कोरबा। नईदुनिया प्रतिनिधि

पुलिस की कार्यशैली से असंतुष्ट एक महिला ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय परिसर में जहर का सेवन कर आत्महत्या करने का प्रयास किया। पीड़िता ने तीन तलाक के दर्ज मामले में कार्रवाई करने में हिलहवाला कर रहे रामपुर पुलिस चौकी प्रभारी की शिकायत करने अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के पास पहुंची थी। अधिकारी के तलब करने पर चौकी प्रभारी आरोपित को भी लेकर पहुंचा और यहां वाद विवाद की स्थिति निर्मित हुई। व्यथित महिला पहले से ही अपने साथ चूहा मार दवा लेकर आई थी, जिसे गटक गई। गंभीर अवस्था में उसे उपचार के लिए जिला अस्पताल में दाखिल कराया गया है।

मूलतः सतना की रहने वाली आशिया परवीन (30) का निकाह करीब 10 साल पहले पथर्रीपारा रामपुर में रहने वाले शिक्षक मोहम्मद नियाज खान पिता अब्दुल कादिर (35) के साथ हुआ था। निकाह के बाद से ही दोनों के बीच विवाद की स्थिति निर्मित हो गई और नौबत अलग रहने की आ गई। धारा 498 का मामला भी पुलिस ने नियाज के खिलाफ दर्ज किया था। इस मामले की लंबी चली सुनवाई के बाद 26 अगस्त को कोर्ट ने नियाज को बरी कर दिया। आशिया का आरोप है कि कोर्ट परिसर में ही उसके पति ने मोदी भी मेरा कुछ बिगाड़ नहीं सकता हुआ कहते हुए तीन बार तलाक बोलकर तलाक दे दिया। इसकी शिकायत रामपुर पुलिस चौकी में की गई। चार सितंबर को पुलिस ने नए तलाक अधिनियम 3-5 के तहत नियाज के खिलाफ मामला दर्ज किया। गैर जमानतीय मामला होने के बाद भी पुलिस आरोपित को गिरफ्तार नहीं कर रही थी। इसे लेकर लगातार पुलिस अधिकारियों का चक्कर आशिया काट रही थी। मंगलवार को नियाज को पुलिस की टीम रामपुर चौकी लेकर पहुंची। आशिया भी वहां पहुंच गई, उसके साथ उसकी मामी रजिया शेख भी थी। पीड़िता के परिजनों की मानें तो रामपुर चौकी के प्रभारी राजेश चंद्रवंशी ने आशिया के साथ दुर्व्यवहार किया, इसकी शिकायत करने वह पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंची। पुलिसकर्मियों ने अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक उदय किरण के पास उन्हें भेज दिया। बताया जा रहा है कि शिकायत सुनने के बाद उदय किरण ने रामपुर चौकी प्रभारी को तलब किया। नियाज को लेकर चौकी प्रभारी पहुंचा। यहां अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक दोनों पक्षों की बात सुन रहे थे। इस बीच मोबाइल पर आवश्यक फोन आने पर दोनों पक्षों को बाहर बैठने के लिए कहा गया। परिजनों के अनुसार यहां फिर से आशिया और चौकी प्रभारी के बीच तू-तू, मैं-मैं हुई और आवेश में आकर आशिया दोपहर करीब दो बजे अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के कार्यालय से बाहर निकल चूहा मार दवा का सेवन कर ली। यह देख पुलिस महकमे के हाथ-पांव फूल गए। आनन-फानन में महिला पुलिसकर्मियों की मदद से उसे उपचार के लिए जिला चिकित्सालय भेजा गया। यहां उसकी स्थिति गंभीर बनी हुई है। चिकित्सकों की निगरानी पर उसका उपचार चल रहा है।

आरोपित के साथ नरमी, पीड़िता से बदसलूकी

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के समक्ष पीड़िता आशिया ने रामपुर चौकी प्रभारी राजेश चंद्रवंशी पर आरोपित नियाज खान को प्रश्रय देने का गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि गिरफ्तारी कार्रवाई करने में पिछले कई महीने से टालमटोल कर रहे हैं। कभी कहते थे उनके परिवार के अन्य बच्चे घर में रहते हैं, उनके सामने गिरफ्तार किया जाएगा तो उन पर बुरा असर पड़ेगा, तो कभी कुछ और बहाना बताते। अंततः अभी चौकी लाया गया, पर आरोपित के साथ प्रभारी नरमी से पेश आ रहे थे और हमारे साथ आरोपितों जैसा सलूक किया जा रहा था। यह सुनकर चौकी प्रभारी भी अपनी सफाई दिए। यही नहीं नियाज ने भी 10 साल से उसे व उसके परिवार को प्रताड़ित किए जाने का आरोप मढ़ा। अस्पताल में भी गंभीर अवस्था में आशिया केवल इतना ही कहती रही कि मुझे इंसाफ चाहिए।

अस्पताल में रहा पुलिस का पहरा

आशिया के आत्महत्या के प्रयास किए जाने के बाद से घबराई पुलिस अस्पताल में ही जमी रही। आमतौर पर इस तरह के मामले में पीड़िता को भर्ती कराने के बाद पुलिस मौजूद नहीं रहती, पर मौके पर सिटी कोतवाली टीआइ दुर्गेश शर्मा समेत आधा दर्जन से अधिक पुलिसकर्मी महिला वार्ड के बाहर पूरे टाइम जमे रहे। हर आने-जाने वालों पर पुलिस की नजर रही। हर गतिविधि की जानकारी अपने वरिष्ठ अधिकारियों को देते रहे।

कोर्ट से जमानत निरस्त, आरोपित जेल दाखिल

रामपुर पुलिस ने नियाज खान को गिरफ्तार कर देर शाम को न्यायालय में पेश किया। आशिया के परिजनों की तरफ से उनके अधिवक्ता ने नियाज को जमानत नहीं देने की अपील की। साथ ही प्रताड़ित होकर आशिया के जहर खा लेने की भी जानकारी अदालत के सामने रखी गई। इसके साथ ही कोर्ट ने नियाज की जमानत निरस्त कर दी। आरोपित को जिला जेल दाखिल कर दिया गया है।

सुलगते सवाल

0 इस घटना ने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

0 सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह है कि आखिर रामपुर पुलिस ने आरोपित की गिरफ्तारी में 82 दिन क्यों लगाए?

0 गिरफ्तारी को लंबित रख, क्या सचमुच आरोपित को लाभ पहुंचाने की कोशिश की जा रही थी?

0 क्या रामपुर चौकी में पीड़िता के साथ दुव्यर्वहार किया गया, जिसकी वजह से वह आत्महत्या का प्रयास की?

0 क्या पीड़िता मजिस्ट्रियल बयान दर्ज किया जाएगा?

दुर्व्यवहार किए जाने का आरोप गलत है। प्रार्थिया रामपुर चौकी पहुंची उस वक्त मैं मौजूद नहीं था। अफसर के बुलाने पर एसपी कार्यालय पहुंचा। वहां वह अपनी बातें रखी। तीन तलाक के मामले में विधिवत कार्रवाई की गई है।

- राजेश चंद्रवंशी, प्रभारी, रामपुर चौकी

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पति-पत्नी के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था। तीन तलाक के दर्ज किए गए मामले में मंगलवार को पति की गिरफ्तारी की गई। इसकी सूचना पीड़िता को दी गई। आमने-सामने होने की वजह से कहासुनी हो गई। शायद वह अपने साथ कीटनाशक दवा लेकर आई थी, जिसका सेवन कर ली।

- राहुल देव, सीएसपी कोरबा

Posted By: Nai Dunia News Network

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