कोरबा (नईदुनिया प्रतिनिधि)। एसईसीएल की प्रस्तावित अंबिका खदान के प्रभावितों ने रैली निकाली कर महाप्रबंधक कार्यालय का घेराव किया। प्रभावितों का कहना है कि रोजगार, मुआवजा, बसाहट व आंशिक अधिग्रहण के संबंध में चर्चा कर पहले उनकी मांग पूरी की जाए। इसके बाद ही जमीन में खदान खोलने अनुमति दी जाएगी।

पाली ब्लाक अंतर्गत ग्राम करतली में साउथ इस्टर्न कोलफिल्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) कोरबा क्षेत्र द्वारा ओपनकास्ट अंबिका खदान खोली जा रही है। इस परियोजना के अधिकांश प्रभावितों ने मुआवजा ले लिया है, पर कुछ लोगों ने अभी भी नहीं लिया है। उर्जाधानी भूविस्थापित किसान कल्याण समिति ने प्रभावितों की विभिन्ना मांग को लेकर बुधवार को मुड़ापार से महाप्रबंधक कार्यालय तक रैली निकाली। प्रदर्शन करने के बाद प्रबंधन को ज्ञापन सौंपा। इसमें कहा गया है कि अंबिका खदान के लिए जमीन अधिग्रहण के बाद करतली के ग्रामीण रोजगार, मुआवजा, पुर्नवास व आंशिक अधिग्रहण की समस्या से संघर्ष रहे हैं। इसका प्रबंधन निराकरण नही कर रहा है । करतली के छोटे-बड़े सभी खातेदार बेहतर तरीके से जीवकोपार्जन करते आ रहे हैं। जिला पुर्नवास समिति द्वारा कोल इंडिया पालिसी 2012 लागू करने के बाद छोटे खातेदार रोजगार से वंचित हो गए हैं। ग्राम के 684 खातेदारों के 310 एकड़ जमीन का अर्जन किया गया है, इसमें केवल 59 डिसमिल से अधिक रकबा वाले 155 खातेदार को रोजगार प्रदान किया जा रहा। ग्राम के 529 खातेदार को रोजगार प्रदान नही किया जा रहा है। इसमें लगभग 96-97 प्रतिशत अनुसूचित जनजाति वर्ग से है।

छत्तीसगढ़ राज्य की पुनर्वास नीति को लागू नहीं किया जा रहा है। ग्रामीण शुरू से ही कोल इंडिया पालिसी 2012 का विरोध कर रहे हैं। करताली के लोगों को भूमि एवम अन्य परिसंपत्तियों का मुआवजा भुगतान 2016 के बाद किया गया है। ग्रामीणों को मुआवजा निर्धारण की जानकारी मौखिक रूप से वर्ष 2016 में हुई है । नियमानुसार कोयला मंत्रालय दिल्ली के अनुसार सितंबर 2015 के बाद मुआवजा निर्धारण होने पर लार कानून का पालन करते हुए मुआवजा भुगतान करना था, जो नहीं किया गया है। इस दौरान ब्रृजेश श्रीवास, गजेंद्र सिंह ठाकुर, जयपाल सिंह खुसरो, शंकर सिंह,प्रकाश कोर्राम, ललित महिलांगे नंद कुमार, संतोष चौहान, रामकुमार, बसंत कंवर, सनत राम, सीताराम, शिवनारायण, भोक सिंह, गेंदराम ,बिरजू ,रघुनंदन ,सहस राम, राम कुंवर, बिमला बाई, सुखमती, मीरा बाई, फूल कुंवर, रामायण बाई, राजकुमारी, प्रीतम बाई, रमला बाई ,सुकवारा बाई, राजकुमारी टेकाम, शिवकुमारी, शांति बाई, टिकैटिन बाई, सुमित्रा बाई सलाम, प्रमिला बाई, सीमा मराबी ,जसोदा बाई प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।

Posted By: Nai Dunia News Network

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