कोरबा । यह है जिला पुलिस बल कोरबा में तैनात खोजी डॉग बाघा। आपराधिक प्रकरणों को सुलझाने में अहम भूमिका निभा रहा है। इसके चलते बाघा को महज साढ़े तीन साल की उम्र में तीन बार एसपी और एक बार आईजी से अवार्ड मिल चुका है। जिन प्रकरणों को पुलिस के अधिकारी-जवान नहीं सुलझा पा रहे थे ऐसी अनसुलझी गुत्थी को बाघा ने सुलझाया। बाघा 2017 से पुलिस विभाग में है। अब तक 13 चोरी और 6 ब्लाइंड मर्डर का सुराग देने में बाघा ने सफलता हासिल की है।

बीते दिनों राजगामार चौकी क्षेत्र में हुई चोरी के मामले को बाघा ने चंद घंटों में ही सुलझाने में पुलिस की मदद की थी । बाघा के सुराग से ही पुलिस ने आरोपी को पकड़ लिया और चोरी का सामान भी बरामद कर लिया । इसके अलावा जिले में अनेक हत्याओं के मामलों को सुलझाने में खोजी डॉग बाघा की महत्वपूर्ण भूमिका रहती है।

ट्रेनर सुनील बाघा के साथ मिलकर अपराधियों की धरपकड़ में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। दोनों के कार्यों को देखते हुए पुलिस अधीक्षक जितेंद्र सिंह मीणा ने शुक्रवार को पुलिस लाइन में आयोजित परेड में ट्रेनर सुनील व बाघा को इनाम से नवाजा है। इससे पूर्व भी बाघा के कार्यों को लेकर उसकी प्रशंसा होती रही है।

गौरतलब है कि बांगो थाना इलाके में दुष्कर्म कर एक युवती की हत्या कर दी गई थी। घटनास्थल से चार किलोमीटर दूर आरोपित का घर था। बाघा अपने गंध शक्ति से वहां तक पहुँच गया। पुलिस के सामने इस अंधे कत्ल को सुलझाने की बड़ी चुनौती थी।

बाघा की मदद से यह बड़ा मामला सुलझा लिया गया। आम तौर पर डॉग चार किलोमीटर दूर तक गंध के आधार पर नही पहुँच पाता है। बाघा के बहुत कम उम्र में इस तरह की निरंतर उपलब्धि से क्षेत्र में उसे खासी प्रसिद्घि मिल रही है।

Posted By: Nai Dunia News Network