाएगा। विभागीय अधिकारी की माने तो विषय शिक्षक की ओर से तैयार प्रश्न को ब्लैक बोर्ड में लिखा जाएगा। इससे प्रिंट त्रुटि की समस्या भी नहीं होगी। बच्चे अपने घर से ही उत्तर पुस्तिका लेकर आएंगे। कक्षा में प्रवेश के पहले इसकी जांच की जाएगी। स्थानीय स्तर पर परीक्षा आयोजन का दायित्व दिए जाने से शिक्षकों की जिम्मेदारी बढ़ेगी। विभागीय अधिकारी की माने तो खासकर प्राथमिक और मिडिल के बच्चों को परीक्षा के लिए तैयार करने में शिक्षकों को सुविधा होगी। अब तक पढ़ाए जा चुके कोर्स के अनुसार ही प्रश्न पत्र जारी किए जाएंगे। इससे हाई व हायर सेकेंडरी के छात्र-छात्राओं को परीक्षा की तैयारी करने में सहूलियत होगी।

मंडल से जारी प्रश्नों का न करें उपयोग

बताना होगा माध्यमिक शिक्षा मंडल और राज्य शैक्षणिक अनुसंधान ने तिमाही परीक्षा के लिए प्रश्न पत्र तैयार कर लिया था और इसे प्रत्येक जिला शिक्षा विभाग को जारी कर दी गई थी। शिक्षा विभाग ने विकासखंड और प्राचार्यों ई-मेल मे प्रेषियत कर दिया था। प्रश्न पत्र लीक होने के कारण इसे निरस्त कर दिया गया। मंडल स्पष्ट निर्देशित किया गया है कि जारी प्रश्न पत्र परीक्षा में उपयोग न किया जाए। विषय शिक्षक ही प्रश्न पत्र तैयार कर परीक्षा लेंगे।

अधूरे कोर्स से विद्यार्थी व अभिभावक चिंतित

शिक्षकों के लंबे समय तक चली हड़ताल की वजह विद्यार्थियों का पिछड़ा कोर्स अभी तक पूरा नहीं हुआ है। बताना होगा कि वार्षिक शिक्षा कैलेंडर के अनुसार तिमाही परीक्षा में 40 प्रतिशत कोर्स से प्रश्न शामिल करने का नियम है। हड़ताल के दौरान स्कूल बंद रहने अधिकांश स्कूलों में 25 से 30 प्रतिशत कोर्स ही पूरा हुआ है। अतिरिक्त कक्षा से समयोजन के विषय में अभी तक शिक्षा विभाग में कोई पहल नहीं की गई। कोर्स पूरा किए बगैर परीक्षा को लेकर विद्यार्थी व अभिभावक चिंतित हैं।

त्रैमासिक परीक्षा का आयोजन स्थानीय स्तर होगी। प्रश्न पत्र और सयम सारिणी भी विद्यालय प्रबंधन सुनिश्चत करेंगे। शिक्षा कैलेंडर के अनुसार कोर्स पूरा किया जा रहा है। बच्चों को जितना पढ़ाया जा चुका है अध्याय तक ही प्रश्न शामिल किया जाएगा। सभी स्कूलों को 10 तक परीक्षा लेने के लिए कहा गया।

जीपी भारद्वाज, जिला शिक्षा अधिकारी

Posted By: Nai Dunia News Network

NaiDunia Local
NaiDunia Local
  • Font Size
  • Close