कोरबा (नईदुनिया प्रतिनिधि)। माह के अंतिम सप्ताह में नगरीय निकाय सहित 35 ग्राम पंचायातों में पूर्ण लॉकडाउन लागू होने से 23 हजार बीपीएल हितग्राही परिवार सस्ते राशन से वंचित हो गए हैं। लॉकडाउन दो अक्टूबर तक जारी रहेगा। वितरण की सुविधा नहीं मिलने पर राशन आगामी माह लैप्स हो जाएगा। आर्थिक तंगी झेल रहे परिवारों के लिए उचित मूल्य दुकानों से राशन नहीं मिलना विडंबना बनी हुई है।

दिहाड़ी मजदूरी कर जीवन यापन करने वाले बीपीएल हितग्राहियों की राशन खरीदी निर्धारित रहती है। कुछ लोग माह की शुरुआत तो कुछ आखिरी में लेते हैं। लॉकडाउन के चलते आर्थिक तंगी की मार झेल रहे उन परिवारों के लिए समस्या साबित हो रही, जिन्होंने अब तक राशन नहीं लिया है। वंचित हितग्राहियों में अकेले शहरी क्षेत्र के 14 हजार हितग्राही हैं। बढ़ते संक्रमण को देखते हुए प्रशासन ने न केवल निजी बल्कि सरकारी राशन दुकानों को भी बंद करा दिया है। इसके पहले लॉकडाउन में दुकानें बंद होने की स्थिति में प्रत्येक दिन वार्डवार राशन दी जा रही थी। लॉकडाउन के चलते काम कमाई पहले से बंद है, ऐसे में अब राशन की गुंजाइश नहीं होने से लॉकडाउन में तंगहाली में जीवन गुजर रहा है। दुकान संचालकों की मानें तो प्रत्येक हितग्राहियों के साथ उनका आधार जुड़ा होता है। हितग्राहियों को चावल, शक्कर, चना और नमक दिया जाता है। वितरण प्रणाली को सशक्त बनाने के लिए शासन की ओर कार्ड हितग्राहियों को ही राशन दिया जाता है। हितग्राही की बजाय दूसरे व्यक्ति की तस्वीर को टैबलेट (सिस्टम सॉफ्टवेयर) स्वीकार नहीं करता। सिस्टम में ऐसी व्यवस्था है कि निर्धारित माह के भीतर राशन नहीं उठाने पर दूसरे माह लैप्स हो जाता है। उचित मूल्य दुकानों से राशन का आवंटन केवल बीपीएल और एपीएल परिवारों को ही नहीं, बल्कि स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्रों में भी होता है। लॉकडाउन के कारण केद्रों व स्कूलों तक उठाव नहीं होने से सूखा राशन वितरण भी ठप है।

-छह हजार एपीएल परिवार अतिरिक्त

सुविधा लाभ से वंचित में केवल बीपीएल ही नहीं, बल्कि छह हजार एपीएल परिवार भी शामिल हैं। जिले में एपीएल की श्रेणी में 39 हजार परिवार आते हैं। हालांकि, माह के अंत में लॉकडाउन जारी होने के कारण अधिकांश कार्डधारी राशन ले चुके हैं, लेकिन वंचितों को अब भी आस है कि उन्हें आगामी माह चावल मिलेगा। आर्थिक तंगी के दौर में मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए रियायती दर में उपलब्ध चावल सहयोगी है, लेकिन उनके हिस्से का राशन मिलेगा अथवा नहीं, यह खाद्य विभाग की भी जानकारी में नहीं है।

-पहले भी जूझ चुके हैं इस समस्या से

आवंटन की इस तरह की समस्या पहली बार नहीं है, बल्कि इससे पहले भी एक माह का चना दूसरे माह आने पर वितरण संभव नहीं हो पाया है। वजह यह है कि एक साथ दो माह का राशन देने का ऑप्शन सिस्टम में जनरेट नहीं है। आवंटन के ऑनलाइन सिस्टम में स्टॉक में उलटफेर होने की संभावना है। इससे दुकान संचालकों को परेशानी होगी। नागरिक आपूर्ति निगम से सितंबर माह के लिए सभी हितग्राहियों के हिस्से का राशन जारी हो चुका है। शासन से अनुमति और सिस्टम सॉफ्टवेयर में ऑप्शन जोड़ने पर ही वितरण संभव है।

-फैक्ट पᆬाइल

बीपीएल हितग्राही-2,43,000

एपीएल हितग्राही- 39,000

संचालित दुकानें - 452

प्रभावित दुकानें - 96

वर्जन-

कंटेनमेंट जोन में आने वाली राशन दुकानें बंद हैं। ऐसे में कुछ हितग्राहियों को माह का राशन आवंटित नहीं किया जा सका है। सितंबर माह का राशन हितग्राहियों को अक्टूबर में मिले, इसके लिए राज्य शासन से मार्गदर्शन मांगा गया है।

- एके चतुर्वेदी, जिला खाद्य अधिकारी

Posted By: Nai Dunia News Network

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