कोरबा। Korba News : अब जिले में स्वीकृत मेडिकल कालेज शहर के मध्य स्थित लाइवलीहुड कालेज भवन में शुरू किए जाने की तैयारी की जा रही है। आइटी कालेज के भवन के हस्तांतरण की प्रक्रिया में आ रही तकनीकी बाधाओं को देखते हुए प्रशासन ने नया निर्णय लिया है। कलेक्टर के निर्देश पर भवन खाली कराया जा रहा है।

आगामी सत्र से शुरू होने जा रहे कोरबा मेडिकल कालेज में चिकित्सा शिक्षा के साथ जिले के मरीजों को चिकित्सा एवं उपचार की बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी। पहले इसके लिए जिला चिकित्सालय व उसके बाद आइटी कालेज भवन का चिन्हांकन किया गया था। आईटी कालेज का भवन खाली करना टेढ़ी खीर साबित हो रहा था। इसके लिए आखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद की एनओसी की जरूरत थी, जिसमें काफी समय लग जाता और आगामी सत्र में कोरबा मेडिकल कालेज शुरू करने का लक्ष्य पूर्ण नहीं हो पाता।

समस्या को देखते हुए जिला प्रशासन ने कुछ नए भवनों के विकल्प पर विचार किया और जिला कौशल प्रशिक्षण केंद्र (लाइवलीहुड कालेज) के चयन के लिए प्रक्रिया शुरू की। रायपुर से एल टीम ने भवन का निरीक्षण कर सहमती दे दी है और अब इस भवन को खाली कराया जा रहा है। कलेक्टर किरण कौशल के निर्देश पर लाइवलीहुड भवन को सोमवार तक खाली करने वहां की सामग्री व दस्तावेजों को शिफ्ट किया जा रहा है।

अब दिल्ली की टीम के निरीक्षण की प्रतीक्षा

100 सीटों पर एमबीबीएस की पढाई के लिए कोरबा में मेडिकल कालेज शुरू करने की तैयारी जोरों पर है। कालेज के अस्पताल में जांच व उपचार की सुविधा प्राप्त करने वाले मरीजों की यह संख्या, यहां निर्धारित की जाने वाली ओपीडी (बाह्यरोगी विभाग) में शहर, उपनगरों व आस-पास के गांव से यहां अपनी बीमारी का इलाज पाने पहुंचने वालों की होगी।

अगली प्रक्रिया में दिल्ली की टीम निरीक्षण करने पहुंचेगी। यह टीम लाइवलीहुड कालेज भवन में उपलब्ध सुविधा, संसाधनों व आधारभूत संरचनाओं का आंकलन करेगी। प्रथम, द्वितीय या अंतिम वर्ष के अनुरूप क्या-क्या सुविधा होनी चाहिए, नार्म्स के अनुरूप निरीक्षण कर कमियां को दूर करने के लिए समय दिया जाएगा। मापदंड के अनुरूप कमियां दूर होने पर कालेज संचालन की अनुमति मिलगी।

शहर के पास होने से मिलेगी बेहतर चिकित्सा सेवाएं

वर्तमान में जिला अस्पताल की ओपीडी में छह सौ, रानी धनराज कुंवर पीएचसी में पांच सौ और ईएसआइसी विशेष कोविड हास्पिटल को मिलाकर करीब आठ सौ मरीज पंजीकृत हो रहे हैं। मेडिकल कालेज को अपना 1200 मरीजों की ओपीडी का लक्ष्य शहर में ही जुटाना होगा। शहर के पास स्थित होने से मेडिकल कालेज अस्पताल की चिकित्सा सेवाओं का बेहतर लाभ लोगों को मिल सकेगा। बिल्डिंग हेंडओवर की प्रक्रिया जिला प्रशासन पूर्ण करेगी पर उपकरणों की खरीदी या स्टाफ की नियुक्ति समेत ज्यादातर प्रक्रिया रायपुर से ही उच्च स्तर पर पूर्ण करने की कवायद जारी है।

Posted By: Yogeshwar Sharma

नईदुनिया ई-पेपर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे

नईदुनिया ई-पेपर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे

डाउनलोड करें नईदुनिया ऐप | पाएं मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की सभी खबरों के साथ नईदुनिया ई-पेपर,राशिफल और कई फायदेमंद सर्विसेस

डाउनलोड करें नईदुनिया ऐप | पाएं मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की सभी खबरों के साथ नईदुनिया ई-पेपर,राशिफल और कई फायदेमंद सर्विसेस

 
Show More Tags