कोरबा (नईदुनिया प्रतिनिधि)। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष लखनलाल देवांगन ने कहा कि धान खरीदी की समय सीमा मात्र दो माह निर्धारित की गई थी और अब मात्र नौ दिन शेष रह गए हैं। बेमौसम बारिश के कारण खरीदी प्रभावित हुई है, इसलिए राज्य सरकार को धान खरीदी की समय सीमा एक माह बढ़ाया जाना चाहिए, ताकि किसान अपना धान बेच सकें।

ट्रांसपोर्ट नगर स्थित भाजपा कार्यालय दीनदयाल कुंज में चर्चा करते हुए भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष देवांगन ने कहा कि शासन द्वारा धान खरीदी के लिए दिसंबर और जनवरी की समय सीमा नियत की गई है। इसमें गत 28-29 दिसंबर व जनवरी के दूसरे सप्ताह में बेमौसम बारिश होने के कारण खरीदी प्रभावित हो गई है। प्रदेश भर के लगभग एक तिहाई से ज्यादा किसान अभी तक अपनी उपज की बिक्री नहीं कर पाए हैं। चूंकि धान खरीदी के लिए समय बहुत कम बचा है ,ऐसी स्थिति में किसानों को धान बिक्री के लिए परेशान होना वाजिब है। परेशान होकर किसान अपने धान को औने- पौने दर पर विक्रय करने के लिए मजबूर हो रहे हैं। इन किसानों की परेशानियों को दृष्टिगत रखते हुए धान खरीदी की समय सीमा में वृद्धि की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि बेमौसम बारिश के कारण रबी फसलें यथा चना ,सरसों, लाख-लाखड़ी आदि का भारी नुकसान होने के कारण किसानों के चेहरे पर चिंता की लकीरें व्याप्त हो गई है। राज्य शासन से मांग है कि भू राजस्व संहिता की धारा (6-4) के तहत राज्य सरकार प्रभावित किसानों को मुआवजा देने की घोषणा करे। इसके साथ ही प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत किसानों के क्षति का आंकलन करा कर मुआवजा दिलाया जाए। इस मौके पर प्रदेश कार्यसमिति सदस्य विकास महतो, भाजपा जिलाध्यक्ष डा राजीव सिंह, मनोज शर्मा, चुलेश्वर राठिया व अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।

यूरिया, पीटाश व डीएपी किसानों को कराए उपलब्ध

भाजपा उपाध्यक्ष देवांगन ने कहा कि राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा गया है। इसमें चालू रबी फसल के लिए किसानों को यूरिया, डीएपी, पोटाश जैसे खाद की उपलब्धता सुनिश्चित कराने का गया है। इसी तरह धान खरीदी नीति के अनुसार उपार्जन केंद्रों से धान का उठाव समयावधि में नहीं हो रहा है। नियमानुसार बफर लिमिट से ज्यादा धान भंडारित होने पर 72 घंटे के अंदर परिवहन किए जाने की अनिवार्यता है। किंतु उसका पालन वर्तमान सरकार द्वारा विगत प्रत्येक वर्षों में नहीं किया जा रहा है। इसके कारण भारी शोर्टेज आने से सहकारी समितियों की आर्थिक स्थिति दिन प्रति दिन कमजोर होती जा रही है। सरकार को धान खरीदी नीति के अनुसार धान का उठाव किए जाने की व्यवस्था करने के लिए निर्देशित किया जाना चाहिए।

Posted By: Nai Dunia News Network

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