कोरबा (नईदुनिया प्रतिनिधि)। सरगबुंदिया निवासी शिक्षक उत्तरा कुमार टंडन ने उरगा थाना में पदस्थ उपनिरीक्षक आरएल डहरिया पर आरोप लगाते हुए कहा कि बेटे को हत्या का मामले में आरोपित बनाने के बजाए गवाही बनाए के नाम पर चार लाख रूपये मांग रहा हैं। इससे पूरा परिवार मानसिक रूप से प्रताड़ित है। राशि नहीं देने पर बर्बाद करने की धमकी दी जा रही है।

तिलक भवन में पत्रकारों से चर्चा करते हुए उत्तरा कुमार ने एसआई के साथ हुई बातचीत का मोबाइल में बनाए गए वीडियों व आडियों रिकार्डिंग को भी सुनाया। उन्होंने कहा कि 16 फरवरी 2019 को पुत्री की शादी थी। बारात घर आई थी, युवा व अन्य लोग नाच रहे थे। इस दौरान विकास अग्रवाल नाचते हुए नीचे गिर गया, वह फिर उठा डांस करने के प्रयास किया। लेकिन पुनः गिरने की नौबत आने पर रिश्तेदारों ने उसे डाक्टर को दिखाया। परीक्षण के बाद उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। जहां डाक्टरों ने परीक्षण के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। उत्तरा कुमार ने कहा कि कई माह बाद तत्कालीन उरगा थाना प्रभारी एसआई राजेश तिवारी ने घटना को संज्ञान लेकर विवेचना किया। इस दौरान मेरा व मेरे पुत्र वैभव टंडन के साथ ही आठ लोगों का बयान दर्ज किया गया। साथ ही शादी का वीडियो, घटना का वीडियो व कैसेट, पेनड्राइव भी जमा कराया गया था। अब लगभग पौने दो वर्ष बाद एसआई आएल डहरिया ने पुनः जांच के नाम पर हमें बुलाया और चार घंटे थाना में बैठा कर रखा। इस दौरान डहरिया ने कहा कि तुम्हारे बेटे पर को धारा 302 के तहत केस बनता है, वह जेल जाएगा। इसके बाद दूसरे दिन जितेंद्र मसीह, सुरेंद्र आजाद, सुरेश अनंत, राजू यादव, वेद प्रकाश व राजेश रात्रे के साथ हमें बुलाया और थाना प्रभारी विजय चेलक के सामने पेश किया। बाद में थाना के पीछे ले जाकर कहा कि मामले में वैभव को आरोपित बनाने के बजाए गवाह बना देंगे। इसके लिए चार लाख रूपये की व्यवस्था करो। मेरे द्वारा समय मांगा गया, तब उसने कहा कि विलंब करने से कोर्ट की अनावश्यक परेशानी झेलनी पड़ेगी। इससे पूरा परिवार काफी मानसिक रूप से प्रताड़ित है, अन्य परेशानी भी उठानी पड़ रही है। उत्तरा कुमार ने कहा कि मामले की लिखित शिकायत एसपी से की गई है। अभी तक इसमें कोई कार्रवाई नहीं हुई। मुझे भय है कि कहीं पुलिस मेरे को या परिवार को गलत आरोप में न फंसा दे। इस दौरान उत्तरा कुमार का पुत्र वैभव भी उपस्थित रहा।

एसआई डहरिया लाइन अटैच, सीएसपी करेंगे जांच

मामला सामने आने पर पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल को संज्ञान लेते हुए नगर पुलिस अधीक्षक कोरबा योगेश साहू को जांच अधिकारी नियुक्त कर मामले से संबंधित सभी पहलुओं पर विस्तृत जांच कर प्रतिवेदन प्रस्तुत करने कहा है। रिपोर्ट के आधार पर आगे कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही एसपी ने उपनिरीक्षक आरएल डहरिया को तत्काल प्रभाव से रक्षित केंद्र कोरबा में अटैच कर दिया है।

Posted By: Nai Dunia News Network

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