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0 78 दिन में एक अरब 65 करोड़ की धान खरीदी

0 खरीदी के लिए तीन दिन का समय शेष

पᆬोटो नंबर-16केओ27-

कोरबा (नईदुनिया प्रतिनिधि)। धान खरीदी समापन को महज तीन दिन शेष रह गया है। एक दिसंबर से 16 पᆬरवरी तक 78 दिनों में एक अरब 65 करोड़ की धान खरीदी हो चुकी है। अब तक हुई धान खरीदी में गौर किया जाए तो सबसे अधिक 48 हजार 710 क्विंटल नवापारा रामपुर और सबसे कम 3216 क्विंटल धान मोरगा में खरीदी हुई है। भले ही 20 पᆬरवरी को धान खरीदी बंद हो जाएगा, किंतु किसानों में 2500 रुपये प्रति क्विंटल दाम मिलने की आस अब भी बंधी है।

समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की उल्टी गिनती अब समापन की ओर है। प्रति एकड़ 15 क्विंटल के हिसाब से जिन किसानों ने पूरा धान बेच लिया है, उनका रिकॉर्ड प्रᆬीज किया जा रहा है, जिससे वे उनके नाम धान की अतिरिक्त बिक्री न हो। अब तक कुल 17 हजार 135 लघु-सीमांत किसानों से धान की खरीदी की जा चुकी है। जिले में कुल 20 हजार 679 लघु-सीमांत किसान हैं। इनमें 78 फीसदी छोटे किसानों से समर्थन मूल्य पर धान की खरीदी हो चुकी है। 22 पᆬीसदी धान बेचने से अब भी वंचित हैं। धान खरीदी के समापन तिथि के निकट होने से प्रशासन ने निगरानी बढ़ा दी है। जिले में ढाई एकड़ से कम रकबे वाले 12 हजार 147 लघु सीमांत, ढाई एकड़ से पांच एकड़ रकबा वाले जिले में आठ हजार 622 लघु किसान हैं। जिले में अब तक 22 हजार 660 किसानों से नौ लाख 11 हजार 178 क्विंटल धान समर्थन मूल्य पर खरीदा जा चुका है। जिले में कुल 27 हजार 631 किसानों का पंजीयन धान खरीदी के लिए किया गया है। इस आधार पर जिले में अब तक 4991 पंजीकृत किसान धान बिक्री से वंचित हैं। अनुमान लगाया जा रहा था कि पंचायत चुनाव में धान खरीदी का विपरीत असर पड़ेगा। अनुमान के विपरीत सत्तासीन कांग्रेस सरकार को समर्थन मिला है। अब जीत के बाद किसानों को अतिरिक्त मूल्य भुगतान किए जाने का इंतजार है। जिले में अब तक छह लाख 91 हजार 44 क्विंटल मोटा, 26 हजार 464 क्विंटल पतला, एक लाख 92 हजार 660 सरना, 852 क्विंटल महामाया और 158 क्विंटल एचएमटी धान की खरीदी समर्थन मूल्य पर किसानों से की गई है। उपार्जन केंदों में जिस तादाद में खरीदी हो रही है, उसकी अपेक्षा धान उठाव मंद पड़ गया है। 42 उपार्जन केंद्रों में एक लाख 78 हजार क्विंटल धान अब भी जाम है।

-कर्जदार किसानों की पूछपरख

जिन किसानों ने कर्ज लेकर खेती की है और अभी तक वे उपार्जन केंद्र नहीं पहुंचे हैं, उनकी पूछपरख बढ़ गई है। धान बिक्री के लिए उपार्जन केंद्र प्रभारी किसानों को प्रेरित कर रहे हैं, ताकि बाद में ऋण वसूली के लिए तकादे की जरूरत न पड़े। अब तक 4991 पंजीकृत किसानों ने धान की बिक्री नहीं है। बिक्री करने में शेष रहे गए किसानों में लगभग 3000 किसान ऋणी है। इनमें से कई किसानों की पᆬसल पर अधिक बारिश का असर पड़ा है। लिहाजा वे उपार्जन केंद्र नहीं पहुंचे हैं।

-बड़े किसान भी बिक्री में पीछे

जिले में पांच से दस एकड़ तक रकबा वाले छह हजार 962 बड़े किसानों में से चार हजार 172 किसानों से 48 हजार 378 क्विंटल धान खरीदा गया है। दस से बीस एकड़ रकबे वाले एक हजार 625 पंजीकृत किसानों में से 995 किसानों ने 19 हजार 545 क्विंटल धान समर्थन मूल्य पर बेचा है। जिले में बीस एकड़ रकबे से अधिक के 278 किसान पंजीकृत हैं। इनमें से अब तक 180 किसानों ने दो हजार 745 क्विंटल धान समर्थन मूल्य पर सहकारी समितियों में बिक्री किया है।

-बिचौलियों पर निगरानी सख्त

खरीदी के लिए तीन दिन का समय शेष रह गया है। इस आशय से जिला प्रशासन ने बिचौलियों पर निगरानी सख्त कर दी है। अब तब धान के अवैध परिवहन और भंडारण के 92 प्रकरण दर्ज किया जा चुका है। विभागीय अधिकारियों की मानें तो तो 42 प्रकरणों का निराकरण किया जा चुका है। निराकरण के लिए शेष प्रकरण में भंडारण के लिए रखे धान शामिल हैं। धान खरीदी के लिए नियुक्त नोडल अधिकारियों को अंतिम दिवस 20 पᆬरवरी को केंद्र में उपस्थित रहने कहा गया है।

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पᆬैक्ट पᆬाइल

0 पंजीकृत किसान- 27 हजार 631

0 धान बेचने वाले किसान- 22 हजार 660

0 कुल धान खरीदी क्विंटल में- नौ लाख 11 हजार 178

0 धान की कीमत रुपये में- एक अरब 65 करोड़ 43 लाख 21607

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Posted By: Nai Dunia News Network