कोरबा (नईदुनिया प्रतिनिधि)। मुआवजा नहीं मिलने पर नाराज ग्रामीणों ने गेवरारोड- पेंड्रारोड रेल कारिडोर का काम बंद कर धरना में बैठ गए। जानकारी मिलते ही तहसीलदार समेत अन्य अधिकारी पुलिस बल के साथ पहुंचे। लगभग पांचे तक चले आंदोलन के बाद तहसीलदार ने सोमवार तक मुआवजा वितरण कराने का आश्वासन दिया, तब आंदोलनकारी हटे और निर्माण कार्य शुरू हो सका।

कोयला ढुलाई को आसान बनाने के लिए गेवरा-पेंड्रा रोड रेल कारिडोर का निर्माण किया जा रहा है। इसके लिए कई गांव के किसानों की हजारों हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया गया है। इसमें पेड़- पौधे व मकान भी शामिल है। मकान व पेड़- पौधे का मुआवजा नहीं मिलने की वजह से ग्रामीणों में नाराजगी व्याप्त है। शुक्रवार को छत्तीसगढ़ किसान सभा की अगुवाई में पुरैना- मड़वाढोढा के पास ग्रामीणों ने रेल लाइन निर्माण स्थल पर धरना देकर बैठ गए। इससे रेल कारिडोर के लिए मिट्टी पाटने का काम बंद हो गया था। किसानों के आक्रोश को देखते हुए दीपका तहसीलदार रवि राठौर, बांकी थाना प्रभारी पुलिस बल के साथ और कटघोरा के नायाब तहसीलदार मौके पर पहुंचे। चर्चा के दौरान प्रभावित शिवरतन, मोहपाल सिंग, अजित सिंह, जगदीश, भैया राम ने आरोप लगाया कि उनकी अधिग्रहित जमीन और पेड़ों का मुआवजा अभी तक मिला नहीं है और अपनी जमीन रेल कारिडोर में जाने के बाद कार्यालयों का चक्कर काट कर थक चुके हैं।

किसान सभा ने मुआवजा प्रकरण का निराकरण होने तक रेल कारिडोर का कार्य का काम नहीं करने देने के घोषणा की। इसके बाद रेल व जिला प्रशासन हरकत में आया और दीपका तहसीलदार रवि राठौर ने प्रभावितों को आश्वास्त किया कि सोमवार तक पेडों का मुआवजा सभी प्रभावितों को मिल जाएगा और जिनकी जमीन अधिग्रहण के समय छूट गई थी उनका जल्द पत्रक प्रकाशन कर मुआवजा देने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी इसके बाद आंदोलन समाप्त हुआ। किसान सभा के जिला सचिव प्रशांत झा व जवाहर सिंह कंवर ने कहा कि मुआवजा के लिए किसानों ने कई बार जिला प्रशासन और रेल प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया है, लेकिन अभी तक समस्या का निराकरण नहीं किया गया है।

Posted By: Nai Dunia News Network

NaiDunia Local
NaiDunia Local
  • Font Size
  • Close