कोरबा। नईदुनिया प्रतिनिधि

विद्युत कंपनी में कार्यरत सहायक अभियंताओं की सेप प्रणाली से बिलिंग मॉड्यूल एनएससी मा़ॅड्यूल एवं मटेरियल मॉड्यूल से संबंधित परीक्षा ली जाएगी। इसे लेकर अभियंता नाराज हैं। अभियंताओं ने कहा कि नियम विरुद्ध परीक्षा ली जा रही है। पिछले माह भी परीक्षा की तैयारी शुरू की गई, पर विरोध के चलते स्थगित करना पड़ गया।

विद्युत कंपनी में सेप सिस्टम में कार्य करने हेतु कार्यपालक निदेशक से लेकर कार्यालयीन कर्मचारियों तक विभिन्न आइडी यूजर है जिन्हें कंपनी से समय-समय पर प्रशिक्षण दिया जाता रहा है, किंतु अभी तक किसी भी आइडी यूजर की परीक्षा नहीं ली है। कंपनी ने अब निर्णय लिया है कि केवल उपसंभाग एवं जोन में कार्यरत सहायक अभियंताओं की सेप प्रणाली के बिलिंग मॉड्यूल, एनएससी मॉड्यूल एवं मटेरियल मॉड्यूल से संबंधित परीक्षा ली जाएगी। बताया जा रहा है कि यह परीक्षा पहले दिसंबर माह में आयोजित की गई थी, किन्तु अभियंताओं के विरोध के चलते स्थगित करना पड़ गया। प्रबंधन अब पुनः परीक्षा लेने की कवायद कर रही है और इसके लिए 19 जनवरी की तिथि निर्धारित की गई है। कंपनी ने यह भी स्वीकार किया कि मॉड्यूल पर सहायक अभियंताओं को प्रशिक्षण नहीं दिया गया है, इसलिए कंपनी ने 26 दिसंबर को अधीक्षण अभियंताओं को पत्र लिख कर कहा है कि उक्त परीक्षा से संबंधित विषयानुसार यदि सेप में किसी भी प्रकार के प्रशिक्षण की आवश्यकता होती है, तो मुख्य अभियंता ईआइटीसी कार्यालय से सेप प्रशिक्षण प्राप्त किया जा सकेगा। इस संबंध में विद्युत मंडल पत्रोपाधि अभियंता संघ के वरिष्ठ नेता एनआर छीपा ने बताया कि जनवरी माह में पांच दिन ईआइटीसी की ओर से प्रशिक्षण आयोजित किया गया। प्रशिक्षण के बाद एक फीडबैक परीक्षार्थियों से भराया जा रहा है। उसमें उनकी ओर से स्पष्टतः मांग की जा रही है कि यह प्रशिक्षण पर्याप्त नहीं है और उन्हें प्रशिक्षण की आवश्यता है। उन्होंने कहा कि कंपनी नियम विरुद्ध परीक्षा ले रही है। प्रबंधन केवल उपसंभाग एवं जोन में पदस्थ सहायक अभियंताओं को सेप में किए जाने वाले प्रक्रियाओं से संबंधित कार्य हेतु परीक्षा लेने के लिए अड़ा हुआ है। इससे सहायक अभियंताओं में आक्रोश व्याप्त है। छीपा ने कहा कि उक्त परीक्षा में पुनः विचार कर यदि निरस्त नहीं किया जाता है, तो ऐसी स्थिति में सहायक अभियंता आंदोलन भी कर सकते है। उसके बाद निर्मित होने वाली विषम परिस्थितियों हेतु कंपनी प्रबंधन ही दोषी रहेगा।

Posted By: Nai Dunia News Network

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