कोरबा। पीला श्वेत बटन, उचित सेट जब होय, ईवीएम मशीन से सही वोट तब होय...। इस तरह की कविता के जरिये निर्वाचन में लगे अधिकारी-कर्मचारी जटिल प्रक्रिया और कठिन शासकीय शब्दावली को आसानी से समझ रहे हैं। दरअसल यह प्रयास किया है उमावि पोड़ी के प्राचार्य विश्वनाथ कश्यप ने। उन्होंने 205 पेज की चुनाव निर्देशिका को एक लंबी सरल कविता में पिरोया है। इसके देशज(स्थानीय बोल चाल के शब्द) निर्वाचन कर्मियों को बांधे रखने में सक्षम हैं।

योग्य सरकार का चुनाव तो जनता करती है, पर निर्णय ईवीएम में लॉक करने की सरल तकनीक के पीछे मतदान दलों की कड़ी मेहनत होती है। एक दिन के मतदान के लिए वे एक माह पहले से जुटे रहते हैं। चुनाव दल को चुनाव की जटिल प्रणाली आसानी से समझाने के लिए हायर सेकेंडरी स्कूल लाफा-पोड़ी के प्राचार्य विश्वनाथ कश्यप 'आचार्य" ने 'आनंद ही आनंद चुनाव करवाइए" शीर्षक से एक लंबी कविता लिखी है जो 205 पेज की पूरी चुनाव निर्देशिका है।

इस कविता संग्रह में मुख्यालय से मतदान दल के रवानगी, केंद्र स्थापना, मतदान प्रारंभ करने, सुरक्षित व शांतिपूर्वक निपटान, गोपनीयता का पालन, ईवीएम की सीलिंग व केंद्र वापसी की प्रक्रिया तक को आसानी से समझाया गया है। प्राचार्य कश्यप पिछले 20 वर्ष से हिंदी साहित्य की सेवा-साधना कर रहे हैं। उन्होंने इसी विषय से कला में स्नातकोत्तर, एमफिल व बीएड की डिग्री ली है।

कुछ इस तरह हैं कविताएं

सीयू से मत जारी होवे पीयू से मतदान... वीवीपैट से देख लो, सही हुआ मतदान। काला-पीला श्वेत बटन, उचित सेट जब होय... ईवीएम मशीन से सही वोट तब होय। सही वोट जब होय अधिकारी रेडी लैंप जलाए... बूथ के अंदर मतदाता, खुद नीला बटन दबाए। गर मतदान ड्यूटी लग जाए, सुन प्यारे आनंद ही आनंद चुनाव करवाइए। ईवीएम वोटिंग मशीन आए बड़े प्यारे, सीयू बीयू वीवीपैट मत घबराइए।

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