कोरबा (नईदुनिया प्रतिनिधि)। जिला पंचायत सदस्य चुनाव के साथ अध्यक्ष के बाद अब उपाध्यक्ष पद के लिए भी दावेदारी का दौर शुरू हो गया है। अजजा महिला आरक्षित क्षेत्रों से जहां अध्यक्ष पद के दावेदारी वाले प्रत्याशियों के लिए कांग्रेस व भाजपा दोनों ही राजनैतिक दलों की प्रतिष्ठा दांव पर लगी हुई है, वहीं एकमात्र सामान्य मुक्त सीट क्षेत्र क्रमांक सात और छह ओबीसी महिला आरक्षित सीट से जीत कर आने वाले प्रत्याशी का नाम उपाध्यक्ष पद के लिए लगभग तय माना जा रहा है। इस बीच भाजपा व कांग्रेस समर्थक आपस में ही प्रतिद्वंद्वी बने हुए हैं। चुनावी प्रचार-प्रसार के लिए स्थानीय नेता शामिल होने के लिए बच रहे हैं, वहीं प्रत्याशियों में नेताओं को साथ लाने के लिए खींचतान की स्थिति है।

जिला पंचायत चुनाव में प्रचार-प्रसार का कार्यक्रम जोर पकड़ चुका है। प्रत्याशी लोक लुभावन वायदों के साथ मतदाताओं को रिझाने की कवायद में जुटे हैं। स्थानीय स्तर पर पंच, सरपंच व जनपद सदस्य के साथ विशेष तौर पर लोगों की नजर जिला पंचायत सदस्य के चुनाव पर लगी हुई है। जिले के 12 क्षेत्रों में आरक्षित सीटों में जहां प्रत्याशियों के बीच घमासान बनी हुई है, वहीं क्षेत्र क्रमांक तीन व सात ऐसे क्षेत्र हैं जहां से प्रतिद्वंद्विता धुरंधरों के बीच होने के कारण इन क्षेत्रो में लोगों की नजरें टिक गई हैं। क्षेत्र क्रमांक तीन से पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष शकुंतला कंवर बतौर प्रत्याशी मैदान में हैं। शकुंतला के मैदान में होने से पूर्व गृहमंत्री ननकीराम कंवर की प्रतिष्ठा दांव में लगी हुई है। यदि शकुंतला इस क्षेत्र से निर्वाचित होती हैं, तो उनका अध्यक्ष बनना लगभग तय माना जा रहा है। इसी क्षेत्र से पुष्पा कंवर भी मैदान में हैं, जो भाजपा के लिए रोड़ा साबित हो सकती हैं। इस क्षेत्र से अन्नपूर्णा राठिया, कमला राठिया के मैदान में होने से राठिया मतदाताओं का वोट आपस में कट सकता है जो कि शकुंतला व पुष्पा के लिए जटिल साबित हो सकता है। उपाध्यक्ष पद पर काबिज होने के लिए जिस तरह से क्षेत्र क्रमांक सात में प्रत्याशियों की खासी तादाद देखी जा रही है, उससे जिले भर में यह क्षेत्र चर्चा का विषय बना हुआ है। इस क्षेत्र से विजय राठौर, मदन राठौर, सुशील शर्मा, प्रेम चंद पटेल, अशोक कुमार देवांगन, ईश्वर सिंह आर्मेक्शन और मीरा रामशरण मैदान में हैं।

एक ही दल के दो प्रत्याशी

भाजपा की ओर से भले ही सूची जारी कर दी गई है, किंतु कांग्रेस ने अधिकृत सूची से किनारा किया है। ऐसे में एक ही दल के दो प्रतिद्वंद्वियों के मैदान में होने से स्थिति कश्मकश की बनी हुई है। एक ओर जहां क्षेत्र क्रमांक सात में कांग्रेस के पूर्व विधायक बोधराम कंवर की बहू मीरा रामशरण अध्यक्ष की दावेदारी लेकर प्रचार-प्रसार कर रही हैं, वहीं इसी दल से वास्ता रखने वाले पूर्व जिला पंचायत सदस्य मदन राठौर मैदान में हैं। इसी तरह ओबीसी आरक्षित सीट क्षेत्र क्रमांक छह से रीना अजय जायसवाल और योगिता कौशिक की दावेदारी पर लोगों में हार-जीत को लेकर कश्मकश की स्थिति बनी हुई है।

हार-जीत से बदलेगा समीकरण

एक ओर जहां क्षेत्र क्रमांक तीन व सात से अध्यक्ष व उपाध्यक्ष पद की चर्चा बनी हुई है, वहीं हार-जीत के बाद समीकरण बदलने के आसार नजर आ रहे हैं। इस कड़ी में गौर किया जाए तो पाली व पोड़ी-उपरोड़ा क्षेत्र से कई नाम पर चर्चा बनी हुई है। जिला पंचायत उपाध्यक्ष के लिए क्षेत्र क्रमांक आठ के प्रत्याशी रघुराज सिंह जो जिले के एमबीए करने वाले प्रथम आदिवासी सरपंच रहे हैं, इनका नाम भी सामने आ रहा है। क्षेत्र क्रमांक 12 से पुनः दावेदारी करने वाली प्रत्याशी अनिता पवन भी उपाध्यक्ष पद के लिए दावेदारी कर सकती हैं। इसी क्षेत्र से देवकी तंवर और नम्रता बाई भी बतौर प्रत्याशी मैदान पर हैं।

Posted By: Nai Dunia News Network

fantasy cricket
fantasy cricket